नरक चतुर्दशी — "छोटी दिवाली" — 7 नवंबर 2026 को, दीपावली 2026 की पूर्वसंध्या। यह भगवान कृष्ण की नरकासुर पर विजय मनाती है, प्रसिद्ध प्रातः अभ्यंग स्नान सहित।

नरक चतुर्दशी 2026 तिथि

  • तिथि: 7 नवंबर 2026 (कृष्ण चतुर्दशी) — स्नान समय स्थानीय पुष्टि करें
  • अन्य नाम: छोटी दिवाली, काली चौदस, नरक निवारण चतुर्दशी
  • प्रतीक: दीपावली का दूसरा दिन, लक्ष्मी पूजा की पूर्वसंध्या

महत्व

इस दिन भगवान कृष्ण ने सत्यभामा सहित अत्याचारी नरकासुर का वध कर उसके बंदी सोलह हज़ार एक सौ लोगों को मुक्त किया — दिवाली में प्रवेश का मार्ग प्रकाशित करती अंधकार पर प्रकाश की विजय। अब किया प्रातः तेल-स्नान गंगा-स्नान का पुण्य देता है, ऐसी मान्यता है।

कथा व परंपरा

शक्ति के मद में नरकासुर ने स्वर्ग व पृथ्वी को त्रस्त किया। कृष्ण ने भोर में उसका शासन समाप्त किया; पश्चात्ताप में राक्षस ने प्रार्थना की कि उसकी मृत्यु शोक से नहीं, प्रकाश व आनंद से स्मरण की जाए। इसीलिए लोग सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान कर दीप जलाते हैं।

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अनुष्ठान व पूजा विधि

  1. प्रातः पूर्व उठकर तेल व उबटन से अभ्यंग स्नान।
  2. नए वस्त्र; घर के चारों ओर दीप (छोटी दिवाली)।
  3. कृष्ण को प्रार्थना; कुछ क्षेत्रों में काली/हनुमान पूजा।
  4. रंगोली बनाकर अगले दिन लक्ष्मी पूजा की तैयारी।

मंत्र

कृष्ण: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

प्रवासी कैसे मनाते हैं

यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएई व जर्मनी में परिवार प्रतीकात्मक अभ्यंग स्नान, "छोटी दिवाली" के दीप व कृष्ण प्रार्थना सहित मुख्य दिवाली रात्रि की ओर बढ़ते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरक चतुर्दशी 2026 कब है?

नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) 7 नवंबर 2026, लक्ष्मी पूजा से एक दिन पूर्व; अभ्यंग स्नान प्रातःकाल — समय स्थानीय पुष्टि करें।

क्यों मनाई जाती है?

यह भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर वध व उसके बंदी 16,100 लोगों की मुक्ति का प्रतीक है — दिवाली की पूर्वसंध्या पर अंधकार पर प्रकाश की विजय।

अभ्यंग स्नान क्या है?

प्रातः पूर्व तेल व उबटन से किया अनुष्ठानिक स्नान, अशुद्धि दूर कर तीर्थ-स्नान का पुण्य देता है — इस दिन की प्रमुख प्रथा।

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इसके अन्य नाम क्या हैं?

छोटी दिवाली, काली चौदस (कुछ क्षेत्रों में) व नरक निवारण चतुर्दशी भी कहते हैं।

मुख्य बिंदु

  • नरक चतुर्दशी 2026: 7 नवंबर — दीपावली का दूसरा दिन।
  • कृष्ण की नरकासुर पर विजय; अंधकार पर प्रकाश।
  • प्रातः अभ्यंग स्नान; दीप; ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

देखें: दीपावली 2026, धनतेरस 2026लक्ष्मी पूजा 2026