हरतालिका तीज 2026 गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को है। यह भाद्रपद मास का सबसे महत्वपूर्ण तीज व्रत है — विवाहित महिलाएँ पति की दीर्घायु के लिए और अविवाहित लड़कियाँ अच्छे पति की प्राप्ति के लिए यह निर्जला व्रत रखती हैं। इस लेख में — तिथि, प्रदोष मुहूर्त, शिव-पार्वती व्रत कथा, पूजा विधि, संपूर्ण सामग्री सूची और NRI परिवारों के लिए मार्गदर्शन।

हरतालिका तीज 2026 कब है?

तिथि: गुरुवार, 10 सितंबर 2026।

तृतीया तिथि आरंभ: बुधवार 9 सितंबर, दोपहर ~2:00 बजे IST।

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तृतीया तिथि समाप्त: गुरुवार 10 सितंबर, दोपहर ~1:30 बजे IST।

प्रदोष काल पूजा: गुरुवार 10 सितंबर, शाम ~6:30 से 8:45 बजे IST तक (सूर्यास्त के बाद)।

हरतालिका तीज क्या है?

"हरतालिका" शब्द हरित (हरण/अपहरण) + आलिका (सखी) से बना है। पौराणिक कथा के अनुसार पार्वती के पिता हिमवान ने उनका विवाह विष्णु से करने की योजना बनाई थी। पार्वती की सखियों ने उनका "अपहरण" कर उन्हें एक जंगल में छिपा दिया ताकि वे शिव के लिए तपस्या पूर्ण कर सकें। भगवान शिव प्रकट हुए और पार्वती से विवाह किया — यही दिन हरतालिका तीज है।

व्रत नियम — निर्जला व्रत

  • सूर्योदय से अगले दिन प्रातःकाल पूजा तक — कोई भोजन नहीं, कोई पानी नहीं (लगभग 24-30 घंटे)
  • व्रत की रात भूमि पर सोना
  • नए वस्त्र (हरे या लाल)
  • मेहंदी, सोलह शृंगार, सिंदूर, कजल, चूड़ियाँ
  • 11 सितंबर की सुबह स्नान + शिव दर्शन + नैवेद्य के बाद व्रत खोलना

स्वास्थ्य नोट: गर्भवती महिलाएँ, स्तनपान कराने वाली माताएँ, मधुमेह रोगी, और नियमित दवा लेने वाले लोग पूर्ण निर्जला व्रत के बजाय फलाहार (फल + दूध) का पालन करें। शास्त्रीय परंपरा भी यही अनुमति देती है।

पूजा विधि — प्रदोष काल में

  1. सांयकाल स्नान करें, नए वस्त्र पहनें, सोलह शृंगार करें।
  2. चौकी पर लाल/पीला वस्त्र बिछाकर शिव-पार्वती-गणेश की मिट्टी की मूर्तियाँ स्थापित करें।
  3. कलश में गंगा जल भरकर आम के 5 पत्ते + नारियल रखें।
  4. गणेश पूजा पहले (फूल, अक्षत, दूर्वा, मोदक)।
  5. पार्वती को हरी चूड़ियाँ, मेहंदी, सिंदूर, बिंदी, मंगलसूत्र, कंघी, दर्पण, चुनरी, 16 शृंगार अर्पित करें।
  6. शिव को बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल, भस्म, रुद्राक्ष, जल अभिषेक अर्पित करें।
  7. हरतालिका तीज व्रत कथा पढ़ें/सुनें।
  8. आरती करें; प्रसाद वितरण।
  9. रात्रि भूमि पर विश्राम; न कुछ खाएँ न पिएँ।
  10. 11 सितंबर सुबह स्नान + संक्षिप्त शिव पूजा + खिचड़ी-हलवा नैवेद्य + व्रत खोलें।

सोलह शृंगार — पार्वती को अर्पण

सिंदूर, बिंदी, मंगलसूत्र, कजल, नथ, हरी काँच की चूड़ियाँ, बिछिया, पायल, मेहंदी, कंघी, आरसी (दर्पण), लाल-पीली चुनरी, हरी साड़ी, इत्र/परफ्यूम, ताजी फूलमाला, गुलाल।

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NRI परिवारों के लिए स्थानीय समय (10 सितंबर 2026)

अपने स्थानीय प्रदोष (सूर्यास्त + 2 घंटे) के अनुसार पूजा करें:

  • भारत (IST): शाम 6:30 – 8:45।
  • UAE: शाम 5:00 – 7:15।
  • ब्रिटेन (BST): स्थानीय प्रदोष का उपयोग करें।
  • सिंगापुर/मलेशिया: रात 9:00 – 11:15।
  • USA — ईस्टर्न: स्थानीय सूर्यास्त ~7:15 PM ET।
  • USA — पैसिफिक: स्थानीय सूर्यास्त ~7:00 PM PT।
  • ऑस्ट्रेलिया — सिडनी/मेलबर्न: स्थानीय सूर्यास्त का पालन करें।

अंग्रेज़ी विस्तृत गाइड: Hartalika Teej 2026 Guideव्रत कथापूजा विधि.