वरलक्ष्मी व्रत — परिवार के स्वास्थ्य, धन एवं समृद्धि हेतु देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए मुख्यतः स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला शुभ व्रत। दक्षिण भारतीय परिवारों में विशेष प्रिय; अनेक NRI प्रतिवर्ष श्रद्धा से करते हैं। घर पर सरल विधि यह है।

वरलक्ष्मी व्रत कब?

श्रावण मास में पूर्णिमा से पूर्व आने वाले शुक्रवार को किया जाता है (प्रायः जुलाई–अगस्त)। सटीक तिथि प्रतिवर्ष पंचांग में देखें।

सामग्री

  • कलश (ताँबा/चाँदी), नारियल
  • आम के पत्ते, नया वस्त्र, पुष्प
  • हल्दी, कुंकुम, चावल
  • फल, मिठाई, पान-सुपारी
  • दीप, धूप

व्रत विधि (चरणबद्ध)

  1. घर एवं पूजा-स्थल स्वच्छ करें; स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  2. थाली में चावल फैलाकर जल-भरा कलश रखें।
  3. कंठ पर आम के पत्ते एवं ऊपर नारियल रखें।
  4. नए वस्त्र, पुष्प, हल्दी-कुंकुम से कलश सजाएँ — यही वरलक्ष्मी स्वरूप है।
  5. दीप-धूप जलाकर देवी का आवाहन करें।
  6. पुष्प, फल, मिठाई अर्पित करें; यथासंभव छोटी मूर्ति/कलश का दूध, दही, शहद, जल से अभिषेक करें।
  7. वरलक्ष्मी व्रत कथा पढ़ें/सुनें; आरती कर नैवेद्य अर्पित करें।
  8. दाहिने हाथ पर पीला तोरण/धागा बाँधें; प्रसाद बाँटें।

व्यस्त NRI हेतु सरल विधि

  1. स्वच्छ स्थान पर देवी लक्ष्मी का चित्र/छोटी मूर्ति रखकर दीप जलाएँ।
  2. पुष्प, फल, मिठाई अर्पित करें।
  3. "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमलालये नमः" 108 बार जपें।
  4. वरलक्ष्मी कथा पढ़ें, संक्षिप्त आरती कर प्रसाद बाँटें।

NRI हेतु सुझाव

  • USA/UK/Canada/Australia में अधिकांश सामग्री भारतीय दुकानों या ऑनलाइन उपलब्ध है।
  • कलश न हो तो छोटा चाँदी/ताँबे का पात्र — या देवी का चित्र भी प्रयोग करें।
  • बच्चों को सम्मिलित करें।

सूचना: विधि क्षेत्र एवं पारिवारिक परंपरा अनुसार बदलती है; संशय में बड़ों/पुरोहित की विधि अपनाएँ। सामग्री से अधिक श्रद्धा महत्वपूर्ण है।

Advertisement

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वरलक्ष्मी व्रत कब किया जाता है?

वरलक्ष्मी व्रत श्रावण मास में पूर्णिमा से पूर्व आने वाले शुक्रवार को किया जाता है, जो प्रायः जुलाई–अगस्त में पड़ता है। सटीक तिथि प्रतिवर्ष पंचांग में देखें।

वरलक्ष्मी व्रत के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?

ताँबे या चाँदी का कलश, नारियल, आम के पत्ते, नया वस्त्र, पुष्प, हल्दी, कुंकुम, चावल, फल, मिठाई, पान-सुपारी, दीप और धूप।

घर पर वरलक्ष्मी व्रत की पूजा विधि क्या है?

थाली में चावल फैलाकर जल-भरा कलश रखें, कंठ पर आम के पत्ते और ऊपर नारियल रखकर नए वस्त्र, पुष्प, हल्दी-कुंकुम से सजाएँ। दीप-धूप से देवी का आवाहन करें, वरलक्ष्मी व्रत कथा पढ़ें, आरती करें और दाहिने हाथ पर पीला तोरण/धागा बाँधकर प्रसाद बाँटें।

वरलक्ष्मी व्रत में कौन-सा मंत्र जपें?

व्यस्त NRI की सरल विधि में "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमलालये नमः" मंत्र 108 बार जपा जाता है।

विदेश में रहने वाले व्यस्त NRI वरलक्ष्मी व्रत कैसे करें?

स्वच्छ स्थान पर देवी लक्ष्मी का चित्र या छोटी मूर्ति रखकर दीप जलाएँ, पुष्प, फल, मिठाई अर्पित करें, मंत्र जप करें, वरलक्ष्मी कथा पढ़ें और संक्षिप्त आरती कर प्रसाद बाँटें। USA/UK/Canada/Australia में अधिकांश सामग्री भारतीय दुकानों या ऑनलाइन मिल जाती है।

कलश न हो तो वरलक्ष्मी पूजा कैसे करें?

कलश न हो तो छोटा चाँदी या ताँबे का पात्र, या देवी लक्ष्मी का चित्र भी प्रयोग कर सकते हैं। सामग्री से अधिक श्रद्धा महत्वपूर्ण है।