संक्षिप्त उत्तर: ऑस्ट्रेलिया में दिवाली का मुख्य दिन (लक्ष्मी पूजा) रविवार 8 नवंबर 2026 को है। धनतेरस 6 नवंबर से भाई दूज 10 नवंबर तक पांच दिन उत्सव चलता है। सिडनी, मेलबर्न व अन्य शहरों में मंदिर और समुदाय दीप, पूजा और मेले आयोजित करते हैं।

ऑस्ट्रेलिया में बसे लाखों भारतीय और हिंदू मूल के परिवारों के लिए दिवाली वर्ष का सबसे प्रतीक्षित त्योहार है। यह प्रकाश का पर्व अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। विदेश में रहते हुए भी परिवार अपनी जड़ों, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़े रहने के लिए इस पर्व को उत्साह से मनाते हैं।

दिवाली 2026 की मुख्य तिथियां (ऑस्ट्रेलिया)

दिवाली एक पांच-दिवसीय उत्सव है जो धनतेरस से आरंभ होकर भाई दूज पर समाप्त होता है। ऑस्ट्रेलिया में भी अधिकांश समुदाय इन्हीं तिथियों के अनुसार पर्व मनाते हैं। नीचे दी गई तालिका में 2026 की प्रमुख तिथियां दी गई हैं।

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दिनपर्वतिथि
पहला दिनधनतेरसशुक्रवार 6 नवंबर 2026
दूसरा दिननरक चतुर्दशी / छोटी दिवालीशनिवार 7 नवंबर 2026
तीसरा दिनदिवाली / लक्ष्मी पूजा (मुख्य दिन)रविवार 8 नवंबर 2026
चौथा दिनगोवर्धन पूजा / अन्नकूटसोमवार 9 नवंबर 2026
पांचवां दिनभाई दूजमंगलवार 10 नवंबर 2026

इस वर्ष मुख्य दिवाली रविवार 8 नवंबर 2026 को पड़ रही है, जो ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले परिवारों के लिए विशेष रूप से शुभ है क्योंकि सप्ताहांत होने के कारण पूरा परिवार बिना कार्यालय या विद्यालय की व्यस्तता के मिलकर पूजा और उत्सव में सम्मिलित हो सकता है।

पांच दिनों का महत्व

  • धनतेरस — धन, समृद्धि और आरोग्य की कामना; इस दिन भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा तथा बर्तन या आभूषण खरीदने की परंपरा है।
  • नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली — अभ्यंग स्नान और घर-आंगन को दीपों से सजाने का दिन।
  • लक्ष्मी पूजा — मुख्य दिन, जब माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा जाता है।
  • गोवर्धन पूजा / अन्नकूट — भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा; मंदिरों में विविध व्यंजनों का भोग अर्पित होता है।
  • भाई दूज — भाई-बहन के प्रेम और रक्षा के संकल्प का पर्व।

ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख शहरों में दिवाली उत्सव

ऑस्ट्रेलिया के बड़े शहरों में भारतीय समुदाय की उपस्थिति के कारण दिवाली अब वहां की सांस्कृतिक कैलेंडर का हिस्सा बन चुकी है। कई नगर परिषदें और सामुदायिक संगठन सार्वजनिक मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीप प्रज्वलन आयोजित करते हैं। सटीक स्थान, तिथि और समय के लिए अपने स्थानीय मंदिर या समुदाय की आधिकारिक घोषणाओं की जांच अवश्य करें।

सिडनी

सिडनी और उसके उपनगरों में हिंदू मंदिर तथा भारतीय सांस्कृतिक संगठन दिवाली के अवसर पर पूजा, भजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामुदायिक भोज आयोजित करते हैं। पार्रामैटा और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक दिवाली मेले लोकप्रिय हैं। परिवार अक्सर सप्ताहांत में मंदिर दर्शन और घर पर लक्ष्मी पूजा दोनों करते हैं।

मेलबर्न

मेलबर्न में भी बड़ा भारतीय समुदाय है और यहां के मंदिर तथा संगठन दिवाली पर भव्य आयोजन करते हैं। शहर के केंद्र और उपनगरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य-संगीत और भोजन के स्टॉल लगते हैं। सटीक 2026 आयोजनों की जानकारी के लिए स्थानीय घोषणाओं पर निर्भर रहें।

अन्य शहर

ब्रिस्बेन, पर्थ, एडिलेड, कैनबरा और गोल्ड कोस्ट जैसे शहरों में भी हिंदू समुदाय दिवाली उत्साह से मनाता है। इन शहरों के मंदिर और संगठन पूजा, दीप-सज्जा और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। नए प्रवासी परिवार स्थानीय भारतीय एसोसिएशन से जुड़कर उत्सव की जानकारी सहजता से पा सकते हैं।

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घर पर लक्ष्मी पूजा कैसे करें

विदेश में रहते हुए भी घर पर सरल और श्रद्धापूर्ण लक्ष्मी पूजा की जा सकती है। पूजा प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद के शुभ समय में करना उत्तम माना जाता है। सटीक मुहूर्त अपने स्थानीय पंचांग या मंदिर पुजारी से पुष्टि कर लें, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया का समय भारत से भिन्न है।

  1. घर और पूजा स्थान की सफाई कर उसे दीपों, रंगोली और फूलों से सजाएं।
  2. एक चौकी पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  3. दीप जलाएं, धूप-अगरबत्ती और शुद्ध जल, अक्षत, रोली व फूल अर्पित करें।
  4. श्रद्धापूर्वक गणेश और लक्ष्मी की आरती करें तथा प्रसिद्ध लक्ष्मी मंत्रों का जाप करें।
  5. मिठाई और फल का भोग लगाएं और परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करें।

पूजा में सामान्यतः प्रसिद्ध लक्ष्मी मंत्र जैसे "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद..." तथा गणेश के "ॐ गं गणपतये नमः" जैसे सर्वमान्य मंत्रों का जाप किया जाता है। लंबे स्तोत्रों के स्थान पर श्रद्धा और शुद्ध भाव सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं।

परंपराएं और शुभ रीति-रिवाज

  • घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीप तथा रंगोली से स्वागत सज्जा करना।
  • परिवार व मित्रों के साथ मिठाई, उपहार और शुभकामनाएं आदान-प्रदान करना।
  • नए वस्त्र धारण करना और घर की साफ-सफाई कर सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करना।
  • जरूरतमंदों को दान देना और सामुदायिक सेवा में भाग लेना।
  • स्थानीय नियमों का सम्मान करते हुए पर्यावरण-अनुकूल तरीके से उत्सव मनाना।

ऑस्ट्रेलिया में दिवाली मनाते समय ध्यान देने योग्य बातें

ऑस्ट्रेलिया में पटाखों और खुली आग पर स्थानीय नियम लागू होते हैं, इसलिए दीप-सज्जा और आयोजन से पहले संबंधित नगर परिषद के नियम अवश्य जान लें। सूखे और अग्नि-संवेदनशील मौसम में विशेष सावधानी आवश्यक है। सामुदायिक सार्वजनिक आयोजनों में सम्मिलित होना उत्सव मनाने का सुरक्षित और आनंददायक तरीका है।

  • मुख्य दिवाली (लक्ष्मी पूजा)रविवार 8 नवंबर 2026
  • पर्व अवधि6 से 10 नवंबर 2026 (पांच दिन)
  • प्रमुख शहरसिडनी, मेलबर्न, ब्रिस्बेन, पर्थ, एडिलेड, कैनबरा
  • पूजा समयप्रदोष काल — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें

चाहे आप वर्षों से ऑस्ट्रेलिया में बसे हों या हाल ही में आए हों, दिवाली अपनी संस्कृति, परिवार और आस्था से जुड़ने का सुंदर अवसर है। दीप जलाकर, पूजा कर और समुदाय के साथ मिलकर आप इस प्रकाश पर्व की ऊर्जा को अपने घर और हृदय दोनों में भर सकते हैं। दिवाली 2026 आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑस्ट्रेलिया में दिवाली 2026 का मुख्य दिन कब है?

दिवाली 2026 का मुख्य दिन यानी लक्ष्मी पूजा रविवार 8 नवंबर 2026 को है। यह सप्ताहांत होने के कारण परिवारों के लिए मिलकर उत्सव मनाने का शुभ अवसर है।

दिवाली 2026 के पांच दिन कौन-से हैं?

धनतेरस 6 नवंबर, नरक चतुर्दशी 7 नवंबर, दिवाली/लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर, गोवर्धन पूजा 9 नवंबर और भाई दूज 10 नवंबर 2026 — ये पांच दिन उत्सव के हैं।

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सिडनी में दिवाली कैसे मनाई जाती है?

सिडनी और उसके उपनगरों में मंदिर तथा सामुदायिक संगठन पूजा, भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सार्वजनिक दिवाली मेले आयोजित करते हैं। सटीक तिथि-स्थान के लिए स्थानीय घोषणाएं देखें।

मेलबर्न में दिवाली के आयोजन कहां होते हैं?

मेलबर्न के मंदिर, भारतीय संगठन तथा नगर परिषदें शहर व उपनगरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भोजन स्टॉल और दीप प्रज्वलन आयोजित करते हैं। 2026 के विवरण के लिए स्थानीय सूचनाओं पर निर्भर रहें।

घर पर लक्ष्मी पूजा किस समय करें?

लक्ष्मी पूजा सामान्यतः प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद के शुभ समय में की जाती है। ऑस्ट्रेलिया का समय भारत से भिन्न होने के कारण सटीक मुहूर्त स्थानीय पंचांग या मंदिर पुजारी से पुष्टि करें।

क्या ऑस्ट्रेलिया में दिवाली पर पटाखे जला सकते हैं?

पटाखों और खुली आग पर ऑस्ट्रेलिया में स्थानीय नियम लागू होते हैं। आयोजन से पहले अपनी नगर परिषद के नियम जानें; अग्नि-संवेदनशील मौसम में विशेष सावधानी आवश्यक है।

लक्ष्मी पूजा में कौन-से मंत्र बोलते हैं?

पूजा में सर्वमान्य मंत्र जैसे "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद" और गणेश हेतु "ॐ गं गणपतये नमः" का जाप किया जाता है। लंबे स्तोत्रों से अधिक श्रद्धा और शुद्ध भाव महत्वपूर्ण हैं।

नए प्रवासी परिवार दिवाली आयोजनों की जानकारी कैसे पाएं?

नए परिवार अपने निकटतम हिंदू मंदिर, भारतीय सांस्कृतिक एसोसिएशन या स्थानीय समुदाय समूहों से जुड़कर दिवाली आयोजनों की तिथि, स्थान और कार्यक्रमों की जानकारी सहजता से प्राप्त कर सकते हैं।