आषाढ़ मास हिंदू पंचांग का चौथा मास है और इसी मास से चातुर्मास (भगवान विष्णु के योग-निद्रा के चार पवित्र मास) का प्रारंभ होता है। 2026 में आषाढ़ मास अनेक महत्त्वपूर्ण व्रत-त्योहारों से भरपूर है।

आषाढ़ मास 2026 — प्रारंभ व समाप्ति तिथि

  • प्रारंभ: 1 जुलाई 2026 (बुधवार)
  • समाप्ति: 29 जुलाई 2026 (बुधवार) — आषाढ़ पूर्णिमा
  • विशेष: इसी मास में दक्षिणायन और चातुर्मास का आरंभ होता है।

आषाढ़ मास 2026 की प्रमुख तिथियाँ

तिथिपर्वमहत्व
9 जुलाई 2026योगिनी एकादशीपाप-नाशक व्रत
14-22 जुलाई 2026गुप्त नवरात्रिदस महाविद्या साधना
15 जुलाई 2026देवशयनी एकादशीचातुर्मास आरंभ
16 जुलाई 2026कर्क संक्रांति / दक्षिणायनसूर्य उत्तर से दक्षिण
29 जुलाई 2026गुरु पूर्णिमाव्यास पूर्णिमा
29 जुलाई 2026कोकिला व्रतसती-गौरी व्रत

आषाढ़ मास का आध्यात्मिक महत्व

आषाढ़ मास में सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन की ओर प्रवेश करता है। इसी मास में चातुर्मास का आरंभ होता है — भगवान विष्णु क्षीर-सागर में योग-निद्रा में जाते हैं और चार महीने तक यह दिव्य विश्राम चलता है।

इस मास में किया गया हर व्रत, दान व जप कई गुना फल देता है। विवाह, उपनयन आदि शुभ कार्य चातुर्मास में नहीं किए जाते, परंतु पूजा-पाठ, तीर्थ-यात्रा, साधना के लिए यह श्रेष्ठ काल है।

Advertisement

आषाढ़ में करने योग्य आध्यात्मिक कर्म

  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ
  • गुरु पूजा व गुरु-मंत्र जप
  • दस महाविद्या साधना (गुप्त नवरात्रि में)
  • सूर्य व चंद्र दोनों की संधि-काल पूजा
  • जल-दान, अन्न-दान व छाता-दान (आषाढ़ में विशेष पुण्य)

अधिक जानकारी के लिए देखें: चातुर्मास 2026 — नियम, क्या खाएँ

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय