श्रावण मास मंत्र व स्तोत्र 2026 (देवनागरी, IAST, तेलुगु)
शिव, लक्ष्मी, गौरी, कृष्ण, वेंकटेश्वर व गायत्री हेतु प्रामाणिक श्रावण मास मंत्र — देवनागरी, IAST व तेलुगु में।

शिव, लक्ष्मी, गौरी, कृष्ण, वेंकटेश्वर व गायत्री हेतु प्रामाणिक श्रावण मास मंत्र — देवनागरी, IAST व तेलुगु में।
श्रावण देवता-आराधना से समृद्ध है — शिव (सोमवार), लक्ष्मी (शुक्रवार), गौरी (मंगलवार), वेंकटेश्वर (शनिवार), कृष्ण (जन्माष्टमी) व गायत्री (पूर्णिमा)। यह हब प्रत्येक देवता हेतु प्रामाणिक मंत्र देवनागरी, IAST व तेलुगु में देता है। यह हमारी श्रावण मास 2026 गाइड का सहयोगी है।
शिव — श्रावण सोमवार
शिव पंचाक्षरी: ॐ नमः शिवाय · oṃ namaḥ śivāya
महामृत्युंजय: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
लक्ष्मी — वरलक्ष्मी व शुक्रवार
लक्ष्मी: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः · oṃ śrīṃ mahālakṣmyai namaḥ — श्री सूक्त पाठ।
गौरी — मंगला गौरी (मंगलवार)
गौरी: ॐ गौर्यै नमः · oṃ gauryai namaḥ
कृष्ण — जन्माष्टमी
कृष्ण: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय · oṃ namo bhagavate vāsudevāya — हरे कृष्ण महामंत्र।
वेंकटेश्वर — शनिवार
वेंकटेश्वर: ॐ नमो वेङ्कटेशाय · oṃ namo veṅkaṭeśāya — प्रातः सुप्रभातम।
गायत्री — श्रावण पूर्णिमा
गायत्री: ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
जप कैसे करें
- स्नान के बाद पूर्व/उत्तर मुख बैठकर दीप जलाएँ।
- रुद्राक्ष/तुलसी माला से 108 बार।
- नित्य एक ही समय; श्रद्धा से 11–21 बार भी लाभकारी।
- कृतज्ञता व मौन से समापन।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावण मास हेतु कौन-से मंत्र श्रेष्ठ हैं?
श्रावण सोमवार हेतु ॐ नमः शिवाय व महामृत्युंजय; वरलक्ष्मी व शुक्रवार हेतु ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः; मंगला गौरी हेतु ॐ गौर्यै नमः; जन्माष्टमी हेतु ॐ नमो भगवते वासुदेवाय; शनिवार हेतु ॐ नमो वेंकटेशाय; पूर्णिमा पर गायत्री मंत्र।
कितनी बार जप करें?
सामान्यतः प्रतिदिन 108 (एक माला); श्रद्धा से 11 या 21 बार भी लाभकारी। नियमितता सर्वोपरि।
क्या आरंभकर्ता ये मंत्र जप सकते हैं?
हाँ — सरल नमः मंत्रों (ॐ नमः शिवाय, ॐ नमो वेंकटेशाय) से आरंभ करें व श्री सूक्त, महामृत्युंजय व गायत्री जोड़ें।
संबंधित: श्रावण सोमवार, वरलक्ष्मी व्रत, कृष्ण जन्माष्टमी।


