अनंत चतुर्दशी 2026 — तिथि (5 सितंबर), 14-गाँठ विष्णु सूत्र पूजा विधि, मंत्र और एनआरआई गाइड
अनंत चतुर्दशी 2026 शनिवार 5 सितंबर को है — पवित्र विष्णु अनंत सूत्र पूजा + गणेश विसर्जन दिन। 14-गाँठ अनंत सूत्र, पांडव कथा, पूजा विधि, मंत्र और एनआरआई पालन की पूर्ण गाइड।

अनंत चतुर्दशी 2026 शनिवार 5 सितंबर को है — पवित्र विष्णु अनंत सूत्र पूजा + गणेश विसर्जन दिन। 14-गाँठ अनंत सूत्र, पांडव कथा, पूजा विधि, मंत्र और एनआरआई पालन की पूर्ण गाइड।
अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु के अनंत (अनंत) रूप को समर्पित गहरा पवित्र दिन है। 2026 में, अनंत चतुर्दशी शनिवार, 5 सितंबर को है।
यह 10-दिवसीय गणेश उत्सव का भव्य समापन दिन भी है — गणेश विसर्जन (इमर्शन) जुलूस के साथ।
अनंत चतुर्दशी 2026 — मुख्य विवरण
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| तिथि | शनिवार, 5 सितंबर 2026 |
| तिथि | भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी |
| प्राथमिक देवता | भगवान विष्णु (अनंत रूप) |
| साथी त्योहार | गणेश विसर्जन (10-दिवसीय गणेश उत्सव बंद) |
| व्रत प्रकार | अनंत व्रत — 14-गाँठ पवित्र धागा |
| 14 गाँठ अर्थ | 14 लोक / दुनिया |
अनंत चतुर्दशी की कहानी — पांडवों का नुकसान
कौरवों से अपना राज्य खोने के बाद, पांडव वनवास में रहे। उनके अंधेरे समय में, भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को अनंत व्रत करने की सलाह दी।
कृष्ण ने समझाया: "अनंत वही विष्णु हैं जो अनंत रूप में हैं, जो ब्रह्मांडीय महासागर में शेषनाग (अनंत नाग) पर विश्राम करते हैं। 14-गाँठ धागे के साथ उनकी पूजा करें, और वे आपके भाग्य को बहाल करेंगे।"
पांडवों ने अनंत व्रत किया। उनका भाग्य पलट गया — वे अंततः अपना राज्य वापस जीते। यही कारण है कि अनंत चतुर्दशी उन लोगों के लिए विशेष रूप से शक्तिशाली है जो धन, स्थिति, या आशा खो चुके हैं।
अनंत सूत्र — 14-गाँठ पवित्र धागा
अनंत सूत्र 14 गाँठों वाला पवित्र कपास/रेशम धागा है जो 14 लोकों का प्रतिनिधित्व करता है। धागा केसर पानी में डुबोया जाता है, पूजा की जाती है, और फिर बांधा जाता है:
- पुरुष: दाहिनी ऊपरी बाह
- महिला: बायीं ऊपरी बाह
धागा 14 दिनों के लिए पहना जाता है — विष्णु की निरंतर सुरक्षा का प्रतीक।
अनंत चतुर्दशी पूजा विधि घर पर
- स्नान: सूर्योदय से पहले, गंगा जल मिले पानी में स्नान।
- संकल्प: भक्ति से अनंत व्रत करने का व्रत।
- स्थापना: विष्णु मूर्ति, लाल/पीले कपड़े वाली लकड़ी का तख्ता।
- धागा तैयारी: 14-गाँठ धागा केसर पानी में डुबोएं।
- विष्णु पूजा: पंचामृत अभिषेक, पीले फूल, तुलसी पत्ते अर्पित करें।
- नैवेद्य: 14 मोदक/लड्डू या 14 फल।
- मंत्र: विष्णु सहस्रनाम या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" 108 बार।
- धागा बांधें: प्रार्थना करें और अनंत सूत्र बांधें।
- आरती: घी का दीप।
अनंत चतुर्दशी मंत्र
विष्णु अनंत मंत्र: ॐ अनंताय नमः
अनन्तानन्त रूपाय अनन्त गुणाय च ।
अनन्तायैव देवाय अनन्ताय नमो नमः ॥
गणेश विसर्जन अनंत चतुर्दशी पर
महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में अनंत चतुर्दशी गणेश विसर्जन दिन है। अनुष्ठान:
- अंतिम सुबह की आरती
- जल निकाय (नदी, समुद्र) तक जुलूस
- अंतिम प्रार्थना, प्रसाद वितरण
- इमर्शन (विसर्जन) मंत्र: "गणपति बप्पा मोरया, पुढ़ल्या वर्षी लवकर या"
एनआरआई के लिए
- घर पर 14-गाँठ अनंत सूत्र बनाएं (कपास धागा + केसर पानी)।
- विष्णु पूजा वेदी उपलब्ध मूर्ति या मुद्रित चित्र के साथ।
- विष्णु सहस्रनाम जपें।
- गणेश विसर्जन: बड़े घरेलू टब या मिट्टी गणेश के साथ।
- पड़ोसियों को मोदक/लड्डू वितरित करें।
सम्बंधित पठन
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय | ॐ अनंताय नमः
