श्रावण पूर्णिमा — श्रावण की पूर्णिमा — वैदिक परंपरा के सर्वाधिक पवित्र दिनों में से एक है। 2026 में यह 28 अगस्त को है। उसी दिन वेद उपाकर्म (जनेऊ नवीनीकरण), गायत्री जप, हयग्रीव जयंती व भाई-बहनों हेतु रक्षा बंधन। यह श्रावण मास 2026 का शिखर दिन है।

श्रावण पूर्णिमा 2026 तिथि

  • तिथि: 28 अगस्त 2026 (श्रावण पूर्णिमा; पूर्णिमा ~प्रातः 9:48 पर समाप्त)
  • आयोजन: ऋग्/यजुर् वेद उपाकर्म (अवनि अवित्तम), गायत्री जप (जंध्याल पूर्णिमा), हयग्रीव जयंती, रक्षा बंधन
  • विदेश में: उपाकर्म मुहूर्त स्थानीय मंदिर/पुरोहित से पुष्टि करें

वेद उपाकर्म (अवनि अवित्तम)

उपाकर्म वेदाध्ययन का वार्षिक पुनः-संकल्प है। ऋग् व यजुर् वेदी उत्सर्जन (पिछले वर्ष के अध्ययन का विराम) व उपाकर्म (पुनः आरंभ) करते हैं। कामोकार्षीत् प्रायश्चित्त जप व संकल्प के बाद नया यज्ञोपवीत धारण कर ब्रह्मयज्ञ व वेद पाठ पुनः आरंभ करते हैं।

गायत्री जप व हयग्रीव जयंती

उपाकर्म के अगले दिन गायत्री मंत्र का 1008 बार जप किया जाता है — गायत्री जप, तेलुगु में जंध्याल पूर्णिमा। वही पूर्णिमा हयग्रीव जयंती है — चुराए गए वेदों को पुनः लाने वाले अश्वमुख विष्णु-स्वरूप का, वेदों व विद्या को समर्पित दिन पर आवाहन उपयुक्त है।

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अनुष्ठान व विधि

  1. स्नान, संकल्प; पात्र जन पुरोहित के साथ उत्सर्जन व उपाकर्म करें।
  2. कामोकार्षीत् जप, नया यज्ञोपवीत व ब्रह्मयज्ञ।
  3. अगले दिन गायत्री जप (1008 बार) पूर्ण करें।
  4. ज्ञान हेतु हयग्रीव पूजा; विद्यार्थी विद्या हेतु प्रार्थना करें।

मंत्र

गायत्री: ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् · oṃ bhūr bhuvaḥ svaḥ…

हयग्रीव: ॐ श्री हयग्रीवाय नमः · oṃ śrī hayagrīvāya namaḥ — ज्ञान व निर्मल बुद्धि हेतु।

प्रवासियों हेतु

यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएई व जर्मनी में मंदिर व वैदिक समूह श्रावण पूर्णिमा पर पुरोहितों के साथ उपाकर्म करते हैं; अगले दिन कई लोग घर पर गायत्री जप करते हैं। विद्यार्थी हयग्रीव से विद्या हेतु प्रार्थना करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रावण पूर्णिमा 2026 कब है?

श्रावण पूर्णिमा 2026 — 28 अगस्त (पूर्णिमा लगभग प्रातः 9:48 पर समाप्त) — रक्षा बंधन के ही दिन।

उपाकर्म क्या है?

उपाकर्म (अवनि अवित्तम) यज्ञोपवीत (जनेऊ) का वार्षिक नवीनीकरण: ऋग् व यजुर् वेदी उत्सर्जन व उपाकर्म कर, कामोकार्षीत् जप से प्रायश्चित्त, नया यज्ञोपवीत धारण कर वेदाध्ययन पुनः आरंभ करते हैं।

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गायत्री जप क्या है?

उपाकर्म के अगले दिन गायत्री मंत्र का 1008 बार जप (गायत्री जप / जंध्याल पूर्णिमा) — आध्यात्मिक साधना के नवीनीकरण हेतु।

हयग्रीव जयंती क्या है?

चुराए गए वेदों को पुनः लाने वाले अश्वमुख विष्णु-स्वरूप हयग्रीव का जन्म दिवस — वेद उपाकर्म के दिन हेतु उपयुक्त; ज्ञान व विद्या हेतु आराधना।

मुख्य बिंदु

  • श्रावण पूर्णिमा 2026: 28 अगस्त।
  • वेद उपाकर्म (नया यज्ञोपवीत), गायत्री जप व हयग्रीव जयंती।
  • रक्षा बंधन भी; गायत्री का 1008 बार जप।

देखें: श्रावण मास 2026पुत्रदा एकादशी 2026