कार्तिक सोमवार — कार्तिक मास के सोमवार — भगवान शिव की आराधना के वर्ष के सर्वाधिक पुण्यदायी दिनों में हैं। 2026 में ये 16, 23, 30 नवंबर व 7 दिसंबर को हैं। ये कार्तिक मास 2026 का हृदय हैं।

कार्तिक सोमवार 2026 तिथियाँ

  • सोमवार: 16, 23, 30 नवंबर व 7 दिसंबर 2026
  • देवता: भगवान शिव — रुद्राभिषेक, बिल्व, दीपम
  • विदेश में: सोमवार विश्वभर में समान दिन

महत्व

कार्तिक सबसे पुण्यदायी मास है व सोमवार शिव का दिन — अतः कार्तिक सोमवार शिव-आराधना का पुण्य दुगुना करता है। भक्त प्रातःकालीन कार्तिक स्नान, शिव अभिषेक, उपवास व मुख्य दीप दान के साथ इसे मनाते हैं। कई लोग इस काल में केदारेश्वर व्रत भी रखते हैं।

व्रत व पूजा विधि

  1. प्रातःकालीन कार्तिक स्नान व संकल्प।
  2. शिवलिंग पर जल, दूध व बिल्व-पत्र से अभिषेक।
  3. सोमवार उपवास, दीप — आकाश दीप व संभव हो तो 365-बत्ती दीप।
  4. "ॐ नमः शिवाय" व महामृत्युंजय जप; संभव हो तो रुद्र पाठ।

मंत्र

शिव: ॐ नमः शिवाय · oṃ namaḥ śivāya।

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महामृत्युंजय: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

प्रवासी कार्तिक सोमवार कैसे मनाते हैं

यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएई व जर्मनी में शिव मंदिर प्रत्येक कार्तिक सोमवार रुद्राभिषेक करते हैं। घर पर छोटे शिवलिंग पर बिल्व से अभिषेक, दीप दान हेतु दीप, सोमवार उपवास व "ॐ नमः शिवाय" जप।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कार्तिक सोमवार 2026 की तिथियाँ क्या हैं?

2026 में कार्तिक सोमवार — 16, 23, 30 नवंबर व 7 दिसंबर — शिव-आराधना के सर्वाधिक पुण्यदायी दिन।

कार्तिक सोमवार इतने पवित्र क्यों?

कार्तिक सबसे पुण्यदायी मास है व सोमवार शिव का दिन; इन सोमवारों को पूजा, उपवास, रुद्राभिषेक व दीप दान अपार पुण्यदायी माने जाते हैं।

कार्तिक सोमवार कैसे मनाएँ?

प्रातःकालीन कार्तिक स्नान, बिल्व सहित शिव अभिषेक, सोमवार उपवास, दीप (विशेषकर आकाश दीप / 365-बत्ती दीप) व "ॐ नमः शिवाय" जप।

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मुख्य मंत्र क्या है?

ॐ नमः शिवाय व महामृत्युंजय मंत्र।

मुख्य बिंदु

  • कार्तिक सोमवार 2026: 16, 23, 30 नवंबर व 7 दिसंबर।
  • शिव के सर्वाधिक पुण्यदायी सोमवार — अभिषेक, बिल्व, दीपम।
  • कार्तिक स्नान; ॐ नमः शिवाय।

देखें: कार्तिक मास 2026कार्तिक पूर्णिमा 2026