आषाढ़ अमावस्या (12 अगस्त) पर आषाढ़ मास 2026 के समापन के साथ वर्ष का सर्वाधिक पवित्र मास आरंभ होता है: श्रावण मास, 13 अगस्त 2026 से। यह सेतु बताता है कि क्या आगे चलता है व किसकी प्रतीक्षा करें।

हस्तांतरण: 12 → 13 अगस्त 2026

  • आषाढ़ समाप्ति: आषाढ़ अमावस्या, 12 अगस्त 2026
  • श्रावण आरंभ: 13 अगस्त 2026 (तेलुगु / अमांत)
  • निरंतरता: तोली एकादशी से आरंभ चातुर्मास श्रावण में जारी

संयम से तेज की ओर

आषाढ़ ने हमें अंतर्मुख किया — चातुर्मास, एकादशी व्रत, गुरु पूर्णिमा। श्रावण उस भक्ति को बनाए रखते हुए ऐश्वर्य व उत्सव जोड़ता है: यह शिव का मास (श्रावण सोमवार), लक्ष्मी (वरलक्ष्मी) व प्रेम-बंधन (रक्षा बंधन) है। आषाढ़ में बोए साधना-बीज श्रावण में पुष्पित होते हैं।

श्रावण 2026 में प्रतीक्षित

  • श्रावण सोमवार: रुद्राभिषेक सहित शिव सोमवार (~17 अगस्त से)
  • नाग पंचमी: ~17 अगस्त
  • वरलक्ष्मी व्रत: 21 अगस्त — प्रमुख लक्ष्मी पर्व
  • रक्षा बंधन / श्रावण पूर्णिमा: 28 अगस्त
  • कृष्ण जन्माष्टमी: ~4 सितंबर

पूर्ण श्रावण मास 2026 गाइड हिंदुटोन पर प्रकाशित हो रहा है; तब तक अपना चातुर्मास नियम नए मास में आगे बढ़ाएँ।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आषाढ़ कब समाप्त व श्रावण कब आरंभ होता है (2026)?

आषाढ़ मास आषाढ़ अमावस्या, 12 अगस्त 2026 को समाप्त होता है; श्रावण मास (तेलुगु/अमांत) अगले दिन 13 अगस्त को आरंभ होता है।

आषाढ़–श्रावण संक्रमण क्यों महत्वपूर्ण है?

आषाढ़ संयम व भक्ति से चातुर्मास खोलता है; श्रावण — सर्वाधिक पवित्र मास — श्रावण सोमवार, वरलक्ष्मी, रक्षा बंधन, नाग पंचमी व कृष्ण जन्माष्टमी के साथ उसे आगे ले जाता है।

श्रावण 2026 की पहली बड़ी तिथियाँ?

वरलक्ष्मी व्रत (21 अगस्त), रक्षा बंधन/श्रावण पूर्णिमा (28 अगस्त), श्रावण सोमवार, नाग पंचमी (~17 अगस्त), कृष्ण जन्माष्टमी (~4 सितंबर)।

मुख्य बिंदु

  • आषाढ़ 12 अगस्त 2026 को समाप्त; श्रावण 13 अगस्त से।
  • चातुर्मास जारी; संयम उत्सव में खिलता है।
  • श्रावण मुख्य: सोमवार, वरलक्ष्मी (21 अगस्त), रक्षा बंधन (28 अगस्त)।

देखें: आषाढ़ मास 2026 गाइडआषाढ़ अमावस्या 2026