रक्षा बंधन — राखी पूर्णिमा — श्रावण पूर्णिमा पर भाई-बहन के स्नेह-बंधन का उत्सव है। 2026 में यह शुक्रवार, 28 अगस्त को है। वही पूर्णिमा वेद उपाकर्म व गायत्री जप भी है — श्रावण मास 2026 में।

रक्षा बंधन 2026 तिथि

  • तिथि: शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 (श्रावण पूर्णिमा)
  • मुहूर्त: भद्रा छोड़कर शुभ मुहूर्त में राखी बाँधें — अपने नगर का समय देखें
  • आज ही: हयग्रीव जयंती, ऋग्/यजुर् वेद उपाकर्म (अवनि अवित्तम), गायत्री जप / जंध्याल पूर्णिमा

महत्व

रक्षा बंधन अर्थात् "रक्षा का बंधन"। बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधकर उसके कल्याण की कामना करती है; भाई उपहार देकर आजीवन रक्षा का वचन देता है। भाई-बहन से परे राखी सद्भाव व कर्तव्य का पवित्र धागा है — पुरोहित व बड़ों को भी आशीर्वाद रूप में बाँधते हैं।

कथा

अनेक कथाएँ: द्रौपदी ने अपनी साड़ी फाड़कर कृष्ण की घायल उँगली पर बाँधी, कृष्ण ने उसकी रक्षा का वचन दिया; देवी लक्ष्मी ने राजा बलि को राखी बाँधकर विष्णु को मुक्त कराया; इंद्राणी ने युद्ध से पूर्व इंद्र को रक्षा-सूत्र बाँधा। हर कथा रक्षा व प्रेम को बाँधने वाले धागे की है।

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अनुष्ठान व विधि

  1. राखी, कुमकुम, अक्षत, दीप व मिठाई से थाली सजाएँ।
  2. बहन तिलक व आरती कर मुहूर्त में भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बाँधती है।
  3. रक्षा मंत्र; भाई उपहार व रक्षा का वचन देता है।
  4. मिठाई बाँटें; कई परिवार इस पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा/वेद उपाकर्म करते हैं।

मंत्र

रक्षा मंत्र: येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥ · yena baddho balī rājā…

प्रवासी रक्षा बंधन कैसे मनाते हैं

यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएई व जर्मनी में परिवार राखियाँ भेजते/बाँधते हैं (विदेश में भाइयों को सप्ताहों पहले डाक से), मंदिर श्रावण पूर्णिमा पर उपाकर्म व सत्यनारायण पूजा करते हैं। वीडियो कॉल पर राखी बाँधना महाद्वीपों के पार बंधन बनाए रखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रक्षा बंधन 2026 कब है?

रक्षा बंधन 2026 — शुक्रवार, 28 अगस्त (श्रावण पूर्णिमा)। राखी सदा शुभ मुहूर्त में (भद्रा छोड़कर) बाँधें — अपने नगर का मुहूर्त देखें।

रक्षा बंधन का अर्थ क्या है?

"रक्षा बंधन" अर्थात् रक्षा का बंधन: बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है, भाई उसकी रक्षा का वचन देता है — भाई-बहन के बंधन का उत्सव।

श्रावण पूर्णिमा पर और क्या आता है?

वही पूर्णिमा राखी पूर्णिमा, हयग्रीव जयंती, ऋग्/यजुर् वेद उपाकर्म (अवनि अवित्तम) व गायत्री जप / जंध्याल पूर्णिमा भी है।

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राखी बाँधने का मंत्र क्या है?

"येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥" — राजा बलि पर बँधे रक्षा-बंधन का आवाहन।

मुख्य बिंदु

  • रक्षा बंधन 2026: शुक्रवार, 28 अगस्त (श्रावण पूर्णिमा)।
  • रक्षा का भाई-बहन बंधन; मुहूर्त में राखी बाँधें।
  • उसी दिन: वेद उपाकर्म व गायत्री जप।

देखें: श्रावण मास 2026कृष्ण जन्माष्टमी 2026