महालया अमावस्या 2026 — तिथि (21 सितंबर), पितृ पक्ष समापन, तर्पण विधि और एनआरआई गाइड
महालया अमावस्या 2026 सोमवार 21 सितंबर को है — वर्ष का सबसे शक्तिशाली श्राद्ध दिन। पितृ पक्ष पूर्णता, दैनिक तर्पण विधि, मंत्र, भोजन अर्पण और एनआरआई पूर्वज पूजा की पूर्ण गाइड।

महालया अमावस्या 2026 सोमवार 21 सितंबर को है — वर्ष का सबसे शक्तिशाली श्राद्ध दिन। पितृ पक्ष पूर्णता, दैनिक तर्पण विधि, मंत्र, भोजन अर्पण और एनआरआई पूर्वज पूजा की पूर्ण गाइड।
महालया अमावस्या हिंदू कैलेंडर का सबसे आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली पूर्वज पूजा (पितृ तर्पण) दिन है। यह 15-दिवसीय पितृ पक्ष की समाप्ति को चिह्नित करता है।
2026 में, महालया अमावस्या सोमवार, 21 सितंबर (भाद्रपद अमावस्या) को है।
बंगाल में, इस दिन को महालया भी कहा जाता है — जब देवी दुर्गा को अपने स्वर्गीय निवास से बुलाया जाता है।
महालया अमावस्या 2026 — मुख्य विवरण
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| तिथि | सोमवार, 21 सितंबर 2026 |
| तिथि | भाद्रपद अमावस्या |
| पितृ पक्ष दिन | 15 (अंतिम और सबसे शक्तिशाली) |
| तर्पण दिशा | दक्षिण (यम दिशा) |
| तर्पण समय | कुतुप मुहूर्त (~11:30 AM से 12:30 PM) |
महालया अमावस्या सबसे शक्तिशाली श्राद्ध दिन क्यों है
- सार्वभौमिक श्राद्ध दिन: जो अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि नहीं जानते, वे इस दिन श्राद्ध कर सकते हैं।
- पितृ विसर्जन: पूर्वजों के पृथ्वी छोड़ने और पितृ लोक लौटने का दिन।
- अमावस्या + पितृ पक्ष संयोजन: साल का सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक प्रवाह।
- देवी पक्ष शुरू: बंगाल में देवी दुर्गा का अवतरण।
पितृ तर्पण विधि (चरण-दर-चरण)
- सूर्योदय से पहले स्नान। गंगा जल के साथ ठंडे पानी से।
- सफेद/क्रीम साफ कपड़े पहनें।
- दक्षिण दिशा का सामना करते हुए साफ चटाई पर बैठें।
- संकल्प: "मैं अपने पितृओं की संतुष्टि के लिए यह तर्पण करता हूँ।"
- काले तिल + पानी + कच्चा उड़द दाल + दूर्वा घास तैयार करें।
- पानी + तिल + दाल मिलाएं। तीन-गुना तर्पण:
- क) देवताओं के लिए — पूर्व दिशा, उंगलियों के अग्र भाग से
- ख) ऋषियों के लिए — उत्तर दिशा, उंगलियों के आधार से
- ग) पितृओं के लिए — दक्षिण दिशा, अंगूठे और तर्जनी के बीच से
- नाम: पितृओं के लिए जल डालते समय पिता, माँ, दादा, दादी के नाम पुकारें।
- पकाया भोजन प्रसाद के रूप में।
- दूसरों को खिलाएं: ब्राह्मण, अजनबी, गरीब, गाय, कुत्ता, या कौवा को भोजन अर्पित करें।
- दान करें: कपड़े, पैसा, भोजन गरीब को दें।
महालया मंत्र
पितृ तर्पण मंत्र
ॐ पितृभ्यः नमः
Om Pitribhyo Namah (108 बार)
पितृ स्तोत्र
ॐ पितृ देवताभ्यो नमः ।
मातृ देवताभ्यो नमः ।
आचार्य देवताभ्यो नमः ॥
महालया भोजन अर्पण
पारंपरिक भोजन: खीर, पूड़ी, काले उड़द दाल, चावल + इमली, कद्दू सब्जी, कद्दू, नारियल, खजूर, केला, कच्चा चावल, तिल लड्डू, मधुपर्क।
बचें: प्याज, लहसुन, बैंगन, मछली, मांस, अंडे, शराब, प्रसंस्कृत भोजन।
एनआरआई के लिए महालया अमावस्या
- जल्दी उठें और इरादे से स्नान करें।
- पूर्ण तर्पण नहीं कर सकते? अपने रसोई सिंक या आंगन में काले तिल के साथ सरल जल अर्पण (दक्षिण की ओर)।
- पकाएं सरल सात्त्विक भोजन और मानसिक रूप से पूर्वजों को अर्पित करें।
- पूर्वजों के नाम में दान करें — अक्षय पात्र, BAPS, ISKCON, या किसी फूड बैंक को।
- गया, काशी, त्रिवेणी संगम के प्रामाणिक पुजारियों से ऑनलाइन तर्पण बुकिंग।
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ॐ पितृभ्यः नमः
