आषाढ़ शुक्रवार 2026: वैभव लक्ष्मी व्रत
आषाढ़ शुक्रवार 2026 (17, 24, 31 जुलाई व 7 अगस्त): श्री महालक्ष्मी आराधना व वैभव लक्ष्मी व्रत — पूजा विधि, मंत्र व प्रवासी गाइड।

आषाढ़ शुक्रवार 2026 (17, 24, 31 जुलाई व 7 अगस्त): श्री महालक्ष्मी आराधना व वैभव लक्ष्मी व्रत — पूजा विधि, मंत्र व प्रवासी गाइड।
आषाढ़ शुक्रवार — आषाढ़ मास के शुक्रवार — देवी, विशेषकर श्री महालक्ष्मी की आराधना को समर्पित हैं। 2026 में ये 17, 24, 31 जुलाई व 7 अगस्त को हैं। विवाहित स्त्रियाँ समृद्धि व परिवार-कल्याण हेतु वैभव लक्ष्मी व्रत रखती हैं। यह आषाढ़ मास 2026 की प्रिय परंपराओं में से एक है।
आषाढ़ शुक्रवार 2026 तिथियाँ
- शुक्रवार: 17, 24, 31 जुलाई व 7 अगस्त 2026
- देवता: श्री महालक्ष्मी (कुछ परंपराओं में गौरी)
- विदेश में: शुक्रवार विश्वभर में समान दिन; स्थानीय शुक्रवार व्रत रखें
महत्व
शुक्रवार लक्ष्मी का दिन है; पवित्र आषाढ़ के शुक्रवार उनकी कृपा हेतु विशेष फलदायी माने जाते हैं। भक्त धन, धान्य, दांपत्य-सामंजस्य व संतान-कल्याण हेतु प्रार्थना करते हैं और गृहस्थी को लक्ष्मी के ऐश्वर्य से जोड़ते हैं।
वैभव लक्ष्मी व्रत — पूजा विधि
- पूजा स्थान स्वच्छ कर चावल पर कलश/लक्ष्मी मूर्ति-चित्र रखें व घी-दीप जलाएँ।
- कुमकुम, हल्दी, लाल पुष्प, चूड़ियाँ व नैवेद्य (पायसम/मीठा पोंगल) अर्पित करें।
- श्री सूक्त या लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ व आरती।
- चुने हुए शुक्रवार व्रत रखकर स्त्रियों में प्रसाद बाँटें।
मंत्र
लक्ष्मी: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः · oṃ śrīṃ mahālakṣmyai namaḥ — 108 बार; श्री सूक्त का पाठ श्रेयस्कर।
प्रवासी आषाढ़ शुक्रवार कैसे मनाते हैं
यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएई व जर्मनी में लक्ष्मी मंदिर व तेलुगु संस्थाएँ पूरे आषाढ़ शुक्रवार लक्ष्मी पूजा करती हैं। घर पर सरल कलश, घी-दीप व प्रत्येक शुक्रवार संध्या श्री सूक्त — कार्य-सप्ताह के अनुसार — व्रत का पूर्ण भाव देते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आषाढ़ शुक्रवार 2026 में कब हैं?
2026 में आषाढ़ शुक्रवार 17, 24, 31 जुलाई व 7 अगस्त को हैं — देवी लक्ष्मी/गौरी की आराधना के विशेष दिन।
वैभव लक्ष्मी व्रत क्या है?
श्री महालक्ष्मी हेतु समृद्धि व परिवार-कल्याण का शुक्रवार व्रत — कलश/मूर्ति पूजा, लक्ष्मी अष्टोत्तर, नैवेद्य व आरती; प्रायः निश्चित संख्या में शुक्रवार रखे जाते हैं।
आषाढ़ शुक्रवार कौन रखता है?
मुख्यतः विवाहित स्त्रियाँ परिवार-कल्याण व समृद्धि हेतु; कोई भी इन शुक्रवारों को लक्ष्मी की पूजा कर सकता है।
आषाढ़ शुक्रवार पर क्या अर्पित करें?
कुमकुम, हल्दी, लाल पुष्प, घी-दीप; पायसम/मीठा पोंगल जैसा नैवेद्य; श्री सूक्त या लक्ष्मी अष्टोत्तर का पाठ।
मुख्य बिंदु
- आषाढ़ शुक्रवार 2026: 17, 24, 31 जुलाई व 7 अगस्त।
- श्री महालक्ष्मी आराधना; वैभव लक्ष्मी व्रत।
- कुमकुम व पायसम अर्पित कर श्री सूक्त पाठ।
देखें: आषाढ़ मास 2026 गाइड व बोनालू 2026।



