लक्ष्मी पूजा 2026: तिथि, मुहूर्त व चरण-दर-चरण पूजा विधि
लक्ष्मी पूजा 2026 (रवि 8 नवंबर): मुख्य दीपावली रात्रि — तिथि व मुहूर्त, महत्व, चरण-दर-चरण लक्ष्मी–गणेश पूजा विधि, मंत्र व प्रवासी गाइड।

लक्ष्मी पूजा 2026 (रवि 8 नवंबर): मुख्य दीपावली रात्रि — तिथि व मुहूर्त, महत्व, चरण-दर-चरण लक्ष्मी–गणेश पूजा विधि, मंत्र व प्रवासी गाइड।
लक्ष्मी पूजा दीपावली 2026 का देदीप्यमान हृदय है। रविवार, 8 नवंबर 2026 की रात्रि (अमावस्या) घर स्वच्छ कर, दीपों सहित देवी लक्ष्मी हेतु खोले जाते हैं, साथ में भगवान गणेश की पूजा — स्थायी समृद्धि हेतु।
लक्ष्मी पूजा 2026 तिथि व मुहूर्त
- तिथि: रविवार, 8 नवंबर 2026 (आश्विन/कार्तिक अमावस्या)
- समय: संध्या, स्थिर लग्न में प्रदोष काल — अपने नगर का मुहूर्त पुष्टि करें
- प्रतीक: दीपावली का तीसरा दिन, मुख्य रात्रि
महत्व
मास की सर्वाधिक अंधकारमय रात्रि को भक्त समृद्धि, वैभव व शुभता की देवी महालक्ष्मी को घर बुलाते हैं। कहा जाता है इस रात्रि वे पृथ्वी पर विचरण करती हैं व जहाँ प्रकाश, स्वच्छता व भक्ति पाती हैं, वहाँ प्रवेश करती हैं। पहले गणेश पूजन से उनकी दी समृद्धि विघ्नरहित आधार पर टिकती है।
चरण-दर-चरण लक्ष्मी पूजा विधि
- पूरा घर स्वच्छ करें; स्नान, नए वस्त्र व द्वार पर रंगोली।
- लाल वस्त्र पर कलश (जल, सिक्का, आम-पत्र, नारियल) व लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति/चित्र रखें।
- घृत-दीप; पहले गणेश पूजा (ॐ गं गणपतये नमः), फिर लक्ष्मी आवाहन।
- कुमकुम, हल्दी, पुष्प, फल, मिठाई व नैवेद्य; अनेक सिक्के/बही-खाते आशीर्वाद हेतु रखते हैं।
- ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः; लक्ष्मी अष्टकम/आरती।
- आरती, पूरे घर में दीप व प्रसाद वितरण।
मंत्र
लक्ष्मी: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः। गणेश: ॐ गं गणपतये नमः।
प्रवासी लक्ष्मी पूजा कैसे करते हैं
यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएई व जर्मनी में परिवार घर पर लक्ष्मी–गणेश वेदी सजाकर दीप (भीतर आवश्यकता हो तो धुआँ-रहित/LED) जलाते हैं व मंदिर लक्ष्मी पूजा व दीपावली कार्यक्रमों में जुड़ते हैं। उपरोक्त विधि अपार्टमेंट हेतु पूर्णतः उपयुक्त है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लक्ष्मी पूजा 2026 कब है?
दीपावली लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 (अमावस्या)। पूजा संध्या में प्रदोष काल / स्थिर लग्न में; अपने नगर का सटीक मुहूर्त पुष्टि करें।
घर पर लक्ष्मी पूजा कैसे करें?
घर स्वच्छ कर दीप जलाएँ, लाल वस्त्र पर कलश व लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति/चित्र रखें, आवाहन करें, दीप, कुमकुम, पुष्प, मिठाई व नैवेद्य अर्पित करें, आरती करें व ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः जपें।
लक्ष्मी के साथ गणेश की पूजा क्यों?
विघ्नहर्ता गणेश का पहले आवाहन होता है, ताकि लक्ष्मी द्वारा लाई समृद्धि व शुभता स्थिर व निर्बाध रहे।
घर स्वच्छ व प्रकाशित क्यों रखें?
दीपावली रात्रि लक्ष्मी स्वच्छ, उज्ज्वल घरों में आती हैं, ऐसा कहा जाता है; स्वच्छता व दीप-पंक्तियाँ उनका स्वागत करती हैं।
मुख्य बिंदु
- लक्ष्मी पूजा 2026: रविवार, 8 नवंबर — मुख्य दीपावली रात्रि।
- पहले गणेश, फिर लक्ष्मी, संध्या प्रदोष काल में।
- घर स्वच्छ व प्रकाशित करें; ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
देखें: दीपावली 2026, नरक चतुर्दशी 2026 व गोवर्धन पूजा / बलि पाड्यमि 2026।


