आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी 2026: तिथि, चंद्रोदय, व्रत व मंत्र
आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी 2026 (2 अगस्त, चंद्रोदय ~रात 9:29): गणेश व्रत, पूजा विधि, मंत्र व प्रवासी गाइड।

आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी 2026 (2 अगस्त, चंद्रोदय ~रात 9:29): गणेश व्रत, पूजा विधि, मंत्र व प्रवासी गाइड।
आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी — आषाढ़ मास में आने वाला गणेश का मासिक व्रत। 2026 में यह 2 अगस्त (आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी) को है, चंद्रोदय लगभग रात 9:29 (IST)। यह आषाढ़ मास 2026 की विघ्न-निवारक परंपराओं में से एक है।
आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी 2026 तिथि
- तिथि: 2 अगस्त 2026 (आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी)
- चंद्रोदय: ~रात 9:29 (IST) — अपने नगर का समय पुष्टि करें
- विदेश में: उपवास स्थानीय चंद्रोदय पर समाप्त; तिथि ±1 दिन बदल सकती है
महत्व
"संकष्टी" अर्थात् संकट (कष्ट) से मुक्ति। प्रत्येक मास की कृष्ण-पक्ष चतुर्थी विघ्नहर्ता गणेश को समर्पित है। श्रद्धा से यह उपवास रखने पर बाधाएँ दूर होकर सफलता, शांति व भगवत्कृपा प्राप्त होती है, ऐसी मान्यता है।
व्रत व पूजा विधि
- सूर्योदय से उपवास (सामर्थ्य अनुसार फल/जल)।
- दूर्वा, लाल पुष्प व दीप से गणेश पूजा।
- मोदक/लड्डू नैवेद्य व गणेश मंत्र जप।
- चंद्रोदय पर चंद्र-दर्शन व अर्घ्य, फिर पारण।
मंत्र
गणेश: ॐ गं गणपतये नमः · oṃ gaṃ gaṇapataye namaḥ। वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ…
प्रवासियों हेतु
कार्य-दिवस अनुसार उपवास, स्थानीय चंद्रोदय पर पारण (स्काई ऐप समय देता है)। घर पर दूर्वा व मोदक से छोटी गणेश पूजा पूर्ण आशीर्वाद देती है; मंदिर व ऑनलाइन सत्संग संकष्टी पूजा करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी 2026 कब है?
2 अगस्त 2026 (आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी), चंद्रोदय लगभग रात 9:29 (IST) — अपने नगर का चंद्रोदय समय पुष्टि करें।
संकष्टी चतुर्थी क्या है?
कृष्ण पक्ष चतुर्थी को गणेश का मासिक व्रत; "संकष्टी" अर्थात् कष्टों से मुक्ति। भक्त चंद्र-दर्शन तक उपवास रखते हैं।
उपवास कैसे रखें?
सूर्योदय से उपवास, दूर्वा व मोदक से गणेश पूजा, चंद्रोदय पर चंद्र-दर्शन व अर्घ्य, फिर पारण।
मुख्य मंत्र क्या है?
ॐ गं गणपतये नमः व वक्रतुंड महाकाय श्लोक सामान्यतः जपे जाते हैं।
मुख्य बिंदु
- आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी 2026: 2 अगस्त (चंद्रोदय ~रात 9:29)।
- गणेश व्रत; चंद्रोदय तक उपवास।
- ॐ गं गणपतये नमः; दूर्वा व मोदक।
देखें: आषाढ़ मास 2026 गाइड व कोकिला व्रत 2026।



