गुरु नानक जयंती 2026 — बुध 25 नवंबर: 557वाँ प्रकाश उत्सव, गुरपुरब उत्सव, लंगर और NRI गाइड
गुरु नानक जयंती 2026 बुध 25 नवंबर (557वाँ प्रकाश उत्सव)। 3-दिन गुरपुरब कैलेंडर, प्रमुख गुरुद्वारे (हरमंदिर साहिब, नानकाना, बंगला साहिब), लंगर परंपरा, नगर कीर्तन और NRI गाइड।

गुरु नानक जयंती 2026 बुध 25 नवंबर (557वाँ प्रकाश उत्सव)। 3-दिन गुरपुरब कैलेंडर, प्रमुख गुरुद्वारे (हरमंदिर साहिब, नानकाना, बंगला साहिब), लंगर परंपरा, नगर कीर्तन और NRI गाइड।
गुरु नानक जयंती 2026 — गुरु नानक देव जी का 557वाँ प्रकाश उत्सव — बुधवार, 25 नवंबर 2026 (कार्तिक पूर्णिमा) को है। सिख धर्म के संस्थापक और भक्ति आंदोलन के महान संत — भारत और प्रवासी समुदाय में सिखों तथा हिंदुओं दोनों द्वारा मनाया जाने वाला पर्व, जिसे गुरपुरब भी कहा जाता है।
तिथि
गुरु नानक जयंती 2026: बुधवार, 25 नवंबर 2026।
अवसर: 557वाँ प्रकाश उत्सव।
योग: कार्तिक पूर्णिमा। वाराणसी में देव दीपावली के साथ मेल।
गुरु नानक देव जी कौन थे?
गुरु नानक का जन्म 1469 में तलवंडी (आज नानकाना साहिब, पाकिस्तान) में हुआ। सिख धर्म की स्थापना निम्न मूल सिद्धांतों पर की:
- "इक ओंकार" — एक ईश्वर सर्वव्यापक; सिख धर्म का आधार मंत्र।
- नाम जपना — ध्यान एवं प्रार्थना के माध्यम से ईश्वर स्मरण।
- किरत करो — ईमानदार, नैतिक कार्य आध्यात्मिक साधना है।
- वंड छको — अन्य के साथ बाँटना; लंगर परंपरा का मूल।
- समानता — जाति, लिंग भेदभाव और खोखले कर्मकांड का अस्वीकार।
गुरु ग्रंथ साहिब में 974 शब्द (भजन) रचे। चार उदासियों (आध्यात्मिक यात्राओं) में असम, श्रीलंका, मक्का, बगदाद, तिब्बत तक गए।
गुरपुरब 3-दिन
- दिन 1 (सोम 23 नवं 2026): अखंड पाठ आरंभ — हर गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहिब का 48-घंटे निरंतर पाठ।
- दिन 2 (मंगल 24 नवं 2026): नगर कीर्तन — पंज प्यारे (पाँच सिख स्वयंसेवक) के नेतृत्व में गुरु ग्रंथ साहिब सहित शोभा यात्रा।
- दिन 3 · प्रकाश उत्सव (बुध 25 नवं 2026): सूर्योदय पर आसा दी वार, कथा, लंगर (सभी के लिए मुफ्त सामुदायिक भोजन), करह प्रसाद वितरण।
प्रमुख गुरुद्वारे
- श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर), अमृतसर: 1,00,000+ दीयों से जगमगाहट। 3 लाख+ भक्तों की संभावना।
- श्री नानकाना साहिब, पाकिस्तान: गुरु नानक के जन्मस्थान पर सीमा-पार तीर्थयात्रा।
- बंगला साहिब, दिल्ली: 24-घंटे नगर कीर्तन + लाखों के लिए लंगर।
- पटना साहिब, बिहार: गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्मस्थान।
लंगर — सार्वभौमिक निःशुल्क भोजन
लंगर सिख धर्म की सबसे प्रतिष्ठित परंपरा — हर गुरुद्वारे में हर आगंतुक को मुफ्त शाकाहारी भोजन, धर्म, जाति, लिंग, धन या राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना। गुरपुरब पर स्वर्ण मंदिर, बंगला साहिब में एक दिन में 1,00,000+ भोजन। यह परंपरा गुरु नानक जी के "सचा सौदा" — 20 रुपये का पहला व्यवसाय जो उन्होंने भूखे साधुओं को खिलाने में लगाया — से आई।
गुरपुरब कैसे मनाएँ
- सूर्योदय से पहले जागरण; स्नान।
- जपजी साहिब का पाठ/श्रवण।
- निकटतम गुरुद्वारे जाएँ; कीर्तन में भाग लें।
- सेवा — लंगर तैयारी या वितरण में सहायता।
- केवल शाकाहारी भोजन; शराब/माँसाहार से बचें।
- गुरु नानक जी के एकता, समानता, सेवा के उपदेश पर मनन।
- शाम को रहरास साहिब पाठ।
- परिवार को करह प्रसाद वितरण।
NRI परिवारों के लिए
USA, UK, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया, UAE में प्रमुख गुरपुरब कार्यक्रम। मुख्य केंद्र:
- USA: San Jose (सबसे बड़ा US गुरुद्वारा), NY, Fremont CA, Yuba City, Chicago।
- UK: Southall (सबसे बड़ा भारत के बाहर), Ilford, Birmingham।
- कनाडा: Toronto, Brampton — पंजाब के बाहर सबसे बड़े सिख केंद्रों में से।
- UAE: गुरुनानक दरबार गुरुद्वारा दुबई (खाड़ी का सबसे बड़ा गुरुद्वारा)।
अंग्रेज़ी विस्तृत गाइड: Guru Nanak Jayanti 2026.
