नागुल चविथि कार्तिक का प्रमुख तेलुगु नाग देवता पर्व है; विशेषकर स्त्रियाँ संतान-कल्याण हेतु रखती हैं। 2026 में यह लगभग 13 नवंबर (कार्तिक शुक्ल चतुर्थी), कार्तिक मास 2026 में।

नागुल चविथि 2026 तिथि

  • तिथि: ~13 नवंबर 2026 (कार्तिक शुक्ल चतुर्थी) — स्थानीय पुष्टि करें
  • देवता: नाग देवता; भगवान सुब्रह्मण्य
  • नोट: नाग पंचमी (श्रावण) से भिन्न — यह कार्तिक का नाग पर्व है

महत्व

तेलुगु राज्यों में सर्प देवताओं के सम्मान का प्रमुख दिन नागुल चविथि है। माताएँ परिवार की रक्षा, स्वास्थ्य, संतान व सर्प/काल सर्प दोष निवारण हेतु प्रार्थना करती हैं। विष्णु को धारण करने वाले शेष, शिव के कंठ की वासुकि व सर्प-रूप सुब्रह्मण्य — सर्प रक्षक रूप में पूजे जाते हैं।

अनुष्ठान व पूजा विधि

  1. प्रातः स्नान व उपवास; पूजा स्थान स्वच्छ या बाँबी (पुट्ट) तक जाना।
  2. बाँबी या नाग मूर्ति को दूध, हल्दी, कुमकुम व पुष्प।
  3. नैवेद्य — चिम्मिलि (तिल-गुड़), चलिमिडि; नाग मंत्र जप।
  4. संतान-कल्याण हेतु प्रार्थना; इस दिन भूमि खोदना वर्जित।

मंत्र

नाग: ॐ नागराजाय नमः · oṃ nāgarājāya namaḥ।

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सुब्रह्मण्य: ॐ शरवणभव · oṃ śaravaṇabhava।

प्रवासियों हेतु

यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएई व जर्मनी में सुब्रह्मण्य व शिव मंदिर नागुल चविथि पर नाग पूजा व सर्प-दोष निवारण करते हैं। घर पर नाग चित्र के समक्ष दूध, हल्दी व चिम्मिलि अर्पित कर बच्चों हेतु नाग मंत्र जपें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागुल चविथि 2026 कब है?

नागुल चविथि लगभग 2026 13 नवंबर (कार्तिक शुक्ल चतुर्थी) — कार्तिक का प्रमुख तेलुगु नाग पर्व। दिन पंचांग से पुष्टि करें।

नागुल चविथि व नाग पंचमी में अंतर?

दोनों नाग देवताओं की पूजा हैं; नागुल चविथि कार्तिक शुक्ल चतुर्थी (तेलुगु राज्य), नाग पंचमी श्रावण शुक्ल पंचमी पर। आंध्र व तेलंगाना में नागुल चविथि बड़ा नाग पर्व है।

कैसे रखें?

स्त्रियाँ उपवास रखकर बाँबी (पुट्ट) या नाग मूर्ति के समक्ष दूध, हल्दी व नैवेद्य (चिम्मिलि, चलिमिडि) अर्पित कर संतान-कल्याण व सर्प/काल सर्प दोष निवारण हेतु प्रार्थना करती हैं।

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मुख्य मंत्र क्या है?

ॐ नागराजाय नमः; सुब्रह्मण्य हेतु ॐ शरवणभव।

मुख्य बिंदु

  • नागुल चविथि 2026: ~13 नवंबर (कार्तिक शुक्ल चतुर्थी)।
  • प्रमुख तेलुगु नाग पर्व; संतान व सर्प-दोष निवारण।
  • दूध व चिम्मिलि; ॐ नागराजाय नमः।

देखें: कार्तिक मास 2026क्षीराब्दि द्वादशी / तुलसी विवाह 2026