कार्तिगै दीपम 2026: तिथि, महा दीपम, लिंगोद्भव व मंत्र
कार्तिगै दीपम 2026 (~दिसंबर आरंभ): तमिल दीप-पर्व — तिरुवण्णामलै महा दीपम, लिंगोद्भव कथा, मिट्टी के दीप, मंत्र व प्रवासी गाइड।

कार्तिगै दीपम 2026 (~दिसंबर आरंभ): तमिल दीप-पर्व — तिरुवण्णामलै महा दीपम, लिंगोद्भव कथा, मिट्टी के दीप, मंत्र व प्रवासी गाइड।
कार्तिगै दीपम महान तमिल दीप-पर्व है, कार्तिक मास 2026 का शिखर। तमिल कार्तिगै मास की पूर्णिमा को कृत्तिका नक्षत्र में — लगभग दिसंबर 2026 आरंभ — लाखों दीप जलाते हैं, व तिरुवण्णामलै में अरुणाचल पर्वत पर महा दीपम प्रज्वलित होता है।
कार्तिगै दीपम 2026 तिथि
- तिथि: ~दिसंबर 2026 आरंभ (कार्तिगै पूर्णिमा, कृत्तिका नक्षत्र) — तमिल पंचांग से पुष्टि करें
- शिखर: अरुणाचलेश्वर मंदिर, तिरुवण्णामलै (महा दीपम)
महत्व — अनंत ज्योति
कार्तिगै दीपम लिंगोद्भव मनाता है: शिव का अनंत अग्नि-स्तंभ रूप में प्रकट होना, जिसका शीर्ष व आधार ब्रह्मा व विष्णु भी न पा सके — निराकार, अनंत परब्रह्म। इस दिन जले दीप उस परम ज्योति का सम्मान करते हैं। कृत्तिका–मुरुग (कार्तिकेय) संबंध भी है।
तिरुवण्णामलै महा दीपम
अरुणाचलेश्वर मंदिर में संध्या में पवित्र अरुणाचल पर्वत पर विशाल घृत-दीप महा दीपम के रूप में जलता है, मीलों दूर तक दिखता है। भक्त लाखों में एकत्र होकर दर्शन व "अरुणाचल शिव" जपते हुए गिरिवलम (पर्वत प्रदक्षिणा) करते हैं।
घर पर कैसे मनाएँ
- संध्या में द्वार व पूजा-स्थल पर पंक्तियों में मिट्टी के दीप जलाएँ।
- बिल्व-पत्र व घृत-दीप से शिव पूजा; ॐ नमः शिवाय।
- तिरुवण्णामलै के निकट हों तो महा दीपम दर्शन व गिरिवलम।
- प्रकाश बाँटें — परिवार व पड़ोसियों को दीप व मिठाई।
मंत्र
शिव: ॐ नमः शिवाय; "अरुणाचल शिव, अरुणाचल शिव।"
प्रवासी कैसे मनाते हैं
यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया, यूएई व जर्मनी में तमिल व हिंदू समुदाय घर व मंदिरों में कार्तिगै दीप जलाते हैं, विशेष शिव अभिषेक व दीपम कार्यक्रम करते हैं; अनेक तिरुवण्णामलै से लाइवस्ट्रीम।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कार्तिगै दीपम 2026 कब है?
तमिल कार्तिगै मास की पूर्णिमा को कृत्तिका नक्षत्र के साथ — लगभग दिसंबर 2026 आरंभ; स्थानीय तमिल पंचांग से पुष्टि करें।
महा दीपम क्या है?
तिरुवण्णामलै अरुणाचलेश्वर मंदिर में अरुणाचल पर्वत पर संध्या में विशाल दीप (महा दीपम) जलाया जाता है — शिव के अनंत ज्योति-स्तंभ (लिंगोद्भव) रूप में।
इसके पीछे की कथा क्या है?
लिंगोद्भव — शिव का अनंत अग्नि-स्तंभ रूप में प्रकट होना, जिसका शीर्ष व आधार ब्रह्मा व विष्णु न पा सके — निराकार अनंत का प्रतीक।
घर पर कैसे मनाएँ?
संध्या में पंक्तियों में मिट्टी के दीप (अगल विळक्कु) जलाएँ, शिव पूजा व ॐ नमः शिवाय; अनेक गिरिवलम करते हैं।
मुख्य बिंदु
- कार्तिगै दीपम 2026: ~दिसंबर आरंभ (कार्तिगै पूर्णिमा, कृत्तिका)।
- लिंगोद्भव — शिव अनंत ज्योति के रूप में।
- अरुणाचल पर महा दीपम; घर पर मिट्टी के दीप; ॐ नमः शिवाय।
देखें: कार्तिक मास 2026, कार्तिक पूर्णिमा 2026 व कार्तिक मंत्र।



