कार्तिक पूर्णिमा — कार्तिक की पूर्णिमा — मास का देदीप्यमान शिखर, महान दीपोत्सव। 2026 में यह लगभग 24 नवंबर को है। यह त्रिपुरारी पूर्णिमा, देव दीपावली व गुरु नानक जयंती भी है — कार्तिक मास 2026 का शिखर दिन।

कार्तिक पूर्णिमा 2026 तिथि

  • तिथि: ~24 नवंबर 2026 (कार्तिक पूर्णिमा) — स्थानीय पुष्टि करें
  • और: त्रिपुरारी पूर्णिमा, देव दीपावली (वाराणसी), गुरु नानक जयंती
  • मुख्य: दीपोत्सव, ज्वाला तोरणम, 365-बत्ती दीप

महत्व

इस पूर्णिमा पर शिव ने त्रिपुरासुर के तीन उड़ते नगरों का संहार किया — इसीलिए त्रिपुरारी पूर्णिमा — व देवताओं ने दीपों से उत्सव मनाया (देव दीपावली)। दीप दान हेतु यह सर्वाधिक शुभ दिन है: आज एक दीप अपार पुण्यदायी माना जाता है; मंदिर व नदी-तट लाखों दीपों से जगमगाते हैं।

कथा व परंपरा

शिव व स्कंद पुराण त्रिपुरारी कथा बताते हैं — शिव का संध्या-वेला एक बाण से त्रिपुर दहन। तेलुगु मंदिरों में ज्वाला तोरणम इसे पुनः प्रस्तुत करता है: रात सूखे पत्तों का ऊँचा तोरण जलाया जाता है व भक्त उसी प्रकाश में दर्शन करते हैं। यह देव दीपावली है — वाराणसी घाटों पर भव्य रूप से मनाई जाती है।

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अनुष्ठान व पूजा विधि

  1. प्रातः कार्तिक स्नान व संकल्प।
  2. दीप दान — मंदिर, नदी-तट, तुलसी के समक्ष दीप, संभव हो तो 365-बत्ती दीप।
  3. शिव व विष्णु आराधना (हरि-हर); कई लोग सत्यनारायण पूजा।
  4. जहाँ हो वहाँ संध्या मंदिर में ज्वाला तोरणम दर्शन।

मंत्र

शिव: ॐ नमः शिवाय · oṃ namaḥ śivāya।

विष्णु: ॐ नमो नारायणाय · oṃ namo nārāyaṇāya।

प्रवासी कार्तिक पूर्णिमा कैसे मनाते हैं

यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएई व जर्मनी में मंदिर कार्तिक पूर्णिमा पर दीपोत्सव व सत्यनारायण पूजा करते हैं; सिख समुदाय गुरु नानक जयंती मनाता है। घर पर दीप दान हेतु दीप (धुआँ-रहित/LED), शिव-विष्णु आराधना व प्रतीकात्मक कार्तिक स्नान।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कार्तिक पूर्णिमा 2026 कब है?

कार्तिक पूर्णिमा लगभग 2026 24 नवंबर को — कार्तिक मास का शिखर। सही दिन पंचांग से पुष्टि करें।

कार्तिक पूर्णिमा क्यों विशेष है?

यह महान दीपोत्सव है — मंदिर सैकड़ों दीपों से जगमगाते हैं; त्रिपुरारी पूर्णिमा (शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया), वाराणसी की देव दीपावली व गुरु नानक जयंती भी।

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ज्वाला तोरणम क्या है?

कार्तिक पूर्णिमा की रात सूखे पत्तों का ऊँचा तोरण जलाने की तेलुगु मंदिर परंपरा — त्रिपुर दहन का प्रतीक; भक्त उसी प्रकाश में दर्शन करते हैं।

कार्तिक पूर्णिमा कैसे मनाएँ?

कार्तिक स्नान, दीप दान (दीप, प्रायः 365 बत्ती) मंदिर/जल-तट पर, शिव-विष्णु आराधना व सत्यनारायण पूजा।

मुख्य बिंदु

  • कार्तिक पूर्णिमा 2026: ~24 नवंबर (दीपोत्सव)।
  • त्रिपुरारी पूर्णिमा व देव दीपावली; महान दीपोत्सव।
  • दीप दान; शिव व विष्णु आराधना।

देखें: कार्तिक मास 2026कार्तिक सोमवार 2026