पोलाला अमावस्या 2026: तिथि, पोलंबा व्रत, पूजा व मंत्र
पोलाला अमावस्या 2026 (11 सितंबर): संतान-कल्याण हेतु तेलुगु स्त्रियों का पोलंबा व्रत — महत्व, कथा, पूजा विधि, मंत्र व प्रवासी गाइड।

पोलाला अमावस्या 2026 (11 सितंबर): संतान-कल्याण हेतु तेलुगु स्त्रियों का पोलंबा व्रत — महत्व, कथा, पूजा विधि, मंत्र व प्रवासी गाइड।
पोलाला अमावस्या — पोलंबा व्रत — श्रावण का समापन करने वाली अमावस्या पर संतान-कल्याण हेतु तेलुगु स्त्रियों का व्रत है। 2026 में यह 11 सितंबर, श्रावण मास 2026 का अंतिम दिन (अगले दिन भाद्रपद)।
पोलाला अमावस्या 2026 तिथि
- तिथि: 11 सितंबर 2026 (श्रावण अमावस्या)
- अन्य नाम: पोलंबा व्रत; कुछ क्षेत्रों में पिठोरी अमावस्या
- रखती हैं: तेलुगु स्त्रियाँ, संतान के स्वास्थ्य व दीर्घायु हेतु
महत्व
पोलाला अमावस्या पर माताएँ संतान की रक्षा, स्वास्थ्य व दीर्घायु हेतु देवी (पोलंबा/पोलेरम्मा, शक्ति स्वरूप) की आराधना करती हैं। यह हृदयस्पर्शी स्त्री व पारिवारिक व्रत है, व पवित्र श्रावण का उपयुक्त समापन।
कथा
कथा एक स्त्री की है जिसने बार-बार छोटे बच्चे खोए; पोलंबा व्रत पूर्ण श्रद्धा से करने पर उसकी आगे की संतान सुरक्षित रहकर फली-फूली। माता अपने बच्चों की सुरक्षा व समृद्धि हेतु इसी भाव से व्रत रखती हैं; आचरण परिवार व क्षेत्र अनुसार बदलता है।
अनुष्ठान व पूजा विधि
- हल्दी-कुमकुम से सजी देवी की मिट्टी मूर्ति/कलश स्थापना।
- तोरम बाँधकर कुडुमुलु/उंड्रालु व फल नैवेद्य।
- पोलंबा कथा व आरती; संतान-कल्याण हेतु प्रार्थना।
- व्रत रखकर स्त्रियों व बच्चों को प्रसाद।
मंत्र
देवी: ॐ पोलेरम्मायै नमः · oṃ polerammāyai namaḥ; ॐ गौर्यै नमः।
प्रवासियों हेतु
यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएई व जर्मनी में तेलुगु परिवार घर पर सरल देवी पूजा, तोरम व कथा के साथ पोलाला अमावस्या रखकर बच्चों हेतु प्रार्थना करते हैं — श्रावण का शांत समापन।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पोलाला अमावस्या 2026 कब है?
पोलाला अमावस्या 2026 — 11 सितंबर, मास का समापन करने वाली श्रावण अमावस्या (अगले दिन भाद्रपद)।
पोलाला अमावस्या (पोलंबा व्रत) क्या है?
तेलुगु स्त्रियों का व्रत, पिठोरी अमावस्या भी; संतान के स्वास्थ्य, रक्षा व दीर्घायु हेतु देवी (पोलंबा/पोलेरम्मा) की आराधना।
कैसे रखें?
मिट्टी की मूर्ति/कलश स्थापित कर, तोरम बाँधकर, कुडुमुलु/उंड्रालु जैसा नैवेद्य अर्पित कर, कथा पढ़कर संतान-कल्याण हेतु व्रत रखती हैं।
मुख्य मंत्र क्या है?
ॐ पोलेरम्मायै नमः व गौरी/देवी मंत्र — ॐ गौर्यै नमः।
मुख्य बिंदु
- पोलाला अमावस्या 2026: 11 सितंबर (श्रावण समापन)।
- संतान के स्वास्थ्य व दीर्घायु हेतु तेलुगु स्त्रियों का व्रत।
- तोरम व पोलंबा कथा सहित देवी पूजा।
देखें: श्रावण मास 2026 व मंगला गौरी व्रत 2026।



