भाई दूज 2026: तिथि, कथा, तिलक विधि व महत्व
भाई दूज (यम द्वितीया) 2026 (मंगल 10 नवंबर): दीपावली का समापन करता भाई-बहन बंधन — यम-यमुना कथा, तिलक विधि, अनुष्ठान व प्रवासी गाइड।

भाई दूज (यम द्वितीया) 2026 (मंगल 10 नवंबर): दीपावली का समापन करता भाई-बहन बंधन — यम-यमुना कथा, तिलक विधि, अनुष्ठान व प्रवासी गाइड।
भाई दूज — यम द्वितीया — दीपावली 2026 का स्नेहमय समापन है। मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को बहनें तिलक लगाकर भाइयों की दीर्घायु की प्रार्थना करती हैं, व भाई प्रेम व रक्षा का वचन देते हैं।
भाई दूज 2026 तिथि
- तिथि: मंगलवार, 10 नवंबर 2026 (शुक्ल द्वितीया) — तिलक मुहूर्त स्थानीय पुष्टि करें
- अन्य नाम: भाई बीज, यम द्वितीया, भ्रातृ द्वितीया, भगिनी हस्त भोजनम
- प्रतीक: दीपावली का पाँचवाँ, अंतिम दिन
महत्व
भाई दूज रक्षाबंधन की भाँति भाई-बहन के पवित्र बंधन को मनाता है। बहन का तिलक व प्रार्थना भाई की दीर्घायु व समृद्धि हेतु प्रेम-कवच है; भाई का उपहार व रक्षा-वचन उसका उत्तर। जहाँ दिवाली लक्ष्मी के प्रकाश का सम्मान करती है, यह दिन पारिवारिक प्रेम के प्रकाश का।
कथा व परंपरा
कहा जाता है कि मृत्यु के देवता यम ने अपनी बहन यमी — यमुना नदी — से भेंट की, जिसने तिलक, मिठाई व भोजन से सहर्ष स्वागत किया। प्रसन्न होकर यम ने घोषित किया कि इस दिन बहन का तिलक पाने वाला भाई भय से मुक्त रहेगा; इसीलिए यम द्वितीया। नरकासुर वध के बाद कृष्ण का बहन सुभद्रा से मिलना भी स्मरित है।
अनुष्ठान
- बहन तिलक, अक्षत, दीप व मिठाई की थाली तैयार करती है।
- भाई के माथे पर तिलक लगा, आरती कर, दीर्घायु की प्रार्थना करती है।
- भाई उपहार व रक्षा का वचन देता है।
- परिवार भोजन साझा करता है — भगिनी हस्त भोजनम, बहन के हाथ का भोजन।
प्रवासी कैसे मनाते हैं
यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएई व जर्मनी में भाई-बहन प्रत्यक्ष या वीडियो कॉल पर भाई दूज — तिलक, प्रार्थना, उपहार व भोजन — मनाकर दिवाली सप्ताह को पारिवारिक स्नेह से पूर्ण करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भाई दूज 2026 कब है?
भाई दूज (यम द्वितीया) मंगलवार, 10 नवंबर 2026 (शुक्ल द्वितीया), दीपावली का पाँचवाँ व अंतिम दिन; तिलक मुहूर्त स्थानीय पुष्टि करें।
भाई दूज पर क्या मनाते हैं?
भाई-बहन का बंधन — बहनें तिलक लगाकर भाइयों की दीर्घायु व कल्याण की प्रार्थना करती हैं, भाई उपहार व रक्षा का वचन देते हैं।
इसके पीछे की कथा क्या है?
मृत्यु के देवता यम ने अपनी बहन यमी (यमुना) से भेंट की, जिसने तिलक व भोजन से स्वागत किया; उन्होंने वरदान दिया कि इस दिन बहन द्वारा सम्मानित भाई भय से मुक्त रहेगा — इसीलिए यम द्वितीया।
इसके अन्य नाम क्या हैं?
भाई बीज, यम द्वितीया, भ्रातृ द्वितीया व भगिनी हस्त भोजनम (दक्षिण में — बहन के हाथ का भोजन)।
मुख्य बिंदु
- भाई दूज 2026: मंगलवार, 10 नवंबर — दीपावली का अंतिम दिन।
- बहन का तिलक व प्रार्थना; भाई का उपहार व रक्षा।
- यम व यमुना से मूल (यम द्वितीया)।
देखें: दीपावली 2026, गोवर्धन पूजा 2026 व दीपावली प्रवासी गाइड।



