संक्षिप्त उत्तर: श्रावण मास 2026 साप्ताहिक व्रत (अमांत): सोमवार (शिव) 17, 24, 31 अगस्त, 7 सितंबर; मंगला गौरी (गौरी) 18, 25 अगस्त, 1, 8 सितंबर; शुक्रवार (लक्ष्मी) 14, 21, 28 अगस्त, 4, 11 सितंबर, वरलक्ष्मी व्रत 21 अगस्त को।

श्रावण के हर वार की अपनी आराधना है — सोमवार शिव, मंगलवार गौरी, शुक्रवार लक्ष्मी — साथ ही मास के निश्चित पर्व। यहाँ 2026 का पूर्ण ग्रिड (अमांत) है।

श्रावण मास 2026 का पूर्ण ग्रिड

वारदेवता / व्रततिथियाँ 2026 (अमांत)
सोमवारशिव — अभिषेक, व्रत17, 24, 31 अगस्त, 7 सितंबर
मंगलवारगौरी — मंगला गौरी व्रत18, 25 अगस्त, 1, 8 सितंबर
शुक्रवारमहालक्ष्मी — 21 अगस्त को वरलक्ष्मी व्रत14, 21, 28 अगस्त, 4, 11 सितंबर

श्रावण मास 2026 के निश्चित पर्व

  • नागपंचमी / नागुल पंचमी — लगभग 17–18 अगस्त (स्थानीय पुष्टि करें)।
  • श्रावण पूर्णिमा — रक्षाबंधन व जंध्याल पूर्णिमा — 28 अगस्त।
  • श्री कृष्ण जन्माष्टमी — 3–4 सितंबर (परंपरा अनुसार)।
  • पोलाल अमावस्या — 10–11 सितंबर, मास का समापन।

अमांत बनाम पूर्णिमांत

उत्तर भारत पूर्णिमांत (मास पूर्णिमा पर समाप्त; सावन 30 जुलाई – 28 अगस्त) और दक्षिण-पश्चिम का बड़ा भाग अमांत (मास अमावस्या पर समाप्त; श्रावण 13 अगस्त – 11 सितंबर) मानता है। ऊपर की तिथियाँ अमांत हैं; उत्तर भारतीय पाठक पूर्णिमांत गणना से मिलाएँ।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रावण मास 2026 के साप्ताहिक व्रत क्या हैं?

सोमवार (शिव) 17, 24, 31 अगस्त, 7 सितंबर; मंगला गौरी (गौरी) 18, 25 अगस्त, 1, 8 सितंबर; शुक्रवार (लक्ष्मी) 14, 21, 28 अगस्त, 4, 11 सितंबर (अमांत)।

वरलक्ष्मी व्रत 2026 कब है?

श्रावण पूर्णिमा से पहला शुक्रवार — तेलुगु, तमिल, कन्नड़ परंपरा में 21 अगस्त 2026 (कुछ उत्तर भारतीय पंचांग 28 अगस्त)।

मंगला गौरी व्रत क्या है?

श्रावण के मंगलवार का व्रत, देवी गौरी को समर्पित, 2026 में 18, 25 अगस्त, 1, 8 सितंबर (अमांत)।

नागपंचमी 2026 कब है?

लगभग 17–18 अगस्त 2026 (तिथि-आधारित) — सटीक तिथि विश्वसनीय पंचांग या मंदिर से पुष्टि करें।

रक्षाबंधन व जंध्याल पूर्णिमा 2026 कब?

श्रावण पूर्णिमा, 28 अगस्त 2026, जो जंध्याल पूर्णिमा व हयग्रीव जयंती भी है।

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कृष्ण जन्माष्टमी 2026 कब है?

लगभग 3–4 सितंबर 2026, परंपरा अनुसार (स्मार्त व वैष्णव गणना एक दिन भिन्न हो सकती है)।

अमांत व पूर्णिमांत श्रावण में क्या अंतर है?

अमांत मास अमावस्या पर (श्रावण 13 अगस्त – 11 सितंबर) और पूर्णिमांत पूर्णिमा पर (सावन 30 जुलाई – 28 अगस्त) समाप्त होता है।

श्रावण में कौन-सा दिन किस देवता का है?

सोमवार शिव, मंगलवार गौरी, शुक्रवार महालक्ष्मी, और शनिवार प्रायः इष्ट/इलवेल्पु के लिए।