संक्षिप्त उत्तर: दिवाली 2026 का मुख्य दिन 8 नवम्बर 2026 (रविवार) है, जब आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में लक्ष्मी पूजा की जाती है। धनतेरस 6 नवम्बर से भाई दूज 10 नवम्बर तक पाँच दिनों का यह पर्व दीपों, नरक चतुर्दशी स्नान और मिठाइयों के साथ मनाया जाता है।

दिवाली प्रकाश का पर्व है और आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना के तेलुगु राज्यों में इसे गहरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व नवम्बर के आरम्भ में पड़ रहा है, जब घर-घर में दीप जलते हैं और माँ लक्ष्मी के स्वागत की तैयारियाँ होती हैं।

तेलुगु परम्परा में इस पर्व को 'दीपावली' कहा जाता है और नरक चतुर्दशी के प्रातःकालीन अभ्यंग स्नान को यहाँ विशेष महत्व दिया जाता है। इस लेख में हम आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के प्रमुख शहरों में दिवाली 2026 के उत्सवों का शहर-वार परिचय देंगे।

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दिवाली 2026 की मुख्य तिथियाँ

पाँच दिनों तक चलने वाले इस पर्व की तिथियाँ नीचे दी गई हैं। मुख्य लक्ष्मी पूजा रविवार को पड़ने से 2026 में यह और भी शुभ मानी जा रही है।

पर्वदिनतिथि
धनतेरसशुक्रवार6 नवम्बर 2026
नरक चतुर्दशी / छोटी दिवालीशनिवार7 नवम्बर 2026
दिवाली / लक्ष्मी पूजारविवार8 नवम्बर 2026
गोवर्धन पूजा / अन्नकूटसोमवार9 नवम्बर 2026
भाई दूजमंगलवार10 नवम्बर 2026

तेलुगु राज्यों में दिवाली की विशेष परम्पराएँ

तेलुगु घरों में दिवाली से पहले घर की सफाई, रंगोली (मुग्गु) बनाना और घर के द्वार पर तोरण सजाना आम परम्परा है। नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पूर्व तेल-उबटन लगाकर किया जाने वाला अभ्यंग स्नान यहाँ का प्रमुख अनुष्ठान है, जो नरकासुर वध की पौराणिक कथा से जुड़ा है।

  • प्रातःकालीन अभ्यंग स्नान के बाद नए वस्त्र धारण करना
  • घर के आँगन में सुंदर मुग्गु (रंगोली) बनाना
  • मिट्टी के दीप और आधुनिक रोशनी से घर सजाना
  • पिंडी वंटलु जैसे पारम्परिक तेलुगु व्यंजन बनाना
  • पटाखों और फुलझड़ियों के साथ बच्चों का उल्लास

शहर-वार उत्सव मार्गदर्शक

हैदराबाद (तेलंगाना)

राज्य की राजधानी हैदराबाद में दिवाली भव्यता के साथ मनाई जाती है। यहाँ के प्रसिद्ध मंदिरों में विशेष लक्ष्मी पूजा होती है, बाज़ार दीपों और सजावट से जगमगाते हैं तथा कई आवासीय क्षेत्रों में सामूहिक रंगोली और सजावट प्रतियोगिताएँ आयोजित होती हैं। सटीक 2026 कार्यक्रमों के लिए स्थानीय मंदिर और समुदाय की घोषणाएँ देखें।

विजयवाड़ा और अमरावती (आंध्र प्रदेश)

कृष्णा नदी के तट पर बसे विजयवाड़ा में दिवाली पर मंदिरों और घाटों पर दीपदान का सुंदर दृश्य दिखता है। प्रसिद्ध कनक दुर्गा मंदिर सहित अनेक मंदिरों में इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना होती है। स्थानीय बाज़ारों में मिठाइयों और सजावट की चहल-पहल रहती है।

तिरुपति (आंध्र प्रदेश)

तीर्थनगरी तिरुपति में दिवाली का पर्व श्रद्धा-भाव से मनाया जाता है। भक्तगण मंदिरों में दर्शन और दीपदान करते हैं तथा घरों में लक्ष्मी पूजा होती है। पर्व के दिनों में यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, इसलिए यात्रा-योजना पहले से बना लें।

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विशाखापत्तनम, गुंटूर और वारंगल

समुद्रतटीय विशाखापत्तनम में दिवाली पर बीच किनारे रोशनी और आतिशबाज़ी का आकर्षण रहता है। गुंटूर और वारंगल जैसे शहरों में पारम्परिक तेलुगु रीति से लक्ष्मी पूजा, मुग्गु और घरेलू उत्सव प्रमुख रहते हैं। प्रत्येक शहर के सटीक 2026 आयोजनों के लिए स्थानीय समुदाय की घोषणाओं पर भरोसा करें।

लक्ष्मी पूजा और शुभ भावना

दिवाली की रात माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पूजा में दीप, कमल, अक्षत और मिठाई अर्पित की जाती है तथा 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' जैसे प्रसिद्ध मंत्र का जाप किया जाता है। इस पूजा से घर में समृद्धि, सुख और शांति की कामना की जाती है।

यात्रा और उत्सव के सुझाव

  • मुख्य पूजा दिन8 नवम्बर 2026, रविवार
  • सर्वश्रेष्ठ स्थानहैदराबाद, विजयवाड़ा, तिरुपति
  • विशेष अनुष्ठाननरक चतुर्दशी अभ्यंग स्नान
  • सुझावमंदिर व यात्रा योजना पहले बना लें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिवाली 2026 का मुख्य दिन कब है?

दिवाली 2026 की मुख्य लक्ष्मी पूजा 8 नवम्बर 2026, रविवार को है। रविवार को पड़ने के कारण इसे विशेष शुभ माना जा रहा है।

तेलुगु राज्यों में दिवाली कितने दिन मनाई जाती है?

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में दिवाली पाँच दिनों तक मनाई जाती है — धनतेरस 6 नवम्बर से लेकर भाई दूज 10 नवम्बर 2026 तक।

तेलुगु दिवाली में अभ्यंग स्नान क्या है?

अभ्यंग स्नान नरक चतुर्दशी (7 नवम्बर 2026) के दिन सूर्योदय से पूर्व तेल और उबटन लगाकर किया जाने वाला पवित्र स्नान है, जो नरकासुर वध की कथा से जुड़ा है।

हैदराबाद में दिवाली कैसे मनाई जाती है?

हैदराबाद में मंदिरों में विशेष लक्ष्मी पूजा, बाज़ारों की सजावट, रंगोली और रोशनी के साथ भव्य उत्सव होते हैं। सटीक 2026 आयोजनों के लिए स्थानीय घोषणाएँ देखें।

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दिवाली पर तिरुपति जाना उचित है?

हाँ, तिरुपति में दिवाली श्रद्धा से मनाई जाती है, परन्तु पर्व के दिनों में भीड़ अधिक होती है, इसलिए यात्रा और दर्शन की योजना पहले से बना लें।

लक्ष्मी पूजा में कौन-सा मंत्र बोला जाता है?

लक्ष्मी पूजा में 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' जैसे प्रसिद्ध मंत्र का जाप किया जाता है और माँ लक्ष्मी को दीप, कमल तथा मिठाई अर्पित की जाती है।

मुग्गु या रंगोली का क्या महत्व है?

तेलुगु परम्परा में घर के आँगन में मुग्गु (रंगोली) बनाना शुभता और माँ लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक है, जो दिवाली की सजावट का प्रमुख अंग है।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के आयोजनों की सटीक जानकारी कहाँ मिलेगी?

प्रत्येक शहर के सटीक 2026 कार्यक्रमों, समय और स्थलों के लिए स्थानीय मंदिर और समुदाय की आधिकारिक घोषणाओं की जाँच करना सर्वोत्तम है।