गणेश चतुर्थी 2026 — सोम 7 सितंबर: तिथि, मुहूर्त, स्थापना विधि, मोदक भोग और NRI गाइड
गणेश चतुर्थी 2026 सोमवार 7 सितंबर को है। मध्याह्न मुहूर्त, स्थापना विधि, षोडशोपचार पूजा, 21 मोदक भोग, 10-दिन उत्सव, प्रमुख भारतीय गणेशोत्सव और NRI परिवारों के लिए मार्गदर्शन।

गणेश चतुर्थी 2026 सोमवार 7 सितंबर को है। मध्याह्न मुहूर्त, स्थापना विधि, षोडशोपचार पूजा, 21 मोदक भोग, 10-दिन उत्सव, प्रमुख भारतीय गणेशोत्सव और NRI परिवारों के लिए मार्गदर्शन।
गणेश चतुर्थी 2026 सोमवार, 7 सितंबर 2026 को है। भगवान गणेश का 10 दिवसीय महोत्सव — भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक — भक्ति, संगीत, मोदक और विसर्जन का पर्व। इस लेख में तिथि, मुहूर्त, स्थापना विधि, षोडशोपचार पूजा, मोदक भोग, और वैश्विक NRI गाइड।
गणेश चतुर्थी 2026 कब है?
गणेश चतुर्थी: सोमवार, 7 सितंबर 2026।
चतुर्थी तिथि आरंभ: रविवार 6 सितंबर, दोपहर ~3:00 IST।
चतुर्थी तिथि समाप्त: सोमवार 7 सितंबर, दोपहर ~5:30 IST।
मध्याह्न स्थापना मुहूर्त: सोम 7 सितंबर, ~11:00 AM से 1:30 PM IST (गणेश स्थापना का प्रधान मुहूर्त)।
अनंत चतुर्दशी (विसर्जन): मंगल 15 सितंबर 2026।
गणेश चतुर्थी का 10-दिन कार्यक्रम
- दिन 1 (सोम 7 सितं): गणेश स्थापना; मध्याह्न पूजा; 21 मोदक भोग।
- दिन 2-4 (मंगल-गुरु): दैनिक अभिषेक + आरती + दूर्वा अर्पण।
- दिन 5 (शुक्र 11 सितं): ऋषि पंचमी (पड़ोसी व्रत)।
- दिन 6-8 (शनि-सोम): निरंतर भक्ति; परिवार आरती।
- दिन 9 (मंगल 15 सितं): अनंत चतुर्दशी — गणेश विसर्जन; भगवान विष्णु को 14-गाँठ का रक्षा-सूत्र।
क्यों मनाई जाती है गणेश चतुर्थी?
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। शिव पुराण के अनुसार, माँ पार्वती ने अपने स्नान के दौरान द्वार की रक्षा के लिए हल्दी से एक बालक बनाया — गणेश। जब शिव ने बालक को द्वार पर रोकते देखा, तो अनजाने में उसका शिरच्छेद कर दिया। पार्वती के दुख को शांत करने के लिए, शिव ने बालक को हाथी का सिर लगाकर पुनर्जीवित किया — इस प्रकार गजानन का जन्म हुआ।
महाराष्ट्र में यह पर्व लोकमान्य तिलक द्वारा 1893 में सार्वजनिक उत्सव बना, स्वतंत्रता आंदोलन को एकजुट करने के लिए।
गणेश स्थापना विधि
- शुद्ध चौकी या मंडप बनाएँ — लाल/पीले वस्त्र से ढका।
- गणेश मूर्ति (मिट्टी की पर्यावरण-अनुकूल) स्थापित करें।
- कलश स्थापना: गंगा जल + आम के 5 पत्ते + नारियल।
- पंचामृत से गणेश जी का अभिषेक।
- रक्त चंदन + अक्षत + दूर्वा + लाल फूल अर्पित करें।
- शमी पत्र, बेल पत्र, तुलसी (केवल गणेश को स्वीकार्य)।
- 21 मोदक भोग (मुख्य नैवेद्य)।
- "वक्रतुण्ड महाकाय..." मंत्र से ध्यान।
- गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ (108 बार)।
- सुखकर्ता दुखहर्ता आरती।
- "गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया!" के जयकारे।
मोदक — गणेश का प्रिय भोग
मोदक — नारियल-गुड़ भरे चावल के आटे के डम्पलिंग — गणेश का सर्वप्रिय भोग है। पारंपरिक रूप से 21 मोदक (गणेश की 21 उपस्थितियाँ) पहले दिन अर्पित किए जाते हैं। दो मुख्य प्रकार:
- उकडीचे मोदक — महाराष्ट्रीय भाप में पके, मुलायम।
- तले हुए मोदक — उत्तर/दक्षिण भारतीय शैली।
अमेरिकी सामग्री से मोदक — अंग्रेज़ी रेसिपी गाइड।
10-दिन उत्सव: 1½, 3, 5, 7, या 10 दिन
परिवार अपनी परंपरा के अनुसार विसर्जन दिन चुनते हैं:
- दिन 1.5 (सोम शाम): गुजराती परंपरा — छोटा उत्सव।
- दिन 3 (बुध 9 सितं): कुछ महाराष्ट्रीय परिवार।
- दिन 5 (शुक्र 11 सितं): मध्यम उत्सव।
- दिन 7 (रवि 13 सितं): पारंपरिक विकल्प।
- दिन 10 (मंगल 15 सितं): पूर्ण अनंत चतुर्दशी विसर्जन — मुख्य सार्वजनिक विसर्जन।
भारत के प्रमुख गणेश उत्सव
- मुंबई: लालबाग का राजा + दगडूशेठ मंदाल।
- पुणे: मानाचे गणपती + दगडूशेठ हलवाई गणपती।
- हैदराबाद: खैराताबाद गणेश + बालापुर लड्डू + निमज्जनम।
- गोवा: चव्हथ मटोली।
- विजयवाडा + विशाखापट्टनम।
NRI परिवारों के लिए
- USA — दिनांक + हर टाइमज़ोन में मुहूर्त
- UK — लंदन, लीसेस्टर, बर्मिंघम
- UAE — मंदिर, गृह पूजा, अनुमति, विसर्जन
- जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड्स
- न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया
- मॉरिशस (सार्वजनिक अवकाश)
पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन
POP मूर्तियाँ जल स्रोतों को दूषित करती हैं। मिट्टी की मूर्तियाँ या पेड़-आधारित इको-गणेश चुनें। USA में इको-विसर्जन नियम।
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