हरतालिका तीज पूजा विधि व्रत के दिन प्रदोष काल में शिव-पार्वती-गणेश की षोडशोपचार (16-चरण) पूजा है। यह हरतालिका तीज 2026 (गुरुवार 10 सितंबर 2026) के लिए संपूर्ण स्टेप-बाय-स्टेप है — सुबह की तैयारी से प्रदोष पूजा, कथा पाठ, आरती और अगली सुबह व्रत खोलने तक।

10 सितंबर 2026 का समय-सारणी

  • बुध 9 सितं शाम: मेहंदी। अंतिम सामग्री खरीद।
  • गुरु 10 सितं, 5:00 AM: जागरण, स्नान, नए वस्त्र, संकल्प।
  • 10 सितं, 6:00 AM – 5:00 PM: निर्जला व्रत। पूजा स्थल तैयार करें।
  • 10 सितं, 5:30 PM: स्नान, पूर्ण सोलह शृंगार।
  • 10 सितं, 6:30 PM – 8:45 PM: प्रदोष काल — मुख्य पूजा + कथा + आरती।
  • 10 सितं, 9:00 PM: प्रसाद वितरण; भूमि पर सोना।
  • शुक्र 11 सितं, 5:00 AM: स्नान, शिव पूजा, नैवेद्य, व्रत खोलें।

षोडशोपचार 16-चरण पूजा

  1. आवाहन — आमंत्रण। अक्षत + फूल अर्पित करें।
  2. आसन — मूर्तियों के चरणों में अक्षत।
  3. पाद्य — चरण धुलाई। मूर्तियों के चरणों पर जल छिड़कें।
  4. अर्घ्य — जल अर्पण।
  5. आचमन — तीन बूँदें जल।
  6. स्नान — गंगा जल + पंचामृत शिवलिंग पर।
  7. वस्त्र — नए वस्त्र या धागा।
  8. गंध — चंदन।
  9. अक्षत — अखंडित चावल।
  10. पुष्प — शिव को सफेद, पार्वती को लाल, गणेश को दोनों।
  11. धूप — तीन अगरबत्ती।
  12. दीप — घी दीया।
  13. नैवेद्य — मिठाई, फल, पंचामृत।
  14. ताम्बूल — पान + सुपारी + सिक्का।
  15. नमस्कार — पूर्ण प्रणाम।
  16. प्रदक्षिणा — तीन या सात परिक्रमा।

पार्वती को सोलह शृंगार

  1. सिंदूर
  2. बिंदी
  3. मंगलसूत्र
  4. कजल
  5. नथ
  6. हरी काँच की चूड़ियाँ
  7. बिछिया
  8. पायल
  9. मेहंदी
  10. कंघी
  11. आरसी
  12. लाल-पीली चुनरी
  13. हरी साड़ी/लहँगा
  14. इत्र/परफ्यूम
  15. ताजी फूलमाला
  16. गुलाल

मंत्र (अर्थ सहित)

गणेश आवाहन: "वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ / निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व कार्येषु सर्वदा।"

शिव पंचाक्षरी: "ॐ नमः शिवाय" — रुद्राक्ष माला से 108 बार।

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पार्वती बीज: "ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं परमेश्वर्यै नमः" — 108 बार।

संकीर्तन: "ॐ शिवायै नमः / ॐ शिवाय नमः / हर हर महादेव, बोलो बम!"

शुरुआती के लिए घर सेटअप

पहली बार हरतालिका तीज मना रहे हैं? सरल वेदी से शुरू करें:

  • घर में पूर्व या उत्तर मुखी छोटा स्थान
  • चौकी लाल/पीले कपड़े से ढकी हुई
  • एक छोटा कलश + नारियल
  • शिवलिंग + पार्वती मूर्ति + गणेश मूर्ति
  • थाली: कुमकुम, चावल, फूल, अगरबत्ती, घी दीया, फल, मिठाई
  • शिव-पार्वती विवाह चित्र वेदी के ऊपर

विस्तृत व्यवस्था भविष्य के वर्षों के लिए — पार्वती भाव को महत्व देती हैं, वैभव को नहीं।

सामान्य त्रुटियाँ

  • फटे बिल्व पत्र — शिव केवल तीन-लोब वाले पूर्ण पत्ते स्वीकारते हैं
  • शिव को केतकी (केवड़ा) फूल न अर्पित करें — पौराणिक अभिशाप
  • मासिक धर्म में पूजा (पारंपरिक; परिवार से पूछें)
  • 11 सितंबर की सुबह पूजा से पहले व्रत खोलना
  • प्लास्टिक या कागज़ के फूल
  • कथा पाठ के दौरान बात करना
  • व्रत की रात बिस्तर पर सोना

संबंधित: हरतालिका तीज 2026 मुख्य गाइडव्रत कथा • अंग्रेज़ी: Puja Vidhi.

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