धनतेरस 2026: 6 नवंबर को धन, आरोग्य और समृद्धि का पर्व
धनतेरस 2026 शुक्रवार 6 नवंबर को मनाया जाएगा और यह पाँच दिवसीय दीपावली उत्सव का पहला दिन है। यह पर्व धन, आरोग्य और समृद्धि की कामना का प्रतीक है।

धनतेरस 2026 शुक्रवार 6 नवंबर को मनाया जाएगा और यह पाँच दिवसीय दीपावली उत्सव का पहला दिन है। यह पर्व धन, आरोग्य और समृद्धि की कामना का प्रतीक है।
संक्षिप्त उत्तर: धनतेरस 2026 शुक्रवार 6 नवंबर को है और यह दीपावली का पहला दिन है। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और आरोग्य के देवता धन्वंतरि की पूजा होती है। लोग सोना, चाँदी और नए बर्तन खरीदना शुभ मानते हैं।
धनतेरस भारत के सबसे प्रिय पर्वों में से एक है और यह पाँच दिवसीय दीपावली उत्सव का शुभ आरंभ करता है। वर्ष 2026 में धनतेरस शुक्रवार 6 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन को धन, आरोग्य और समृद्धि की कामना का पावन अवसर माना जाता है।
'धन' का अर्थ है संपत्ति और 'तेरस' का अर्थ है त्रयोदशी तिथि। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को यह पर्व आता है। इसे धनत्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है।
धनतेरस 2026 का महत्व
पौराणिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश और आयुर्वेद का ज्ञान लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण धनतेरस को आरोग्य और चिकित्सा के देवता की आराधना का दिन माना जाता है। साथ ही यह दिन माता लक्ष्मी और धन के अधिपति भगवान कुबेर के पूजन का भी है।
यह पर्व हमें यह स्मरण कराता है कि सच्ची समृद्धि केवल धन तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तम स्वास्थ्य, मानसिक शांति और परिवार का कल्याण भी इसमें सम्मिलित है।
दीपावली 2026 का पंचांग
| पर्व | तिथि 2026 |
|---|---|
| धनतेरस | शुक्रवार 6 नवंबर |
| नरक चतुर्दशी / छोटी दीवाली | शनिवार 7 नवंबर |
| दीपावली / लक्ष्मी पूजा | रविवार 8 नवंबर |
| गोवर्धन पूजा / अन्नकूट | सोमवार 9 नवंबर |
| भाई दूज | मंगलवार 10 नवंबर |
धनतेरस की प्रमुख परंपराएँ
धनतेरस पर घर की साफ-सफाई पूरी की जाती है और द्वार पर रंगोली सजाई जाती है। संध्या के समय दीप जलाकर घर-आँगन को प्रकाशमय किया जाता है। मान्यता है कि स्वच्छ और प्रकाशित घर में माता लक्ष्मी का वास होता है।
- माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और धन्वंतरि की विधिवत पूजा करना
- सोना, चाँदी, नए बर्तन या धातु की वस्तुएँ खरीदना
- मुख्य द्वार और तुलसी के पास दीप प्रज्वलित करना
- यमराज के निमित्त दक्षिण दिशा में दीपदान करना
- घर की साफ-सफाई और रंगोली से सजावट
शुभ खरीदारी की परंपरा
धनतेरस पर कुछ नया खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह घर में समृद्धि के आगमन का प्रतीक है। परंपरागत रूप से लोग सोना, चाँदी, पीतल और स्टील के बर्तन खरीदते हैं। आजकल कई परिवार वाहन, बिजली के उपकरण या घरेलू सामान भी इसी दिन लेना पसंद करते हैं।
शुभ खरीदारी करते समय अपने बजट का ध्यान रखें और सोच-समझकर व्यय करें। पर्व का मूल भाव भौतिक संग्रह नहीं, बल्कि कृतज्ञता और शुभकामना है।
धनतेरस पूजा विधि
- स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को शुद्ध करें
- एक चौकी पर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
- दीप जलाएँ, धूप-अगरबत्ती लगाएँ तथा पुष्प, अक्षत और मिठाई अर्पित करें
- आरोग्य की कामना के लिए भगवान धन्वंतरि का स्मरण एवं ध्यान करें
- नई खरीदी वस्तुओं को पूजा स्थल पर रखकर आशीर्वाद लें
- परिवार सहित आरती करें और प्रसाद वितरित करें
मंत्र और आराधना
पूजा के समय माता लक्ष्मी के लिए 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' जैसे प्रसिद्ध मंत्र का जप किया जाता है। धन के अधिपति भगवान कुबेर के मंत्रों का उच्चारण और भगवान धन्वंतरि का ध्यान भी शुभ माना जाता है। श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ किया गया सरल मंत्र-जप भी पूर्ण फलदायी होता है।
धन्वंतरि की आराधना — आरोग्य का आशीर्वाद
भगवान धन्वंतरि को देवताओं का वैद्य और आयुर्वेद का जनक माना जाता है। धनतेरस पर उनकी आराधना का उद्देश्य परिवार के लिए उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करना है। यह पर्व हमें स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन मानने की प्रेरणा देता है।
सुरक्षित और शुभ पर्व के सुझाव
- तिथिशुक्रवार 6 नवंबर 2026
- तिथि नामकार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
- आराध्य देवलक्ष्मी, कुबेर, धन्वंतरि
- मुख्य भावधन, आरोग्य और समृद्धि
पर्व के दौरान दीप और मोमबत्तियाँ सुरक्षित स्थान पर रखें और बच्चों की देखभाल करें। पटाखों का सीमित उपयोग करें और पर्यावरण का ध्यान रखें। शुभ मुहूर्त और स्थानीय आयोजनों की सटीक जानकारी के लिए अपने निकट के मंदिर या पंचांग से पुष्टि अवश्य करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
धनतेरस 2026 कब है?
धनतेरस 2026 शुक्रवार 6 नवंबर को मनाया जाएगा। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आता है और पाँच दिवसीय दीपावली उत्सव का पहला दिन है।
धनतेरस पर किन देवताओं की पूजा होती है?
इस दिन मुख्य रूप से माता लक्ष्मी, धन के अधिपति भगवान कुबेर और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। साथ ही भगवान गणेश का भी पूजन शुभ माना जाता है।
धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
परंपरागत रूप से सोना, चाँदी और नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। कई लोग धातु की वस्तुएँ, घरेलू सामान या वाहन भी इस दिन खरीदते हैं। अपने बजट के अनुसार ही खरीदारी करें।
धनतेरस और दीपावली में क्या संबंध है?
धनतेरस दीपावली के पाँच दिवसीय उत्सव का पहला दिन है। इसके बाद नरक चतुर्दशी, मुख्य दीपावली-लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा और भाई दूज आते हैं।
भगवान धन्वंतरि कौन हैं?
भगवान धन्वंतरि देवताओं के वैद्य और आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं। समुद्र मंथन के समय वे अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। धनतेरस पर उनकी आराधना उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए की जाती है।
धनतेरस पूजा कैसे करें?
स्वच्छ होकर पूजा स्थल पर लक्ष्मी, गणेश और कुबेर की स्थापना करें। दीप जलाकर पुष्प, अक्षत और मिठाई अर्पित करें, मंत्र-जप करें और परिवार सहित आरती कर प्रसाद वितरित करें।
धनतेरस पर दीप क्यों जलाए जाते हैं?
संध्या के समय घर के द्वार और दक्षिण दिशा में दीप जलाना शुभ माना जाता है। यह अंधकार पर प्रकाश की विजय तथा घर में समृद्धि और मंगल के आगमन का प्रतीक है।
मुझे धनतेरस 2026 के सटीक मुहूर्त की जानकारी कहाँ से मिलेगी?
शुभ मुहूर्त स्थान और पंचांग के अनुसार भिन्न होता है। सटीक समय और स्थानीय आयोजनों की जानकारी के लिए अपने निकट के मंदिर, पुरोहित या विश्वसनीय पंचांग से पुष्टि करें।

