रामायण पार्ट 1 मूवी रिव्यू 2026: रणबीर कपूर बने भगवान राम, यश बने रावण – क्या देखना चाहिए यह भव्य फिल्म?
रणबीर कपूर की रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड का विस्तृत हिंदी रिव्यू। भगवान राम, माता सीता और रावण की भूमिकाओं, वीएफएक्स, संगीत, कहानी और सांस्कृतिक महत्व पर ईमानदार
रिलीज: 5 नवंबर 2026 | निर्देशक: नितेश तिवारी | अवधि: 3 घंटे 15 मिनट | सर्टिफिकेट: यू | हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और IMAX 3D में उपलब्ध
भारत की सबसे महंगी और महत्वाकांक्षी फिल्म रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड (रामायण पार्ट 1) आखिरकार सिनेमाघरों में आ गई है। नमित मल्होत्रा की प्राइम फोकस स्टूडियोज, ऑस्कर विजेता वीएफएक्स कंपनी डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस द्वारा निर्मित यह फिल्म वाल्मीकि रामायण को बड़े पर्दे पर अभूतपूर्व भव्यता के साथ पेश करती है।
रणबीर कपूर भगवान श्रीराम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण के रूप में नजर आ रहे हैं। दिवाली 2026 से ठीक पहले रिलीज हुई यह फिल्म दो भागों में बनी है। पहला भाग राम के जीवन के शुरुआती प्रसंग, विवाह, वनवास और सीता हरण तक की कहानी समेटता है। दूसरा भाग अगले साल आने वाला है।
कहानी का सार (बिना स्पॉइलर के)
फिल्म की शुरुआत जटायु के माध्यम से होती है। फिर रावण के उदय की पृष्ठभूमि दिखाई जाती है। इसके बाद अयोध्या में राजकुमार राम का जीवन, उनके गुण, शिक्षा और माता-पिता का स्नेह दिखाया गया है। सीता स्वयंवर में शिव धनुष उठाकर सीता जी का हाथ पाने के बाद राम-सीता का सुखद जीवन शुरू होता है, लेकिन कैकेयी के वरदानों के कारण राम को 14 वर्ष का वनवास स्वीकार करना पड़ता है। सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ चल पड़ते हैं। वन में कई घटनाएं घटती हैं और अंत में सीता हरण की घटना फिल्म को निर्णायक मोड़ पर ले जाती है।
नितेश तिवारी और श्रीधर राघवन ने मूल कथा के धर्म, कर्तव्य और प्रेम के भाव को बनाए रखते हुए उसे आधुनिक सिनेमाई भाषा दी है।
कलाकारों का अभिनय
रणबीर कपूर (भगवान राम)
रणबीर ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम की भूमिका को शांत, गंभीर और गरिमामय अंदाज में निभाया है। शुरुआत में उनका अभिनय थोड़ा संयमित लगता है, लेकिन वनवास के प्रसंगों और युद्ध के दृश्यों में वे पूरी तरह रम जाते हैं। उन्होंने राम के त्याग, कर्तव्य और शांत शक्ति को अच्छी तरह उकेरा है।
साई पल्लवी (माता सीता)
साई पल्लवी ने सीता को केवल समर्पित पत्नी के रूप में नहीं, बल्कि शक्तिशाली, स्वाभिमानी और साहसी नारी के रूप में प्रस्तुत किया है। उनकी सादगी और गरिमा दोनों ही प्रभावित करती हैं।
यश (रावण)
फिल्म का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन यश का है। हिंदी सिनेमा में अपनी पहली बड़ी भूमिका में यश ने रावण को दबंग, अहंकारी, विद्वान और भयानक बनाया है। उनकी मौजूदगी हर सीन पर हावी रहती है। कई दर्शक और आलोचक उन्हें फिल्म का असली हीरो मान रहे हैं।
अन्य कलाकार
रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में काफी अच्छे लगे। अरुण गोविल (पुराने टेलीविजन रामायण के राम) ने दशरथ का किरदार निभाया है। लारा दत्ता (कैकेयी), शीबा चड्ढा (मंथरा), रकुल प्रीत सिंह (शूर्पणखा) और सनी देओल (हनुमान का विशेष रूप) ने अपनी भूमिकाओं को न्याय दिया है। अनुपम खेर की आवाज में जटायु का प्रसंग भावुक कर देता है।
विजुअल्स, वीएफएक्स और निर्देशन
यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए एक नया मानक स्थापित करती है। डीएनईजी के वीएफएक्स ने अयोध्या, मिथिला, वन और लंका को इतने भव्य तरीके से दिखाया है कि देखने वाले दंग रह जाते हैं। जंगलों के युद्ध के दृश्य, आकाशीय लोक और रावण की लंका विशेष रूप से प्रभावशाली हैं।
नितेश तिवारी ने इतने बड़े कैनवस को संभालने में सफलता पाई है, हालांकि कुछ जगहों पर कहानी थोड़ी धीमी हो जाती है और कुछ कंप्यूटर जनित दृश्य थोड़े कृत्रिम लगते हैं।
संगीत
हंस जिमर और ए.आर. रहमान का संगीत फिल्म की जान है। जिमर का बैकग्राउंड स्कोर युद्ध और भावुक दृश्यों को दिव्य बना देता है। रहमान के गीत कहानी के साथ घुल-मिल जाते हैं।
आलोचकों और दर्शकों की राय
आलोचकों की राय मिली-जुली रही है। कई भारतीय आलोचकों ने 3.5 से 4.5 स्टार दिए हैं। उन्होंने फिल्म की भव्यता, यश के अभिनय और मूल कथा के प्रति सम्मान की सराहना की है। कुछ ने कहानी की गति और भावनात्मक गहराई पर सवाल उठाए हैं। दर्शकों, खासकर परिवारों और भक्तों के बीच फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
हिंदू दर्शकों और एनआरआई के लिए महत्व
जो लोग बचपन से रामानंद सागर की रामायण, अमर चित्र कथा और रामलीला देखते आए हैं, उनके लिए यह फिल्म एक नया, आधुनिक और भव्य अनुभव लेकर आई है। फिल्म ने कथा को राजनीतिक रंग दिए बिना धर्म, कर्तव्य, प्रेम और त्याग के मूल भाव को केंद्र में रखा है। दिवाली के मौके पर परिवार के साथ देखने लायक फिल्म है।
अंतिम फैसला – क्या देखें?
रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड भारतीय सिनेमा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पूर्ण रूप से दोषरहित नहीं है, लेकिन इसकी ईमानदारी, भव्यता और मूल कथा के प्रति सम्मान सराहनीय है।
किसे देखनी चाहिए:
- भगवान राम के भक्त
- परिवार के साथ दिवाली मनाने वाले
- भव्य एपिक फिल्मों के प्रेमी
- IMAX में सिनेमा का अनुभव लेने वाले
हिंदूटोन रेटिंग: 3.75 / 5
दूसरा भाग आने तक यह फिल्म हमें याद दिलाती है कि रामायण सदियों से क्यों प्रासंगिक है।
जय श्री राम
और पढ़ें: रामायण की कहानी का सार · दिवाली 2026 गाइड
परिवार और मित्रों के साथ शेयर करें
WhatsApp पर भेजें, पोस्ट करें या लिंक कॉपी करें।
समाचार से और लेख
- वायरल पटना वीडियो: दिवाली पर मुस्लिम परिवार ने फ्लाईओवर पर जलाए पटाखे, सौहार्द और खुशी पर छिड़ी बहस
- ऑरोरा हिंदू मंदिर गोलीबारी की साज़िश नाकाम: राइफल जाम होने के बाद इलिनॉय के किशोर पर आरोप, पुलिस का कहना
- विदेश में हिंदू मंदिरों की खबरें, अक्टूबर 2026: नीसडन की 42 फुट की तपोमूर्ति, महा अन्नकूट, पेरिस मंदिर में यूनेस्को राजनयिक, अबू धाबी में प्रार्थना
- हिंदू मंदिर समाचार, अक्टूबर 2026: तिरुमला नवरात्र ब्रह्मोत्सव, सबरीमला सुरक्षा, काशी के नए CEO और पुरी की ताज़ा खबरें
- दैनिक राशिफल — रविवार, 31 मई 2026 | सभी बारह राशियों का भविष्यफल



