दिवाली 2026: धन, समृद्धि और सुख के लिए 108 शक्तिशाली मंत्र और उनका जाप विधान
दिवाली 2026 पर लक्ष्मी, गणेश और कुबेर के 108 शक्तिशाली मंत्रों का जाप कर धन, समृद्धि और सुख का आशीर्वाद प्राप्त करें। जानें जाप विधि और शुभ तिथियाँ।

दिवाली 2026 पर लक्ष्मी, गणेश और कुबेर के 108 शक्तिशाली मंत्रों का जाप कर धन, समृद्धि और सुख का आशीर्वाद प्राप्त करें। जानें जाप विधि और शुभ तिथियाँ।
संक्षिप्त उत्तर: दिवाली 2026 का मुख्य लक्ष्मी पूजन रविवार 8 नवंबर 2026 को है। इस दिन माँ लक्ष्मी, गणेश और कुबेर के मंत्रों का 108 बार जाप करना धन, समृद्धि और सुख के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शुद्ध मन और श्रद्धा से किया गया जाप सर्वाधिक फलदायी होता है।
दीपावली प्रकाश और शुभता का महापर्व है, जब घर-घर में माँ लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है। दिवाली 2026 पर मंत्र जाप एक ऐसी सरल किंतु शक्तिशाली साधना है जिससे धन, समृद्धि और सुख का द्वार खुलता है। इस पावन अवसर पर 108 बार मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है।
दिवाली 2026 की प्रमुख तिथियाँ
मंत्र जाप और पूजन का पूर्ण लाभ लेने के लिए सही तिथि का ज्ञान आवश्यक है। नीचे दिवाली 2026 के पाँच मुख्य दिनों की तिथियाँ दी गई हैं। सटीक मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पंचांग या मंदिर की घोषणा अवश्य देखें।
| पर्व | दिन और तिथि |
|---|---|
| धनतेरस | शुक्रवार 6 नवंबर 2026 |
| नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली | शनिवार 7 नवंबर 2026 |
| दिवाली / लक्ष्मी पूजा | रविवार 8 नवंबर 2026 |
| गोवर्धन पूजा / अन्नकूट | सोमवार 9 नवंबर 2026 |
| भाई दूज | मंगलवार 10 नवंबर 2026 |
108 की संख्या का महत्त्व
सनातन परंपरा में 108 अंक को अत्यंत पवित्र माना जाता है। जप माला में 108 मनके होते हैं, जो साधना की पूर्णता का प्रतीक हैं। मान्यता है कि मंत्र का 108 बार जाप करने से मन एकाग्र होता है और मंत्र की ऊर्जा पूर्ण रूप से जागृत होती है। इसीलिए दिवाली पर 108 बार जाप की परंपरा है।
धन और समृद्धि के लिए माँ लक्ष्मी के मंत्र
माँ लक्ष्मी धन, वैभव और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी हैं। दिवाली 2026 के लक्ष्मी पूजन पर इन प्रसिद्ध मंत्रों का जाप करने से आर्थिक समृद्धि और घर में सुख-शांति का वास होता है। नीचे कुछ सर्वमान्य लक्ष्मी मंत्रों का वर्णन है।
- ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः — यह प्रसिद्ध लक्ष्मी बीज मंत्र धन और समृद्धि के लिए जपा जाता है।
- ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः — यह मंत्र सौभाग्य और वैभव की प्राप्ति हेतु शुभ माना जाता है।
- श्री सूक्त का पाठ — वेदों में वर्णित यह स्तुति माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति का उत्तम साधन है।
- महालक्ष्मी अष्टकम् — इस अष्टकम् के पाठ से देवी की स्तुति कर आशीर्वाद माँगा जाता है।
विघ्नहर्ता गणेश और धनपति कुबेर के मंत्र
किसी भी शुभ कार्य का आरंभ भगवान गणेश की वंदना से होता है। दिवाली पर पहले गणेश जी की पूजा करने से समस्त विघ्न दूर होते हैं। इसके साथ धन के देवता कुबेर के मंत्र का जाप कोष और सम्पन्नता में वृद्धि करता है।
- ॐ गं गणपतये नमः — गणेश जी का यह बीज मंत्र बाधाओं को दूर कर मंगल की स्थापना करता है।
- ॐ वक्रतुण्ड महाकाय — यह प्रसिद्ध श्लोक कार्य की निर्विघ्न सिद्धि के लिए जपा जाता है।
- ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः — यह कुबेर मंत्र धन और कोष की वृद्धि हेतु प्रसिद्ध है।
सुख, शांति और स्वास्थ्य के लिए मंत्र
- ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये — धनतेरस पर आरोग्य और निरोगता के लिए यह मंत्र जपा जाता है।
- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे (महामृत्युंजय मंत्र) — स्वास्थ्य, रक्षा और दीर्घायु के लिए यह अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है।
- गायत्री मंत्र — बुद्धि, तेज और आत्मिक शांति के लिए इसका जाप सर्वोत्तम माना गया है।
108 बार मंत्र जाप की विधि
- स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ करें।
- पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर आसन पर बैठें।
- माँ लक्ष्मी और गणेश जी का ध्यान कर घी का दीपक जलाएँ।
- रुद्राक्ष या तुलसी की जप माला हाथ में लें।
- चुने हुए मंत्र का 108 बार अर्थात एक माला जाप करें।
- जाप पूर्ण होने पर देवी-देवता को प्रणाम कर आशीर्वाद माँगें।
जाप के लिए शुभ समय
- सर्वोत्तम दिनरविवार 8 नवंबर 2026 (लक्ष्मी पूजा)
- शुभ अवधिप्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद संध्या समय)
- दिशापूर्व अथवा उत्तर
- मालारुद्राक्ष या तुलसी की 108 मनकों वाली माला
दिवाली 2026 पर श्रद्धापूर्वक किया गया मंत्र जाप न केवल धन और समृद्धि, बल्कि मन की शांति और परिवार में सुख का भी संचार करता है। सटीक मुहूर्त एवं स्थानीय आयोजनों की जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के मंदिर या समुदाय की घोषणाएँ अवश्य देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजा कब है?
दिवाली 2026 का मुख्य लक्ष्मी पूजन रविवार 8 नवंबर 2026 को है। यह दिन धन और समृद्धि के मंत्र जाप के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
108 बार ही मंत्र क्यों जपा जाता है?
सनातन परंपरा में 108 अंक पूर्णता और पवित्रता का प्रतीक है। जप माला में 108 मनके होते हैं, इसलिए एक माला पूर्ण करने से मंत्र की ऊर्जा जागृत होती है।
धन प्राप्ति के लिए कौन सा मंत्र सर्वोत्तम है?
धन और समृद्धि के लिए 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' लक्ष्मी बीज मंत्र सर्वाधिक प्रसिद्ध और शुभ माना जाता है।
मंत्र जाप के लिए कौन सी माला उपयोग करें?
मंत्र जाप के लिए रुद्राक्ष या तुलसी की 108 मनकों वाली माला उत्तम मानी जाती है, जिससे गणना सहज हो जाती है।
क्या धनतेरस पर भी कोई विशेष मंत्र होता है?
हाँ, धनतेरस शुक्रवार 6 नवंबर 2026 पर भगवान धन्वंतरि का मंत्र 'ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये' आरोग्य और समृद्धि के लिए जपा जाता है।
जाप के लिए सबसे शुभ समय कौन सा है?
लक्ष्मी पूजा वाले दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में मंत्र जाप सर्वोत्तम माना जाता है। सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
क्या घर पर अकेले मंत्र जाप कर सकते हैं?
जी हाँ, स्वच्छ मन और श्रद्धा से घर पर स्वयं मंत्र जाप किया जा सकता है। एकाग्रता और शुद्धता ही इस साधना का मुख्य आधार है।
गणेश जी की पूजा पहले क्यों की जाती है?
भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं। किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में उनकी वंदना से समस्त बाधाएँ दूर होती हैं, इसलिए दिवाली पूजन में पहले गणेश जी की पूजा होती है।

