धनतेरस 2026 हैदराबाद: संपूर्ण उत्सव मार्गदर्शिका, पूजा मुहूर्त और खरीदारी का शुभ समय
धनतेरस 2026 शुक्रवार 6 नवंबर को हैदराबाद में पाँच दिवसीय दीपावली उत्सव की शुभ शुरुआत करता है। जानिए पूजा विधि, खरीदारी का शुभ मुहूर्त और स्थानीय परंपराएँ।

धनतेरस 2026 शुक्रवार 6 नवंबर को हैदराबाद में पाँच दिवसीय दीपावली उत्सव की शुभ शुरुआत करता है। जानिए पूजा विधि, खरीदारी का शुभ मुहूर्त और स्थानीय परंपराएँ।
संक्षिप्त उत्तर: धनतेरस 2026 शुक्रवार 6 नवंबर को मनाया जाएगा। हैदराबाद में यह दिन पाँच दिवसीय दीपावली उत्सव की शुभ शुरुआत करता है, जब लोग धन्वंतरि और माँ लक्ष्मी की पूजा करते हैं, सोना, चाँदी व बर्तन खरीदते हैं और घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाते हैं।
धनतेरस 2026 हैदराबाद में शुक्रवार 6 नवंबर को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व पाँच दिवसीय दीपावली उत्सव की शुभ शुरुआत का प्रतीक है, जब घर-घर में समृद्धि, आरोग्य और सौभाग्य की कामना के साथ पूजा-अर्चना और खरीदारी होती है।
धनतेरस को 'धन त्रयोदशी' और 'धन्वंतरि जयंती' भी कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए यह दिन आरोग्य और आयुर्वेद के देवता की आराधना का भी है।
धनतेरस 2026 की तिथि और पाँच दिवसीय दीपावली
इस वर्ष हैदराबाद सहित पूरे भारत में दीपावली पर्व की तिथियाँ इस प्रकार हैं। मुख्य लक्ष्मी पूजा रविवार को पड़ने के कारण इसे विशेष शुभ माना जा रहा है।
| पर्व | दिन और तिथि |
|---|---|
| धनतेरस | शुक्रवार 6 नवंबर 2026 |
| नरक चतुर्दशी / छोटी दीपावली | शनिवार 7 नवंबर 2026 |
| दीपावली / लक्ष्मी पूजा | रविवार 8 नवंबर 2026 |
| गोवर्धन पूजा / अन्नकूट | सोमवार 9 नवंबर 2026 |
| भाई दूज | मंगलवार 10 नवंबर 2026 |
धनतेरस पूजा मुहूर्त की सामान्य जानकारी
धनतेरस की पूजा प्रायः प्रदोष काल में, यानी सूर्यास्त के बाद, स्थिर लग्न में करना शुभ माना जाता है। हैदराबाद का सटीक मुहूर्त स्थानीय सूर्यास्त और पंचांग पर निर्भर करता है, इसलिए अपने स्थानीय पंडित, मंदिर या विश्वसनीय पंचांग से 6 नवंबर 2026 का सही समय अवश्य पुष्टि कर लें।
- प्रदोष काल में दीप प्रज्वलन और लक्ष्मी-धन्वंतरि पूजा शुभ मानी जाती है
- स्थिर लग्न (जैसे वृषभ लग्न) में पूजा को श्रेष्ठ माना जाता है
- सांध्य बेला में घर के मुख्य द्वार पर दीपदान की परंपरा है
- सटीक क्लॉक समय के लिए स्थानीय हैदराबाद पंचांग की पुष्टि करें
खरीदारी का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर सोना, चाँदी, बर्तन, नए वाहन और घरेलू सामान खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। परंपरा है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएँ घर में तेरह गुना समृद्धि लाती हैं। पूरे दिन खरीदारी होती है, पर प्रदोष व स्थिर लग्न को विशेष शुभ माना जाता है।
- सोना और चाँदी के आभूषण या सिक्के
- पीतल, चाँदी या स्टील के नए बर्तन
- झाड़ू, जिसे लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है
- धनिया के बीज, इलेक्ट्रॉनिक सामान और नए वाहन
हैदराबाद में धनतेरस की परंपराएँ
हैदराबाद की मिश्रित संस्कृति में धनतेरस उत्तर भारतीय, मारवाड़ी, गुजराती और स्थानीय तेलुगु परिवारों द्वारा अपने-अपने रीति-रिवाज़ों के साथ मनाया जाता है। बाज़ार, आभूषण की दुकानें और बर्तन बाज़ार इस दिन विशेष रूप से सजते और गुलज़ार रहते हैं।
- घर की साफ़-सफ़ाई और रंगोली से आँगन की सजावट
- मुख्य द्वार व तुलसी के पास दीप जलाना
- धन्वंतरि व माँ लक्ष्मी की पूजा और आरती
- पड़ोसियों व रिश्तेदारों के साथ मिठाइयाँ बाँटना
धनतेरस पूजा की सरल विधि
- स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ़ करें
- भगवान धन्वंतरि, माँ लक्ष्मी और कुबेर की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
- दीप जलाकर धूप, पुष्प, अक्षत और नैवेद्य अर्पित करें
- खरीदे गए आभूषण या बर्तन को पूजा में रखकर तिलक करें
- मंत्र-जाप व आरती कर परिवार सहित प्रसाद ग्रहण करें और द्वार पर दीपदान करें
धनतेरस के मंत्र
इस दिन आरोग्य के लिए भगवान धन्वंतरि के मंत्र, समृद्धि के लिए माँ लक्ष्मी के 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' जैसे प्रचलित मंत्र और धन के देवता कुबेर के मंत्रों का जाप किया जाता है। लंबे स्तोत्र के स्थान पर श्रद्धापूर्वक इन सरल, प्रसिद्ध मंत्रों का उच्चारण पर्याप्त और शुभ माना जाता है।
हैदराबाद में उत्सव के लिए सुझाव
- आभूषण खरीदारी के लिए भीड़ से बचने हेतु दिन में जल्दी जाएँ
- स्थानीय मंदिरों के धनतेरस कार्यक्रम व आरती समय की स्थानीय घोषणाओं की जाँच करें
- दीप और पटाखों का उपयोग करते समय सुरक्षा और पर्यावरण का ध्यान रखें
- मिट्टी के दीयों को प्राथमिकता देकर स्थानीय कारीगरों का सहयोग करें
धनतेरस 2026 का यह पावन पर्व हैदराबाद के हर घर में आरोग्य, धन और सौभाग्य लेकर आए। सटीक स्थानीय मुहूर्त, मंदिर कार्यक्रम और सामुदायिक आयोजनों की जानकारी के लिए अपने क्षेत्र की विश्वसनीय घोषणाओं और पंचांग पर अवश्य भरोसा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
धनतेरस 2026 कब है?
धनतेरस 2026 शुक्रवार 6 नवंबर को मनाया जाएगा। यह पाँच दिवसीय दीपावली उत्सव का पहला दिन है और हैदराबाद सहित पूरे भारत में इसी तिथि पर मनाया जाएगा।
हैदराबाद में धनतेरस पूजा का शुभ समय क्या है?
धनतेरस पूजा प्रायः सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल और स्थिर लग्न में की जाती है। हैदराबाद का सटीक क्लॉक समय स्थानीय सूर्यास्त पर निर्भर करता है, इसलिए 6 नवंबर 2026 का सही मुहूर्त स्थानीय पंचांग या पंडित से पुष्टि करें।
धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
इस दिन सोना, चाँदी, नए बर्तन, झाड़ू, धनिया, इलेक्ट्रॉनिक सामान और वाहन खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी वस्तुएँ घर में समृद्धि लाती हैं।
धनतेरस पर किन देवताओं की पूजा होती है?
धनतेरस पर आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि, समृद्धि की देवी माँ लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है। इसीलिए इसे धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है।
धनतेरस पर दीप कहाँ जलाना चाहिए?
परंपरा के अनुसार धनतेरस की सांध्य बेला में घर के मुख्य द्वार, तुलसी के पास और पूजा स्थल पर दीप जलाए जाते हैं। यमराज के निमित्त द्वार पर दीपदान की भी प्रथा है।
हैदराबाद में धनतेरस कैसे मनाया जाता है?
हैदराबाद में उत्तर भारतीय, मारवाड़ी, गुजराती और तेलुगु परिवार अपने रीति-रिवाज़ों से धनतेरस मनाते हैं — घर सजाना, रंगोली, दीपदान, पूजा-आरती, आभूषण-बर्तन की खरीदारी और मिठाइयाँ बाँटना प्रमुख हैं।
धनतेरस पर कौन-से मंत्र जपे जाते हैं?
इस दिन भगवान धन्वंतरि के आरोग्य मंत्र, माँ लक्ष्मी के प्रचलित मंत्र जैसे 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' और कुबेर मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप किया जाता है। लंबे स्तोत्र के बजाय सरल प्रसिद्ध मंत्र पर्याप्त माने जाते हैं।
दीपावली 2026 की मुख्य लक्ष्मी पूजा किस दिन है?
दीपावली की मुख्य लक्ष्मी पूजा रविवार 8 नवंबर 2026 को है। रविवार को पड़ने के कारण इसे विशेष शुभ माना जा रहा है, जो धनतेरस से शुरू हुए उत्सव का केंद्र-बिंदु है।

