सदर उत्सव हैदराबाद 2026: दुन्नापोतुला पंडुगा, भैंसों का कार्निवल और पेद्दा सदर की पूरी जानकारी
सदर यानी दुन्नापोतुला पंडुगा हैदराबाद के यादव समुदाय का दिवाली से जुड़ा भैंसा कार्निवल है। जानिए 2026 में क्या हुआ, पेद्दा सदर कब देखें, इसका इतिहास और कहाँ जाएँ।

दिवाली के आसपास हैदराबाद की कुछ गलियों में सजे हुए भारी-भरकम भैंसे, ढोल की थाप और देर रात तक नाच-गाना दिखता है। यही है सदर, जिसे तेलुगु में दुन्नापोतुला पंडुगा यानी भैंसों का त्योहार कहते हैं। इस गाइड में जानिए सदर क्या है, 2026 में क्या हुआ, इसका इतिहास और इसे कहाँ देखें।
सदर क्या है
सदर हैदराबाद के यादव (गोल्ला-कुरुमा) समुदाय का भैंसा कार्निवल है, जो दिवाली के उत्सवों का हिस्सा है। इसमें सजे हुए भैंसों की पूजा होती है और फिर उनकी शोभायात्रा निकलती है।
ये भैंसे अक्सर मुर्रा नस्ल के होते हैं। साथ में डप्पू और तीन मार ढोल बजते हैं और लोग नाचते हैं। कुछ भैंसों को पिछले पैरों पर खड़ा करवाया जाता है। कई नामी भैंसे हरियाणा और दूसरे राज्यों से लाए जाते हैं।
दिवाली के बड़े पर्व के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए हमारी दिवाली 2026 गाइड देखें।
सदर 2026: अब तक क्या हुआ और आगे क्या
2026 में दिवाली (लक्ष्मी पूजा) रविवार 8 नवंबर को है। इससे पहले ही सदर के उत्सव की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है।
श्री कृष्ण सदर सम्मेलन, 4 नवंबर
राज्य स्तर का आधिकारिक श्री कृष्ण सदर सम्मेलन बुधवार 4 नवंबर 2026 को हैदराबाद के NTR स्टेडियम में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत गो पूजा और श्री कृष्ण पूजा से हुई। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी इसमें शामिल हुए, उन्होंने सदर समारोहों के लिए 5 करोड़ रुपये की घोषणा की और कहा कि सरकार हर साल इस सम्मेलन का आधिकारिक आयोजन करेगी।
नारायणगुडा पेद्दा सदर 2026
नारायणगुडा YMCA का पेद्दा सदर परंपरागत रूप से दिवाली के दो दिन बाद पूरी रात चलता है। हाल के वर्षों में यह लगभग शाम 7 बजे से सुबह 3 से 4 बजे तक चला है। उदाहरण के लिए, 2023 में दिवाली 12 नवंबर को थी और पेद्दा सदर 14 नवंबर को हुआ था।
इसी हिसाब से 2026 में यह मंगलवार 10 नवंबर की ओर इशारा करता है। लेकिन ध्यान रखें: 5 नवंबर तक पेद्दा सदर की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी। निकलने से पहले हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस की एडवाइज़री (X पर @HYDTP) ज़रूर देखें, क्योंकि उसी में तारीख, रूट और ट्रैफिक बदलाव की पक्की जानकारी आती है।
सदर का इतिहास
आधुनिक नारायणगुडा सदर का श्रेय स्वर्गीय श्री सलांद्री न्यायम चौधरी मल्लैया यादव को दिया जाता है। तेलंगाना टुडे और विकिपीडिया सहित अधिकतर विवरणों के अनुसार उन्होंने 1946 में नारायणगुडा YMCA में पहला बड़ा आयोजन किया था। एक रिपोर्ट में यह वर्ष 1942 बताया गया है, इसलिए शुरुआती वर्ष को लेकर स्रोतों में थोड़ा अंतर है।
तेलंगाना टुडे के अनुसार मल्लैया यादव अपने भैंसों के लिए आशीर्वाद माँगने उज्जैन गए थे। लौटकर उन्होंने हर साल एक धन्यवाद-उत्सव मनाना शुरू किया, जो धीरे-धीरे बढ़कर आज का सदर कार्निवल बन गया। तब से उनका परिवार हर साल यह आयोजन करता आ रहा है।
समय के साथ यह एक समुदाय के उत्सव से आगे बढ़कर पूरे शहर की पहचान बन गया। तेलंगाना सरकार ने एक शासनादेश (GO) जारी करके सदर को राजकीय त्योहार के रूप में मान्यता दी है।
सदर कैसे मनाया जाता है
सदर की शुरुआत गो पूजा से होती है। नारायणगुडा में यह पूजा चौधरी परिवार करता है। इस परंपरा को भगवान कृष्ण के ग्वाले रूप और गोवर्धन से जुड़ी परंपराओं से जोड़कर देखा जाता है। गोवर्धन पूजा और अन्नकूट के बारे में हमारी गोवर्धन पूजा 2026 गाइड में और पढ़ें।
- सजे हुए भैंसों की पूजा
- डप्पू और तीन मार ढोल के साथ शोभायात्रा
- संगीत और नाच
- भैंसों को पिछले पैरों पर खड़ा करवाने का करतब
सदर कहाँ देखें
सबसे बड़ा आयोजन नारायणगुडा का पेद्दा सदर (ग्रैंड सदर) है, लेकिन हैदराबाद के कई और इलाकों में भी सदर मनाया जाता है।
| स्थान | क्या खास है |
|---|---|
| नारायणगुडा (YMCA) | पेद्दा सदर, यानी सबसे बड़ा और सबसे पुराना आयोजन। चौधरी परिवार की गो पूजा यहीं होती है। |
| NTR स्टेडियम | 2026 में यहाँ 4 नवंबर को राज्य स्तर का श्री कृष्ण सदर सम्मेलन हुआ। |
| शेखपेट, दीपक टॉकीज़ इलाका, सैदाबाद, अमीरपेट | स्थानीय सदर आयोजन |
| खैरताबाद, कारवान, लंगर हौज़, माधापुर | स्थानीय सदर आयोजन |
स्थानीय आयोजनों का समय अलग-अलग हो सकता है, इसलिए ट्रैफिक पुलिस की सूचना पर नज़र रखें।
सदर का महत्व
सदर एक पशुपालक समुदाय की अपने पशुओं के प्रति कृतज्ञता का उत्सव है। गो पूजा और श्री कृष्ण पूजा इसमें भक्ति जोड़ती हैं, और ढोल-नाच उल्लास।
राजकीय त्योहार का दर्जा और हर साल आधिकारिक सम्मेलन की घोषणा दिखाती है कि सदर अब तेलंगाना की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है। इस मौसम के बारे में और जानने के लिए हमारी कार्तिक मास 2026 गाइड भी पढ़ सकते हैं।
सदर देखने जाने वालों के लिए सुझाव
- भीड़ के लिए तैयार रहें: पेद्दा सदर में भारी भीड़ होती है। बच्चों के साथ हों तो मिलने की जगह पहले तय कर लें।
- भैंसों से दूरी रखें: ये ताकतवर जानवर शोर में अचानक उछल सकते हैं। उन्हें छूने या बहुत पास जाने से बचें।
- पुलिस के निर्देश मानें: बैरिकेड, रूट और पार्किंग पर पुलिस और आयोजकों की बात मानें।
- ट्रैफिक एडवाइज़री देखें: निकलने से पहले X पर @HYDTP देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सदर उत्सव क्या है?
सदर यानी दुन्नापोतुला पंडुगा हैदराबाद के यादव समुदाय का दिवाली से जुड़ा भैंसा कार्निवल है।
2026 में नारायणगुडा का पेद्दा सदर कब है?
परंपरा के अनुसार पेद्दा सदर दिवाली के दो दिन बाद होता है। 2026 में दिवाली 8 नवंबर को है, इस हिसाब से यह मंगलवार 10 नवंबर की ओर इशारा करता है, लेकिन 5 नवंबर तक तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी। जाने से पहले हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस (@HYDTP, X पर) की एडवाइज़री ज़रूर देखें।
श्री कृष्ण सदर सम्मेलन 2026 कहाँ हुआ?
बुधवार 4 नवंबर 2026 को हैदराबाद के NTR स्टेडियम में।
सदर की शुरुआत किसने की?
आधुनिक नारायणगुडा सदर का श्रेय स्वर्गीय श्री सलांद्री न्यायम चौधरी मल्लैया यादव को दिया जाता है। अधिकतर विवरणों के अनुसार उन्होंने 1946 में नारायणगुडा YMCA में पहला बड़ा आयोजन किया, हालाँकि एक रिपोर्ट में 1942 का उल्लेख है।
क्या सदर तेलंगाना का राजकीय त्योहार है?
हाँ। तेलंगाना सरकार ने एक शासनादेश (GO) जारी करके सदर को राजकीय त्योहार के रूप में मान्यता दी है।
फोटो: हैदराबाद के सदर में सजा हुआ भैंसा, Yadav.sadarhyd द्वारा, विकिमीडिया कॉमन्स, लाइसेंस CC BY-SA 4.0।
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