शरद पूर्णिमा हिंदू कैलेंडर की सबसे दिव्य पूर्ण-चंद्र रातों में से एक है — जब चंद्रमा अपनी अधिकतम चमक तक पहुंचता है और देवी लक्ष्मी पूछती हैं "को जागृति?" (कौन जागृत है?)।

2026 में, शरद पूर्णिमा सोमवार, 5 अक्टूबर को है। कोजागरी पूजा, रास पूर्णिमा (कृष्ण भक्त), और कुमुदा पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

शरद पूर्णिमा 2026 — मुख्य विवरण

पहलूविवरण
तिथिसोमवार, 5 अक्टूबर 2026
तिथिअश्विन शुक्ल पूर्णिमा
प्राथमिक देवीदेवी लक्ष्मी (कोजागरी लक्ष्मी)
विशेष विश्वासचंद्रमा अमृत किरणें छोड़ता है; खीर अमृत अवशोषित करती है

शरद पूर्णिमा कथा

दो बहनें थीं। बड़ी बहन शरद पूर्णिमा व्रत हर वर्ष करती थी; छोटी कभी नहीं। बड़ी के बच्चे स्वस्थ बढ़े, छोटी के मर गए। ऋषि सलाह: "अपनी बहन की तरह व्रत करो।" छोटी बहन ने व्रत किया — उसके अगले बच्चे जीवित और समृद्ध रहे।

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एक और कहानी: इस रात भगवान कृष्ण ने वृंदावन में गोपियों के साथ अपना अनंत महा रास नृत्य किया।

शरद पूर्णिमा पूजा विधि घर पर

  1. सूर्यास्त: घर साफ करें। घी का दीप जलाएं।
  2. खीर बनाएं (चावल + दूध + चीनी)।
  3. चांदी या तांबे के पात्र में खीर डालें। चांदनी में रखें (बालकनी/टेरेस)।
  4. पतले मलमल से ढकें।
  5. 3-4 घंटे (या रात भर) के लिए छोड़ें।
  6. जागते रहें — भजन, लक्ष्मी स्तोत्र, मंत्र जपें।
  7. मध्यरात्रि लक्ष्मी पूजा — फूल, अक्षत, चंदन, खीर अर्पित करें।
  8. सुबह अमृत-खीर प्रसाद के रूप में खाएं और परिवार को बांटें।

शरद पूर्णिमा मंत्र

कोजागरी लक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

शरद पूर्णिमा चंद्र मंत्र: ॐ चन्द्राय नमः

चांदनी खीर के स्वास्थ्य लाभ

  • शरीर की गर्मी कम करें (पित्त दोष संतुलन)
  • पाचन सुधारें
  • सूजन, एलर्जी, अस्थमा कूल करें
  • हार्मोन संतुलन
  • दृष्टि सुधारें

एनआरआई के लिए

  • अपने शहर के लिए चांदनी समय जांचें।
  • खीर सीधे चांदनी में बालकनी, टेरेस, खिड़की पर रखें।
  • पतले कपड़े से ढकें।
  • कम से कम 2-3 घंटे जागते रहें।
  • सुबह खीर बांटें।

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