संक्षिप्त उत्तर: मैनचेस्टर में दिवाली 2026 का मुख्य पर्व रविवार 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा के साथ मनाया जाएगा, जबकि उत्सव 6 नवंबर धनतेरस से 10 नवंबर भाई दूज तक चलेंगे। शहर के मंदिर, समुदाय केंद्र और परिवार दीयों, रंगोली और मेलों के साथ रोशनी का यह पर्व धूमधाम से मनाते हैं।

इंग्लैंड के उत्तर-पश्चिम में बसा मैनचेस्टर अपनी बहुसांस्कृतिक जीवंतता के लिए प्रसिद्ध है, और यहाँ बसे भारतीय व दक्षिण एशियाई समुदाय दिवाली को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। दिवाली 2026 में यह रोशनी का पर्व शहर की गलियों, मंदिरों और घरों को दीयों की स्वर्णिम आभा से भर देगा।

दिवाली केवल एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि पाँच दिनों तक चलने वाला उत्सव है जो अंधकार पर प्रकाश और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। परदेश में रहते हुए भी मैनचेस्टर के परिवार इन परंपराओं को सहेजकर अगली पीढ़ी तक पहुँचाते हैं।

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दिवाली 2026 की तिथियाँ

दिवाली 2026 का उत्सव मुख्यतः इन पाँच दिनों में विभाजित है। कृपया इन तिथियों को ध्यान में रखकर अपने पारिवारिक और सामुदायिक कार्यक्रमों की योजना बनाएँ।

दिनतिथिमहत्व
धनतेरसशुक्रवार 6 नवंबर 2026धन-समृद्धि और स्वास्थ्य के देवता धन्वंतरि की पूजा
नरक चतुर्दशी / छोटी दिवालीशनिवार 7 नवंबर 2026अभ्यंग स्नान और घर की सफाई-सजावट
दिवाली / लक्ष्मी पूजारविवार 8 नवंबर 2026माँ लक्ष्मी और गणेश जी की मुख्य पूजा
गोवर्धन पूजा / अन्नकूटसोमवार 9 नवंबर 2026भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की आराधना
भाई दूजमंगलवार 10 नवंबर 2026भाई-बहन के स्नेह और सुरक्षा का पर्व

इस वर्ष मुख्य दिवाली रविवार 8 नवंबर को पड़ रही है, जो एक शुभ संयोग माना जाता है क्योंकि सप्ताहांत होने से अधिक परिवार और श्रद्धालु सामुदायिक आयोजनों में सम्मिलित हो सकेंगे।

मैनचेस्टर में उत्सव की झलक

मैनचेस्टर और उसके आसपास के क्षेत्रों में दिवाली के दौरान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, सामुदायिक केंद्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और सार्वजनिक स्थलों पर मेले आयोजित होते हैं। इनमें भारतीय भोजन के स्टॉल, संगीत, नृत्य और आतिशबाजी का प्रदर्शन प्रमुख आकर्षण होते हैं।

  • घरों और मंदिरों में दीयों तथा रोशनी की सजावट
  • रंग-बिरंगी रंगोली से आँगन और द्वार की सजावट
  • शास्त्रीय एवं लोक नृत्य तथा गरबा-डांडिया प्रस्तुतियाँ
  • मिठाइयों और पारंपरिक व्यंजनों का आदान-प्रदान
  • सामुदायिक मेलों में हस्तशिल्प और वस्त्रों की प्रदर्शनी

मंदिर और सामुदायिक आयोजन

शहर के हिंदू मंदिर और सांस्कृतिक संगठन लक्ष्मी पूजा, अन्नकूट भोग और सामूहिक आरती का आयोजन करते हैं। सटीक समय, स्थान और कार्यक्रम की जानकारी के लिए अपने स्थानीय मंदिर या समुदाय संगठन की 2026 की आधिकारिक घोषणाओं को अवश्य देखें, क्योंकि तिथियों और मुहूर्त के अनुसार व्यवस्था भिन्न हो सकती है।

घर पर दिवाली कैसे मनाएँ

यदि आप मैनचेस्टर में पहली बार दिवाली मना रहे हैं या परिवार के साथ पारंपरिक तरीके से उत्सव चाहते हैं, तो ये सरल चरण आपकी सहायता करेंगे।

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  1. घर की अच्छी तरह सफाई करें और मुख्य द्वार को तोरण व रंगोली से सजाएँ
  2. धनतेरस पर बर्तन या आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है
  3. दिवाली की शाम माँ लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा हेतु स्वच्छ स्थान तैयार करें
  4. दीये या मोमबत्तियाँ जलाकर घर के हर कोने को रोशन करें
  5. परिवार और मित्रों के साथ मिठाइयाँ बाँटें और शुभकामनाएँ दें

पूजा और मंत्र

लक्ष्मी पूजा में श्रद्धालु सामान्यतः 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' जैसे प्रसिद्ध लक्ष्मी मंत्र का जाप करते हैं और गणेश जी का स्मरण करते हैं। पूजा से पूर्व दीप प्रज्वलित कर श्री सूक्त या लक्ष्मी आरती का पाठ भी किया जाता है। मंत्रों का उच्चारण श्रद्धा और शुद्ध मन से करें।

सुरक्षित और जिम्मेदार उत्सव

  • आतिशबाजी केवल अनुमत स्थलों और स्थानीय नियमों के अनुसार ही करें
  • दीयों और मोमबत्तियों को बच्चों और ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें
  • पर्यावरण के अनुकूल सजावट और मिट्टी के दीयों को प्राथमिकता दें
  • बुजुर्गों और पड़ोसियों का ध्यान रखते हुए शोर सीमित रखें

दिवाली का असली संदेश प्रेम, दान और सामुदायिक एकता है। मैनचेस्टर जैसे विविध शहर में यह पर्व विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ने और आपसी सद्भाव बढ़ाने का सुंदर अवसर बन जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैनचेस्टर में दिवाली 2026 कब मनाई जाएगी?

मुख्य दिवाली और लक्ष्मी पूजा रविवार 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी, जबकि पूरा उत्सव 6 नवंबर धनतेरस से 10 नवंबर भाई दूज तक चलेगा।

दिवाली 2026 के पाँच दिन कौन-से हैं?

धनतेरस (6 नवंबर), नरक चतुर्दशी/छोटी दिवाली (7 नवंबर), दिवाली/लक्ष्मी पूजा (8 नवंबर), गोवर्धन पूजा/अन्नकूट (9 नवंबर) और भाई दूज (10 नवंबर)।

मैनचेस्टर में दिवाली के आयोजनों की जानकारी कहाँ मिलेगी?

सटीक तिथि, समय और स्थान के लिए अपने स्थानीय हिंदू मंदिर, सांस्कृतिक संगठन या समुदाय केंद्र की 2026 की आधिकारिक घोषणाएँ देखें।

लक्ष्मी पूजा के लिए कौन-सा मंत्र प्रयोग किया जाता है?

श्रद्धालु सामान्यतः 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' जैसे प्रसिद्ध लक्ष्मी मंत्र का जाप करते हैं और गणेश जी का स्मरण करते हैं।

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धनतेरस पर क्या करना शुभ माना जाता है?

धनतेरस पर बर्तन, आभूषण या धातु की वस्तुएँ खरीदना और धन्वंतरि व लक्ष्मी जी की पूजा करना समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए शुभ माना जाता है।

क्या मैनचेस्टर में आतिशबाजी की अनुमति है?

आतिशबाजी केवल अनुमत स्थलों पर और स्थानीय नियमों का पालन करते हुए ही करनी चाहिए; कई परिवार पर्यावरण के अनुकूल दीयों को प्राथमिकता देते हैं।

दिवाली पर घर को कैसे सजाया जाता है?

घर को दीयों, मोमबत्तियों, तोरण और रंग-बिरंगी रंगोली से सजाया जाता है, तथा मुख्य द्वार को स्वागत के प्रतीक रूप में विशेष रूप से अलंकृत किया जाता है।

भाई दूज का क्या महत्व है?

भाई दूज भाई-बहन के स्नेह का पर्व है, जिसमें बहनें भाइयों के दीर्घायु और कल्याण की कामना करती हैं; यह 2026 में मंगलवार 10 नवंबर को मनाया जाएगा।