दशहरा / विजयादशमी 2026 — बुध 30 सितंबर: तिथि, विजय मुहूर्त, शमी पूजा, आयुध पूजा और रावण दहन
दशहरा 2026 बुधवार 30 सितंबर को है। विजय मुहूर्त, प्रमुख शहरों में रावण दहन समय, शमी पूजा, आयुध पूजा, राज्यवार परंपराएँ (मैसूर दसरा, कुल्लू, बंगाल) और NRI मार्गदर्शन।

दशहरा 2026 बुधवार 30 सितंबर को है। विजय मुहूर्त, प्रमुख शहरों में रावण दहन समय, शमी पूजा, आयुध पूजा, राज्यवार परंपराएँ (मैसूर दसरा, कुल्लू, बंगाल) और NRI मार्गदर्शन।
दशहरा 2026 (विजयादशमी) बुधवार, 30 सितंबर 2026 को है। शारदीय नवरात्रि की समाप्ति और असत्य पर सत्य की विजय का पर्व — भगवान राम द्वारा रावण वध और माँ दुर्गा द्वारा महिषासुर वध की स्मृति में मनाया जाता है। इस लेख में तिथि, विजय मुहूर्त, अनुष्ठान, प्रमुख शहरों में रावण दहन समय, नौ राज्यों की परंपराएँ और NRI गाइड।
तिथि
दशहरा 2026: बुधवार, 30 सितंबर 2026।
दशमी तिथि आरंभ: मंगल 29 सितं शाम ~6:00 IST।
दशमी तिथि समाप्त: बुध 30 सितं शाम ~5:30 IST।
विजय मुहूर्त: बुध 30 सितं दोपहर ~2:00 से 3:00 IST — यह सबसे शुभ काल है नए कार्य/शस्त्र पूजा/यात्रा के लिए।
रावण दहन: शाम सूर्यास्त के बाद, प्रत्येक शहर में स्थानीय समय।
दशहरा क्यों?
दशहरा दो कथाओं का पर्व है:
- राम विजय: इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया, अयोध्या की ओर प्रस्थान किया (जो दीपावली पर पूरा हुआ)।
- दुर्गा विजय: इस दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध किया — नौ रात्रि के महायुद्ध का समापन।
दोनों कथाएँ एक ही सार बताती हैं: असत्य पर सत्य, अंधकार पर प्रकाश, अधर्म पर धर्म की विजय।
दशहरा 2026 पूजा विधि
- प्रातः स्नान।
- शमी वृक्ष (जामिन/जामी) की पूजा — अर्जुन ने अज्ञातवास के समय अपने शस्त्र इसी पर छिपाए थे।
- शस्त्र पूजा (आयुध पूजा) — घर के औजार, वाहन, कंप्यूटर, कलम आदि की पूजा।
- विजय मुहूर्त (~2-3 PM) में नए कार्य/शिक्षा आरंभ (कई परिवारों में विद्यारंभ)।
- शाम को सामुदायिक रावण दहन, आतिशबाजी।
- नीलकंठ पक्षी दर्शन शुभ माना जाता है।
- बुज़ुर्गों के चरण स्पर्श; शमी के पत्ते बाँटें।
भारत के प्रमुख शहरों में रावण दहन (30 सितं 2026 — अनुमानित)
- दिल्ली — रामलीला मैदान, लाल किला, द्वारका: 6:30-8:00 PM
- लखनऊ — ऐशबाग: 6:00-7:30 PM
- वाराणसी — रामनगर की रामलीला (मासिक कार्यक्रम): शाम 6:30 PM
- मुंबई — शिवाजी पार्क: 6:45-8:15 PM
- चंडीगढ़ — परेड ग्राउंड: 6:30-8:00 PM
- जयपुर — रामनिवास बाग: 6:30-7:45 PM
- भोपाल — नेहरू पार्क: 6:30-7:45 PM
- हैदराबाद — LB स्टेडियम/जिला मैदान: 6:30-8:00 PM
राज्यवार दशहरा परंपराएँ
- मैसूर (कर्नाटक): मैसूर दसरा — शाही जुलूस, चामुंडेश्वरी हाथी शोभा यात्रा, प्रकाश-सज्जित पैलेस।
- कुल्लू (हिमाचल): कुल्लू दशहरा — रावण दहन नहीं (क्योंकि यहाँ रावण की पूजा होती है)। रघुनाथ जी की रथयात्रा।
- बंगाल: विजयदशमी दुर्गा पूजा का समापन — सिंदूर खेला और दुर्गा विसर्जन।
- गुजरात/महाराष्ट्र: घर पर शमी पत्र आदान-प्रदान; रावण दहन।
- तमिलनाडु: विजयदशमी विद्यारंभ — बच्चों की पहली अक्षर शिक्षा।
- केरल: विद्यारंभम — पहली अक्षर शिक्षा माँ सरस्वती के आशीर्वाद से।
- आंध्र/तेलंगाना: जम्मी पत्र आदान-प्रदान — अर्जुन-शमी कथा से।
दशहरा के 3 मुख्य अनुष्ठान
1. शमी पूजा / जम्मी पूजा: शमी वृक्ष पर पूजा — घर के पुरुष सदस्य पीले वस्त्र में। पत्ते तोड़कर वापस लाते हैं और बुज़ुर्गों/मित्रों को बाँटते हैं।
2. आयुध पूजा / शस्त्र पूजा: घर के औजार, कार, बाइक, कंप्यूटर, कलम, कैंची — सब की पूजा। कर्नाटक/तमिलनाडु में विशेष।
3. रावण दहन: विशाल रावण-मेघनाद-कुम्भकर्ण के पुतले जलाना — असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक।
NRI परिवारों के लिए
दशहरा भारतीय तिथि (बुध 30 सितं 2026) पर मनाएँ। स्थानीय समय में शमी पूजा + आयुध पूजा दोपहर को (विजय मुहूर्त के अनुरूप)। रावण दहन कार्यक्रम अधिकांश Kerala Samajam / भारतीय सामुदायिक संगठनों द्वारा — USA/UK/Canada/Australia/Singapore/Malaysia/UAE में शनि 3 अक्टूबर के आसपास सप्ताहांत में आयोजित।
संबंधित: नवरात्रि 2026 • अंग्रेज़ी: Dussehra 2026 • अमेरिका: Dussehra USA 2026.


