आषाढ़ मास देवता-आराधना से समृद्ध है — विष्णु (चातुर्मास), महाकाली (बोनालू), लक्ष्मी (आषाढ़ शुक्रवार), गुरु (गुरु पूर्णिमा) व शिव। यह हब प्रत्येक देवता हेतु प्रामाणिक मंत्र देवनागरी, IAST व तेलुगु में देता है। यह हमारी आषाढ़ मास 2026 गाइड का सहयोगी है।

विष्णु — चातुर्मास व तोली एकादशी

विष्णु मंत्र: ॐ नमो नारायणाय · oṃ namo nārāyaṇāya — "भगवान नारायण को नमस्कार।" चातुर्मास भर प्रतिदिन 108 बार; एकादशी पर विष्णु सहस्रनाम।

महाकाली — बोनालू

नवार्ण मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे · oṃ aiṃ hrīṃ klīṃ cāmuṇḍāyai vicce — देवी चामुंडा/महाकाली का महामंत्र, बोनालू रविवारों पर।

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लक्ष्मी — आषाढ़ शुक्रवार

लक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः · oṃ śrīṃ mahālakṣmyai namaḥ — समृद्धि व परिवार-कल्याण हेतु; शुक्रवार को श्री सूक्त।

गुरु — गुरु पूर्णिमा

गुरु स्तोत्र: गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः… — व्यास पूर्णिमा पर गुरु का सम्मान। सरल जप: ॐ गुरवे नमः।

शिव — पूरे मास

शिव पंचाक्षरी: ॐ नमः शिवाय · oṃ namaḥ śivāya — पंचाक्षरी मंत्र, प्रतिदिन।

महामृत्युंजय: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ — स्वास्थ्य व रक्षा हेतु; वर्षा-ऋतु में उपयुक्त।

जप कैसे करें

  • स्नान के बाद पूर्व/उत्तर मुख बैठकर दीप जलाएँ।
  • तुलसी/रुद्राक्ष माला से 108 बार।
  • नित्य एक ही समय; श्रद्धा से 11–21 बार भी लाभकारी।
  • कृतज्ञता व मौन से समापन।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आषाढ़ मास हेतु कौन-से मंत्र श्रेष्ठ हैं?

चातुर्मास व तोली एकादशी हेतु "ॐ नमो नारायणाय"; बोनालू/महाकाली हेतु नवार्ण मंत्र; आषाढ़ शुक्रवार हेतु "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः"; गुरु पूर्णिमा हेतु गुरु स्तोत्र; पूरे मास "ॐ नमः शिवाय"/महामृत्युंजय।

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कितनी बार जप करें?

सामान्यतः प्रतिदिन 108 बार (एक माला); श्रद्धा से 11 या 21 बार भी शुभ। संख्या से अधिक नियमितता महत्वपूर्ण है।

क्या आरंभकर्ता ये मंत्र जप सकते हैं?

हाँ। सरल नमः मंत्रों (ॐ नमो नारायणाय, ॐ नमः शिवाय) से आरंभ करें; श्री सूक्त व महामृत्युंजय धीरे-धीरे जोड़ें।

संबंधित: तोली एकादशी, बोनालू, गुरु पूर्णिमा