संक्षिप्त उत्तर: 2026 में श्रावण के सोमवार दो कैलेंडरों में आते हैं: पूर्णिमांत सावन सोमवार (3, 10, 17, 24 अगस्त) और अमांत श्रावण सोमवारम (17, 24, 31 अगस्त, 7 सितंबर)। दोनों भगवान शिव को समर्पित हैं, स्थानीय सोमवार को अभिषेक व बिल्वपत्र से मनाए जाते हैं।

श्रावण के सोमवार — उत्तर में सावन सोमवार, दक्षिण में श्रावण सोमवारम — भगवान शिव को समर्पित हैं और अभिषेक, बिल्वपत्र तथा व्रत के साथ मनाए जाते हैं। यहाँ 2026 के दोनों तिथि-समूह और पूजा-मार्गदर्शन दिए गए हैं।

2026 में दोनों तिथियाँ अलग क्यों हैं?

उत्तर भारत पूर्णिमांत कैलेंडर (मास पूर्णिमा पर समाप्त) और दक्षिण-पश्चिम का बड़ा भाग अमांत कैलेंडर (मास अमावस्या पर समाप्त) मानता है। इसलिए श्रावण मास की तिथि-सीमा भिन्न होती है और सोमवार अलग-अलग तिथियों पर पड़ते हैं। कोई भी अधिक सही नहीं — अपनी पारिवारिक परंपरा का पालन करें।

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परंपराश्रावण सोमवार 2026मास अवधि
पूर्णिमांत — सावन सोमवार3, 10, 17, 24 अगस्त30 जुलाई – 28 अगस्त
अमांत — श्रावण सोमवारम17, 24, 31 अगस्त, 7 सितंबर13 अगस्त – 11 सितंबर

क्या एनआरआई भारत के सोमवार को मनाएँ या स्थानीय सोमवार को?

अपने स्थानीय सोमवार को। शिकागो में भक्त सेंट्रल समय के सोमवार को मनाते हैं, भारत के सोमवार को नहीं। अभिषेक का समय अपने मंदिर से पुष्टि करें।

क्या-क्या किया जाता है

  • जल और पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक।
  • बिल्व (बेल) पत्र अर्पण — शिव को प्रिय तीन-दल का पत्ता।
  • पूजा, मंत्र जप (ॐ नमः शिवाय आदि) और व्रत कथा।
  • अनेक भक्त व्रत की किसी पारंपरिक विधि का पालन करते हैं।

श्रावण का साप्ताहिक ग्रिड 2026

वारदेवतातिथियाँ 2026 (अमांत)
सोमवारशिव17, 24, 31 अगस्त, 7 सितंबर
मंगलवार — मंगला गौरीगौरी18, 25 अगस्त, 1, 8 सितंबर
शुक्रवारमहालक्ष्मी14, 21, 28 अगस्त, 4, 11 सितंबर

शुक्रवार माँ लक्ष्मी को समर्पित हैं, और श्रावण पूर्णिमा से पहले का शुक्रवार वरलक्ष्मी व्रत है (2026 में 21 अगस्त, तेलुगु-तमिल-कन्नड़ परंपरा)। इस मास में नागपंचमी (लगभग 17–18 अगस्त), रक्षाबंधन (28 अगस्त) और कृष्ण जन्माष्टमी (3–4 सितंबर) भी आते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सावन सोमवार 2026 की तिथियाँ क्या हैं?

पूर्णिमांत सावन सोमवार: 3, 10, 17, 24 अगस्त। अमांत श्रावण सोमवारम: 17, 24, 31 अगस्त, 7 सितंबर। अपनी पारिवारिक परंपरा का पालन करें।

दोनों कैलेंडर अलग सोमवार क्यों देते हैं?

पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर और अमांत मास अमावस्या पर समाप्त होता है, इसलिए श्रावण की तिथि-सीमा भिन्न होती है और सोमवार अलग पड़ते हैं।

श्रावण सोमवार किस देवता को समर्पित हैं?

भगवान शिव को। भक्त अभिषेक, बिल्वपत्र अर्पण, मंत्र जप और व्रत करते हैं।

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एनआरआई किस सोमवार को मनाएँ?

अपने स्थानीय सोमवार को, अपने समय-क्षेत्र में। अभिषेक का समय मंदिर से पुष्टि करें।

नागपंचमी 2026 कब है?

नागपंचमी लगभग 17–18 अगस्त 2026 को है (तिथि-आधारित) — सटीक तिथि विश्वसनीय पंचांग या मंदिर से पुष्टि करें।

श्रावण शुक्रवार किसके लिए हैं?

शुक्रवार महालक्ष्मी को समर्पित हैं; श्रावण पूर्णिमा से पहला शुक्रवार वरलक्ष्मी व्रत है (2026 में 21 अगस्त)।

मंगला गौरी व्रत क्या है?

यह श्रावण के मंगलवार का व्रत है जो देवी गौरी को समर्पित है, 2026 में 18, 25 अगस्त और 1, 8 सितंबर (अमांत)।

क्या पूरा श्रावण मास शुभ है?

हाँ। श्रावण अत्यंत पवित्र माना जाता है — सोमवार शिव, मंगलवार गौरी और शुक्रवार लक्ष्मी के लिए, साथ ही अनेक पर्व।