संक्षिप्त उत्तर: मुंबई में दीवाली 2026 का मुख्य पर्व लक्ष्मी पूजा रविवार 8 नवंबर को है। पाँच दिवसीय उत्सव धनतेरस 6 नवंबर से आरंभ होकर भाई दूज 10 नवंबर को समाप्त होता है। शहर के मंदिर, बाज़ार और मोहल्ले दीपों, रंगोली और उत्सव से जगमगाते हैं।

मायानगरी मुंबई में दीवाली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि पूरे शहर को जगमगा देने वाला एक भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव है। समुद्र किनारे बसे इस महानगर की गगनचुंबी इमारतों से लेकर तंग गलियों की चॉलों तक, दीवाली 2026 में हर कोना दीपों और उमंग से सराबोर रहेगा। परंपरा और आधुनिकता का यह अनूठा संगम मुंबई की दीवाली को विशेष बनाता है।

मुंबई में दीवाली 2026 की तिथियाँ

दीवाली एक पाँच दिवसीय पर्व है जो धनतेरस से आरंभ होकर भाई दूज तक चलता है। वर्ष 2026 में मुख्य लक्ष्मी पूजा रविवार को पड़ रही है, जिसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है। नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक दिन की तिथि देखें।

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पर्वदिन और तिथि
धनतेरसशुक्रवार, 6 नवंबर 2026
नरक चतुर्दशी / छोटी दीवालीशनिवार, 7 नवंबर 2026
दीवाली / लक्ष्मी पूजा (मुख्य दिन)रविवार, 8 नवंबर 2026
गोवर्धन पूजा / अन्नकूटसोमवार, 9 नवंबर 2026
भाई दूजमंगलवार, 10 नवंबर 2026

पाँच दिनों का आध्यात्मिक महत्व

दीवाली के हर दिन का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। धनतेरस पर धन और आरोग्य के देवता की पूजा होती है, नरक चतुर्दशी बुराई पर विजय का प्रतीक है, लक्ष्मी पूजा में धन एवं समृद्धि की देवी का आह्वान किया जाता है, गोवर्धन पूजा प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की स्मृति है, और भाई दूज भाई-बहन के अटूट स्नेह का उत्सव है।

  • धनतेरस — सोने-चाँदी, बर्तन और नए सामान की खरीदारी तथा भगवान धन्वंतरि व कुबेर की आराधना
  • नरक चतुर्दशी — अभ्यंग स्नान (तेल लगाकर स्नान) और घर की स्वच्छता की परंपरा
  • लक्ष्मी पूजा — माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा, दीप प्रज्वलन और रंगोली
  • गोवर्धन पूजा — अन्नकूट का भोग तथा भगवान श्रीकृष्ण की उपासना
  • भाई दूज — बहनें भाइयों के दीर्घायु और कल्याण की कामना करती हैं

मुंबई की मोहल्लेवार त्योहारी रौनक

मुंबई की दीवाली का असली रंग उसके विविध मोहल्लों में झलकता है। दक्षिण मुंबई के पारंपरिक इलाकों से लेकर उपनगरों की आधुनिक कॉलोनियों तक, हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट पहचान है। स्थानीय बाज़ार, हाउसिंग सोसाइटियाँ और गली-मोहल्ले सामूहिक रूप से दीप सजाते हैं और उत्सव मनाते हैं।

  • दादर और माटुंगा — पारंपरिक महाराष्ट्रियन और दक्षिण भारतीय दीवाली रीति-रिवाज़ों का केंद्र
  • गिरगांव और भुलेश्वर — पुराने मुंबई का सांस्कृतिक रंग, फूल और मिठाई के बाज़ार
  • बोरीवली, कांदिवली और मलाड — उपनगरीय हाउसिंग सोसाइटियों की सामूहिक सजावट व रंगोली प्रतियोगिताएँ
  • जुहू और बांद्रा — समुद्र तट के निकट आधुनिक उत्सव और सजावट
  • गुजराती व मारवाड़ी बहुल इलाके — चोपड़ा पूजा और नववर्ष की बही-खाता परंपरा

मुंबई के प्रमुख मंदिर और दीवाली आयोजन

दीवाली के दौरान मुंबई के प्रसिद्ध मंदिरों में विशेष सजावट, दीपोत्सव और पूजा-अर्चना होती है। श्रद्धालु दर्शन और आशीर्वाद के लिए बड़ी संख्या में उमड़ते हैं। ध्यान रहे कि प्रत्येक मंदिर के 2026 के सटीक कार्यक्रम, समय और विशेष आयोजनों की पुष्टि के लिए संबंधित मंदिर की आधिकारिक घोषणाएँ अवश्य देखें।

  • सिद्धिविनायक मंदिर, प्रभादेवी — गणेश जी के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़
  • श्री महालक्ष्मी मंदिर, महालक्ष्मी — दीवाली पर देवी लक्ष्मी की विशेष आराधना का प्रमुख स्थल
  • मुंबादेवी मंदिर, भुलेश्वर — नगर की अधिष्ठात्री देवी का ऐतिहासिक मंदिर
  • इस्कॉन मंदिर, जुहू — गोवर्धन पूजा और अन्नकूट के भव्य आयोजन
  • बाबुलनाथ मंदिर — भगवान शिव के दर्शन और दीप सज्जा

बाज़ार और खरीदारी का उल्लास

दीवाली के दिनों में मुंबई के बाज़ार रोशनी और भीड़ से गुलज़ार रहते हैं। मिठाई, कपड़े, आभूषण, दीये, सजावट का सामान और उपहार खरीदने के लिए लोग स्थानीय बाज़ारों का रुख करते हैं। धनतेरस पर बर्तन और आभूषण की खरीदारी की परंपरा विशेष रूप से देखी जाती है।

  • क्रॉफर्ड मार्केट — दीये, सजावट, ड्राई फ्रूट्स और उपहारों की खरीदारी
  • ज़वेरी बाज़ार — सोने-चाँदी के आभूषणों के लिए प्रसिद्ध
  • दादर फूल बाज़ार — रंगोली, तोरण और पूजा-सामग्री के लिए ताज़े फूल
  • लोहार चाल और भुलेश्वर — पूजा-सामग्री और पारंपरिक वस्तुओं का थोक बाज़ार
  • लिंकिंग रोड और कोलाबा कॉज़वे — नए कपड़ों और उपहारों की खरीदारी

घर पर लक्ष्मी पूजा की सरल विधि

लक्ष्मी पूजा के दिन घर को स्वच्छ कर द्वार पर रंगोली बनाई जाती है और दीप प्रज्वलित किए जाते हैं। पूजा स्थान पर माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर श्रद्धापूर्वक आराधना की जाती है। मंत्रोच्चार में प्रचलित 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' जैसे सरल मंत्र का जाप किया जाता है।

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  1. घर और पूजा स्थान की सफाई कर द्वार पर रंगोली बनाएँ
  2. चौकी पर स्वच्छ वस्त्र बिछाकर माँ लक्ष्मी व गणेश जी को स्थापित करें
  3. दीप, धूप, अगरबत्ती और फूल अर्पित करें
  4. श्रद्धापूर्वक लक्ष्मी मंत्र का जाप और आरती करें
  5. प्रसाद व नैवेद्य अर्पित कर परिवार सहित आशीर्वाद लें

मुंबई में उत्सव मनाने के लिए सुझाव

  • ग्रीन दीवाली अपनाएँ — कम पटाखे और पर्यावरण-अनुकूल सजावट का चयन करें
  • भीड़-भाड़ वाले मंदिरों और बाज़ारों में समय से पहुँचें और स्थानीय दिशानिर्देशों का पालन करें
  • समुद्र तट और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखें
  • बुज़ुर्गों, बच्चों और पालतू पशुओं का ध्यान रखते हुए पटाखों का संयमित उपयोग करें
  • मिट्टी के दीयों को प्राथमिकता देकर स्थानीय कारीगरों को सहयोग दें

मुंबई की दीवाली 2026 परंपरा, आस्था और महानगरीय उत्साह का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है। चाहे आप मंदिर में दर्शन करें, बाज़ार की रौनक में खो जाएँ या घर पर परिवार संग दीप जलाएँ — यह पर्व हर मुंबईकर के जीवन में रोशनी और उमंग भर देता है। हिन्दुटोन की ओर से आप सभी को दीवाली 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में दीवाली 2026 का मुख्य दिन कब है?

मुंबई में दीवाली 2026 का मुख्य पर्व यानी लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी, जो रविवार होने के कारण विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है।

धनतेरस 2026 किस दिन है?

धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। इस दिन सोने-चाँदी, बर्तन और नए सामान की खरीदारी तथा भगवान धन्वंतरि व कुबेर की पूजा की जाती है।

दीवाली 2026 का पूरा पाँच दिवसीय कार्यक्रम क्या है?

धनतेरस 6 नवंबर, नरक चतुर्दशी 7 नवंबर, लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर, गोवर्धन पूजा 9 नवंबर और भाई दूज 10 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा।

मुंबई में दीवाली पर कौन-से मंदिर दर्शन के लिए प्रमुख हैं?

सिद्धिविनायक, श्री महालक्ष्मी मंदिर, मुंबादेवी, इस्कॉन जुहू और बाबुलनाथ मंदिर प्रमुख हैं। सटीक 2026 कार्यक्रम के लिए संबंधित मंदिर की आधिकारिक घोषणाएँ अवश्य देखें।

दीवाली की खरीदारी के लिए मुंबई के प्रसिद्ध बाज़ार कौन-से हैं?

क्रॉफर्ड मार्केट, ज़वेरी बाज़ार, दादर फूल बाज़ार, भुलेश्वर, लिंकिंग रोड और कोलाबा कॉज़वे दीवाली की खरीदारी के लोकप्रिय स्थल हैं।

घर पर लक्ष्मी पूजा कैसे करें?

घर और पूजा स्थान की सफाई कर रंगोली बनाएँ, माँ लक्ष्मी व गणेश जी को स्थापित करें, दीप-धूप-फूल अर्पित करें और श्रद्धापूर्वक लक्ष्मी मंत्र का जाप कर आरती करें।

मुंबई में किन मोहल्लों में दीवाली की खास रौनक रहती है?

दादर, माटुंगा, गिरगांव, भुलेश्वर, बोरीवली, कांदिवली, मलाड, जुहू और बांद्रा जैसे इलाके अपनी सामूहिक सजावट, रंगोली और उत्सव के लिए जाने जाते हैं।

पर्यावरण-अनुकूल दीवाली कैसे मनाएँ?

कम पटाखों का प्रयोग करें, मिट्टी के दीयों और पर्यावरण-अनुकूल सजावट को प्राथमिकता दें, स्वच्छता बनाए रखें और स्थानीय कारीगरों को सहयोग देकर हरित दीवाली मनाएँ।