जय श्री विष्णु! 11 जून 2026 गुरुवार को पवित्र अधिक ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी पर परमा एकादशी — 24 एकादशियों में सर्वाधिक शक्तिशाली, अधिक मास में और भी प्रभावशाली।

यह हमारे जून 2026 के संपूर्ण हिंदू त्योहार कैलेंडर का भाग है।

तिथि व विवरण

  • तिथि: 11 जून 2026 गुरुवार

    Advertisement
  • तिथि (पंचांग): ज्येष्ठ अधिक कृष्ण एकादशी

  • देवता: पुरुषोत्तम/नरोत्तम रूप में विष्णु

  • पारण (अगले दिन): 12 जून सूर्योदय के बाद — सामान्यतः 5:30–8:30; स्थानीय पंचांग देखें

परमा एकादशी की पवित्र कथा

श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को यह कथा सुनाई। सब कुछ खोकर संकट में पड़े कौंडिन्य नामक निर्धन ब्राह्मण को एक ऋषि ने अधिक मास की परमा एकादशी बताई। ब्राह्मण ने पूर्ण श्रद्धा से व्रत रखा और शीघ्र ही समृद्धि लौट आई, परिवार धन्य हुआ। कृष्ण ने घोषित किया कि परमा एकादशी रखने वाला अनेक जन्मों के पाप नष्ट कर नारायण का आशीर्वाद पाता है।

आध्यात्मिक महत्त्व

  • सभी पापों (पूर्वजन्म सहित) का नाश

    Advertisement
  • समृद्धि व ऋण-मुक्ति

  • मोक्ष व वैकुंठ प्राप्ति

  • ग्रह बाधाओं से रक्षा

अनुष्ठान व पूजा विधि

एक दिन पूर्व (10 जून संध्या): हल्का भोजन, शीघ्र शयन व व्रत संकल्प।

  1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान।

  2. तुलसी, पीले पुष्प व दीप से विष्णु पूजा।

    Advertisement
  3. “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” 108/1008 बार; विष्णु सहस्रनाम/परमा एकादशी कथा।

  4. फल, दूध सात्त्विक नैवेद्य; संध्या आरती, भजन; यथासंभव जागरण।

व्रत: निर्जला या फलाहार — अनाज, दाल, मांसाहार नहीं। पारण (12 जून): सूर्योदय के बाद जल व हल्का आहार।

मंत्र

प्रमुख: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

विष्णु गायत्री: ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्

निष्कर्ष

11 जून 2026 एक स्वर्णिम अवसर है। अपनी चिंताएँ विष्णु के चरणों में अर्पित कर परमा एकादशी रखें और समृद्धि-शांति को जीवन में आमंत्रित करें।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय · जय श्री विष्णु!

आगे पढ़ें: जून 2026 हिंदू त्योहार — संपूर्ण मार्गदर्शिका


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परमा एकादशी 2026 कब है?

11 जून 2026 गुरुवार (ज्येष्ठ अधिक कृष्ण एकादशी), अधिक मास में। अगली सुबह 12 जून सूर्योदय के बाद पारण।

परमा एकादशी विशेष क्यों है?

यह अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में आती है, इसलिए फल कई गुना — अनेक जन्मों के पाप नष्ट कर समृद्धि व मोक्ष देती है।