संक्षिप्त उत्तर: कजरी तीज 2026 रविवार, 30 अगस्त को है (तेलुगु अमांत में श्रावण कृष्ण तृतीया, पूर्णिमांत में भाद्रपद कृष्ण तृतीया)। महिलाएँ चंद्र दर्शन के बाद व्रत तोड़ती हैं, नीम शाखा की पूजा करती हैं और सत्तू बनाती हैं, परिवार के कल्याण की प्रार्थना करते हुए।

कजरी तीज (कजली तीज, सातूड़ी तीज, बूढ़ी तीज) मिर्ज़ापुर–वाराणसी क्षेत्र व राजस्थान का वर्षा-त्योहार है, जो श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में पड़ता है। इसमें नीम शाखा पूजा, चंद्र दर्शन व्रत और कजरी लोकगीत प्रमुख हैं।

कजरी तीज 2026 — तिथि व मुख्य तथ्य

  • तिथि: रविवार, 30 अगस्त 2026
  • पर्व: श्रावण कृष्ण तृतीया (अमांत) = भाद्रपद कृष्ण तृतीया (पूर्णिमांत)
  • देवता: देवी पार्वती (तीज माता) व शिव; नीम वृक्ष; चंद्रमा
  • अन्य नाम: कजली तीज, सातूड़ी तीज, बूढ़ी तीज
  • व्रत तोड़ना: चंद्र दर्शन व अर्घ्य के बाद

एक त्योहार के चार नाम

नामक्षेत्र
कजरी / कजली तीजUP (मिर्ज़ापुर, वाराणसी), MP
सातूड़ी तीजराजस्थान (सत्तू से)
बूढ़ी तीजराजस्थान / उत्तर के भाग
कजरी तीजबिहार, झारखंड

नीम शाखा पूजा

प्रमुख अनुष्ठान नीम शाखा की पूजा है: एक शाखा स्थापित व सज्जित की जाती है, महिलाएँ तालाब या जलाशय जाती हैं, और सत्तू, रोली, फूल व दीपक अर्पित करती हैं। पार्वती व्रत की देवी रूप में पूजित हैं, और वर्षा में शीतल-औषधीय नीम का सम्मान किया जाता है।

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चंद्र दर्शन व्रत

व्रत दिनभर रखा जाता है और चंद्रमा को देखकर अर्घ्य देने के बाद ही तोड़ा जाता है। चंद्रोदय समय शहर अनुसार भिन्न होता है, अतः उस दिन स्थानीय समय देखें। कई सत्तू से व्रत तोड़ती हैं।

सत्तू — त्योहार का विशेष आहार

सत्तू (भुना चना आटा) दिन के भोजन का हृदय है — नम ऋतु में हल्का, शीतल व पौष्टिक, इसीलिए इसे सातूड़ी तीज भी कहते हैं। यह नैवेद्य में अर्पित होता व व्रत-भंग पर खाया जाता है।

कजरी गीत

कजरी मिर्ज़ापुर–वाराणसी क्षेत्र के वर्षा-लोकगीत हैं, विरह व वर्षा के आनंद से भरे, और हिंदुस्तानी उपशास्त्रीय संगीत में इनका प्रिय स्थान है। मिलकर कजरी गाना त्योहार की सामुदायिक गर्माहट का भाग है।

कजरी बनाम हरियाली बनाम हरतालिका तीज

तीजमास व तिथिकब (2026)
हरियाली तीजश्रावण शुक्ल तृतीया15 अगस्त
कजरी तीजकृष्ण तृतीया30 अगस्त
हरतालिका तीजभाद्रपद शुक्ल तृतीयासितंबर (स्थानीय पुष्टि)

कौन रखती है — एक टिप्पणी

परंपरागत रूप से विवाहित महिलाएँ परिवार के कल्याण हेतु रखती हैं; अविवाहित भी रखती हैं, और आज कई इसे ऋतु व समुदाय के उत्सव रूप में रखती हैं। किसी स्त्री का मूल्य इस बात से नहीं मापा जाता कि वह व्रत रखती है या नहीं — यह आनंद व श्रद्धा का कर्म है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कजरी तीज 2026 कब है?

कजरी तीज 2026 रविवार, 30 अगस्त को है — तेलुगु अमांत में श्रावण कृष्ण तृतीया (पूर्णिमांत में भाद्रपद कृष्ण तृतीया)।

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कजरी तीज कैसे मनाई जाती है?

महिलाएँ सज्जित नीम शाखा की पूजा करती हैं, तालाब/जलाशय जाती हैं, चंद्र दर्शन के बाद व्रत तोड़ती हैं, सत्तू बनाती हैं और कजरी लोकगीत गाती हैं।

कजरी और हरियाली तीज में क्या अंतर है?

हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया (15 अगस्त 2026) को है; कजरी तीज कृष्ण तृतीया (30 अगस्त 2026) को। हरियाली पहली वर्षा की हरियाली, कजरी नीम पूजा व चंद्र दर्शन व्रत पर केंद्रित है।

कजरी तीज पर क्या खाते हैं?

सत्तू (भुना चना आटा) की तैयारियाँ विशेष आहार हैं, मौसमी व्यंजनों सहित; व्रत चंद्र दर्शन के बाद सत्तू से तोड़ा जाता है।

कजरी तीज पर व्रत कब तोड़ा जाता है?

व्रत चंद्रमा को देखकर अर्घ्य देने के बाद तोड़ा जाता है। चंद्रोदय समय शहर अनुसार भिन्न है, अतः उस दिन स्थानीय समय देखें।

इसे सातूड़ी तीज क्यों कहते हैं?

क्योंकि सत्तू (भुना चना आटा) त्योहार के भोजन का केंद्र है — वर्षा में शीतल व पौष्टिक — इसे सातूड़ी तीज भी कहते हैं, विशेषकर राजस्थान में।