कालभैरव जयंती 2026: तिथि, महत्व, व्रत व मंत्र
कालभैरव जयंती 2026 (~दिसंबर आरंभ): भैरव का प्राकट्य, काल के स्वामी शिव व काशी के रक्षक — महत्व, कथा, कालाष्टमी व्रत, मंत्र व प्रवासी गाइड।

कालभैरव जयंती 2026 (~दिसंबर आरंभ): भैरव का प्राकट्य, काल के स्वामी शिव व काशी के रक्षक — महत्व, कथा, कालाष्टमी व्रत, मंत्र व प्रवासी गाइड।
कालभैरव जयंती भैरव के प्राकट्य का पर्व है — शिव का उग्र, रक्षक रूप, काल के स्वामी। यह कार्तिक पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष अष्टमी को, लगभग दिसंबर 2026 आरंभ को आता है, कार्तिक मास 2026 की पवित्रता को आगे बढ़ाते हुए।
कालभैरव जयंती 2026 तिथि
- तिथि: ~दिसंबर 2026 आरंभ (कृष्ण पक्ष अष्टमी / कालाष्टमी) — स्थानीय पुष्टि करें
- अन्य नाम: काल भैरव अष्टमी
कालभैरव कौन हैं
भैरव शिव का उग्र, रक्षक रूप हैं — "काल" भैरव, काल के स्वामी, जिनके समक्ष मृत्यु भी सेवारत है। वे काशी के क्षेत्रपालक (कोतवाल) हैं, वाहन कुत्ता। वे अहंकार व भय के नाश के प्रतीक हैं।
महत्व
कालभैरव की आराधना भय, बाधाएँ, ऋण व काल-ग्रह दोषों को दूर कर रक्षा, अनुशासन व साहस देती है, ऐसा कहा जाता है। जयंती पर भक्त बंधनों से मुक्ति हेतु उनकी कृपा माँगते हैं।
कथा व परंपरा
परंपरा है कि अहंकार के शमन हेतु शिव से भैरव प्रकट हुए, तत्पश्चात तप कर काशी के शाश्वत रक्षक रूप में पूजित हुए। कालाष्टमी की रात्रि जागरण रूप में रखी जाती है।
व्रत व पूजा विधि
- संयम सहित कालाष्टमी रात्रि जागरण।
- दीप सहित भैरव पूजा/अभिषेक; काले तिल व घृत-दीप।
- संभव हो तो भैरव मंदिर दर्शन; कुत्तों (वाहन) को भोजन।
- रात भर भैरव मंत्र।
मंत्र
भैरव: ॐ कालभैरवाय नमः · oṃ kālabhairavāya namaḥ।
प्रवासी कैसे मनाते हैं
यूएसए, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएई व जर्मनी में शिव व भैरव मंदिर कालभैरव अभिषेक व रात्रि कार्यक्रम करते हैं; घर पर दीप, ॐ कालभैरवाय नमः व जागरण।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कालभैरव जयंती 2026 कब है?
कालभैरव जयंती (काल भैरव अष्टमी) कार्तिक पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष अष्टमी को — लगभग दिसंबर 2026 आरंभ; पंचांग से पुष्टि करें।
कालभैरव कौन हैं?
भैरव शिव का उग्र, रक्षक रूप हैं — काल (समय) के स्वामी व काशी के क्षेत्रपालक। वाहन कुत्ता।
भैरव आराधना क्या देती है?
भय, बाधाएँ, ऋण व काल-ग्रह दोषों के निवारण, रक्षा व साहस हेतु आराधना की जाती है।
यह दिन कैसे मनाते हैं?
रात्रि जागरण (कालाष्टमी), भैरव पूजा, अभिषेक, भैरव मंदिर दर्शन, दीप व कुत्तों को भोजन।
मुख्य बिंदु
- कालभैरव जयंती 2026: ~दिसंबर आरंभ (कालाष्टमी)।
- भैरव = काल के स्वामी शिव, काशी के रक्षक।
- रात्रि जागरण; ॐ कालभैरवाय नमः; कुत्तों को भोजन।
देखें: कार्तिक मास 2026, कार्तिक सोमवार 2026 व कार्तिक मंत्र।



