उत्तर भारतीय दिवाली मिठाइयाँ 2026: मावा गुजिया, मठरी, नारियल लड्डू और काजू कतली
उत्तर भारत की चार पसंदीदा दिवाली रेसिपी घर पर: बिना खोये के विकल्प के साथ मावा गुजिया, खस्ता अजवाइन मठरी, कंडेंस्ड मिल्क या चीनी से नारियल लड्डू, और काजू कतली — हर एक के लिए सुझाव, विकल्प और भंडारण की जानकारी।

उत्तर भारत की चार पसंदीदा दिवाली रेसिपी घर पर: बिना खोये के विकल्प के साथ मावा गुजिया, खस्ता अजवाइन मठरी, कंडेंस्ड मिल्क या चीनी से नारियल लड्डू, और काजू कतली — हर एक के लिए सुझाव, विकल्प और भंडारण की जानकारी।
संक्षिप्त उत्तर: घर पर बनाने के लिए चार भरोसेमंद उत्तर भारतीय दिवाली मिठाइयाँ और नमकीन हैं — मावा गुजिया (खोया, मेवे और नारियल से भरी खस्ता गुजिया, बिना खोये के विकल्प के साथ), मठरी (खस्ता अजवाइन वाली मठरी), नारियल लड्डू (कंडेंस्ड मिल्क या चीनी से) और काजू कतली (काजू की बर्फी)। मुख्य बातें: गुजिया को अच्छी तरह बंद करें और धीमी आँच पर तलें, मठरी को धीमी आँच पर धीरे-धीरे तलें, और काजू कतली की चाशनी एक तार की बनाएँ। दिवाली 2026 है रविवार, 8 नवंबर को (द्रिक पंचांग)।
त्योहार की पूरी जानकारी के लिए हमारी दिवाली / दीपावली 2026 संपूर्ण 5-दिवसीय गाइड देखें, और अधिक व्यंजनों के लिए हमारा दिवाली मिठाई रेसिपी 2026 पेज।
उत्तर भारतीय घरों में दिवाली की मिठाइयाँ
कई उत्तर भारतीय परिवारों में दिवाली से पहले के दिनों में घर पर मिठाइयाँ और नमकीन बनाए जाते हैं, शाम की लक्ष्मी पूजा में अर्पित किए जाते हैं और डिब्बों में भरकर रिश्तेदारों, पड़ोसियों और सहकर्मियों को दिए जाते हैं। गुजिया और मठरी घर में बनने वाली पारंपरिक जोड़ी है, जबकि काजू कतली उपहार में देने की पसंदीदा मिठाई है। रीति-रिवाज परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होते हैं।
| दिन | भारत | USA, कनाडा और UK |
|---|---|---|
| धनतेरस | शुक्रवार, 6 नवंबर | शुक्रवार, 6 नवंबर |
| नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) | रविवार, 8 नवंबर | शनिवार, 7 नवंबर |
| दिवाली (लक्ष्मी पूजा) | रविवार, 8 नवंबर | रविवार, 8 नवंबर |
| गोवर्धन पूजा | मंगलवार, 10 नवंबर | सोमवार, 9 नवंबर |
| भाई दूज | बुधवार, 11 नवंबर | मंगलवार, 10 नवंबर |
तिथियाँ द्रिक पंचांग के अनुसार। शाम की पूजा के समय के लिए देखें दिवाली 2026 तिथि और लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, और पूजा के चरणों के लिए लक्ष्मी पूजा विधि 2026। एक व्यावहारिक योजना: सबसे पहले मठरी तलें, क्योंकि वह सबसे लंबे समय तक चलती है, फिर गुजिया, और नारियल लड्डू व काजू कतली लक्ष्मी पूजा से एक-दो दिन पहले बनाएँ।
रेसिपी
मात्राएँ, समय और संख्या अनुमानित हैं, और हर परिवार का अपना तरीका होता है।
मावा गुजिया (बिना खोये के विकल्प के साथ)
भुने खोये, चीनी, नारियल और मेवों से भरी, किनारे गूँथी हुई खस्ता अर्धचंद्राकार गुजिया। कई उत्तर भारतीय घरों में होली और दिवाली की पसंदीदा मिठाई।
तैयारी: लगभग 50 मिनट, आटे को आराम देने सहित। पकाना: लगभग 45 मिनट। मात्रा: लगभग 18 से 20 गुजिया (अनुमानित)।
सामग्री
- आटे के लिए: 2 कप (250 g) मैदा
- 1/4 कप (55 g) घी, पिघला हुआ
- एक चुटकी नमक
- लगभग 1/2 कप (120 ml) पानी
- भरावन के लिए: 200 g खोया (मावा), मसला या कद्दूकस किया हुआ
- बिना खोये का विकल्प: 1 कप (100 g) मिल्क पाउडर, 2 बड़े चम्मच घी और 1/4 कप (60 ml) दूध, पकाकर झटपट मावा बना लें
- 1/2 कप (60 g) पिसी चीनी
- 2 बड़े चम्मच सूखा नारियल (डेसिकेटेड)
- 2 बड़े चम्मच कटे बादाम और काजू
- 1 बड़ा चम्मच किशमिश
- 1/2 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- तलने के लिए घी या तेल
विधि
- मैदे में पिघला घी और नमक डालकर तब तक मसलें जब तक मुट्ठी में दबाने पर मिश्रण आकार न पकड़ ले। धीरे-धीरे पानी डालकर सख्त, चिकना आटा गूँथें। ढककर 30 मिनट आराम दें।
- भारी कड़ाही में खोये को धीमी आँच पर 5 से 7 मिनट चलाते हुए भूनें, जब तक वह हल्का क्रीम रंग का और ढीला न हो जाए। ठंडा होने दें।
- बिना खोये का विकल्प: घी और दूध गरम करें, मिल्क पाउडर डालें और धीमी आँच पर 3 से 4 मिनट चलाएँ, जब तक नरम, भुरभुरा मिश्रण न बन जाए। ठंडा करके खोये की जगह इस्तेमाल करें।
- मावा ठंडा होने पर उसमें पिसी चीनी, नारियल, मेवे, किशमिश और इलायची मिलाएँ।
- आटे की छोटी लोइयाँ बनाएँ और हर एक को लगभग 10 cm की पतली पूरी में बेलें।
- आधे हिस्से पर एक चम्मच भरावन रखें, किनारे पर पानी लगाएँ, मोड़कर दबाते हुए बंद करें। किनारे को हाथ से गूँथें या गुजिया के साँचे में काट लें।
- बाकी गुजिया बनाते समय तैयार गुजिया को गीले कपड़े से ढककर रखें।
- कुछ-कुछ गुजिया एक साथ धीमी से मध्यम आँच पर 6 से 8 मिनट पलटते हुए तलें, जब तक खस्ता और हल्की सुनहरी न हो जाएँ।
- जाली पर निकालें और रखने से पहले पूरी तरह ठंडा होने दें।
सुझाव: पूरी पतली बेलें, पर कागज़ जैसी पतली नहीं, और ज़्यादा भरावन न भरें। धीमी आँच पर तलने से छोटे-छोटे दानों वाली खस्ता परत बनती है; तेज़ गरम तेल में बाहर से भूरी हो जाती है और अंदर की परतें नरम रह जाती हैं। गुजिया भरने से पहले भरावन पूरी तरह ठंडा करें, वरना चीनी पिघलकर बाहर रिसती है।
मठरी (खस्ता नमकीन)
अजवाइन और काली मिर्च वाली मैदे की खस्ता, मुलायम परतदार मठरी, धीमी आँच पर कुरकुरी होने तक तली हुई। दिवाली के पूरे सप्ताह अक्सर चाय और अचार के साथ परोसी जाती है।
तैयारी: लगभग 25 मिनट, आराम देने सहित। पकाना: लगभग 40 मिनट। मात्रा: लगभग 25 मठरी (अनुमानित)।
सामग्री
- 2 कप (250 g) मैदा
- 1/4 कप (55 g) घी या तेल
- 1 छोटा चम्मच अजवाइन, हथेलियों के बीच मसली हुई
- 1 छोटा चम्मच दरदरी कुटी काली मिर्च
- 1 बड़ा चम्मच कसूरी मेथी (वैकल्पिक)
- 3/4 छोटा चम्मच नमक, या स्वादानुसार
- लगभग 1/2 कप (120 ml) ठंडा पानी
- तलने के लिए तेल
विधि
- एक बर्तन में मैदा, अजवाइन, काली मिर्च, कसूरी मेथी और नमक मिलाएँ।
- घी या तेल डालकर अच्छी तरह मसलें, जब तक मुट्ठी में दबाने पर आटा जुड़ा न रहे।
- थोड़ा-थोड़ा ठंडा पानी डालकर सख्त आटा बाँधें। इसे चिकना होने तक न गूँथें। ढककर 15 मिनट आराम दें।
- छोटी लोइयाँ तोड़ें और उन्हें लगभग 5 cm चौड़ी और 3 से 4 mm मोटी गोलाइयों में बेलें या दबाएँ।
- हर मठरी में काँटे से कई जगह छेद करें ताकि वह फूले नहीं।
- मठरियों को गुनगुने (गरम नहीं) तेल में डालें और धीमी आँच पर 12 से 15 मिनट, बीच-बीच में पलटते हुए, सुनहरी और खस्ता होने तक तलें।
- निकालकर रखने से पहले पूरी तरह ठंडा होने दें।
सुझाव: मोयन की जाँच सबसे ज़रूरी है: घी मसलने के बाद मुट्ठी भर आटा दबाएँ; वह आकार पकड़ ले। धीमी आँच पर धीरे-धीरे तलने से परतें खस्ता बनती हैं। बदलाव के लिए मैदे का एक चौथाई हिस्सा बारीक सूजी या आटे से बदल सकते हैं।
नारियल लड्डू (कंडेंस्ड मिल्क या चीनी से)
नरम, सुगंधित नारियल लड्डू — कंडेंस्ड मिल्क से झटपट, या ताज़े नारियल, चीनी और दूध से पारंपरिक तरीके से।
तैयारी: लगभग 10 मिनट। पकाना: लगभग 15 मिनट। मात्रा: लगभग 14 से 16 लड्डू (अनुमानित)।
सामग्री
- कंडेंस्ड मिल्क वाला तरीका: 2 कप (लगभग 160 g) सूखा नारियल (डेसिकेटेड), साथ में लपेटने के लिए 2 बड़े चम्मच
- 1 बड़ा चम्मच घी
- लगभग 3/4 कप (200 g) मीठा कंडेंस्ड मिल्क
- 1/4 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- चीनी वाला तरीका: 2 कप (लगभग 160 g) ताज़ा कसा नारियल, 3/4 कप (150 g) चीनी, 1/2 कप (120 ml) दूध, 1 छोटा चम्मच घी और 1/4 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- सजाने के लिए कटे पिस्ते या काजू (वैकल्पिक)
विधि
- कंडेंस्ड मिल्क वाला तरीका: नॉन-स्टिक कड़ाही में घी गरम करें, नारियल डालें और धीमी आँच पर 2 मिनट भूनें।
- कंडेंस्ड मिल्क डालें और धीमी आँच पर 5 से 7 मिनट चलाएँ, जब तक मिश्रण गाढ़ा होकर कड़ाही के किनारे न छोड़ने लगे।
- चीनी वाला तरीका: ताज़ा नारियल, चीनी और दूध को मध्यम-धीमी आँच पर चलाते हुए 12 से 15 मिनट पकाएँ, जब तक गाढ़ा और लगभग सूखा न हो जाए, फिर घी डालें।
- इलायची मिलाएँ और कड़ाही आँच से उतार लें। मिश्रण को इतना ठंडा होने दें कि हाथ से छू सकें।
- चिकनी हथेलियों से छोटे लड्डू बाँधें और सूखे नारियल में लपेटें या ऊपर एक मेवा दबा दें।
सुझाव: जैसे ही मिश्रण कड़ाही के किनारे छोड़ दे, पकाना बंद कर दें; ज़्यादा पकाने से लड्डू सूखे बनते हैं। सूखे नारियल के लड्डू ताज़े नारियल वालों से ज़्यादा दिन चलते हैं।
काजू कतली (काजू की बर्फी)
चाशनी में पके पिसे काजू से बनी पतली, चिकनी हीरे के आकार की कतली। दिवाली पर उपहार में दी जाने वाली सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में से एक, और घर पर जितनी कठिन लगती है उससे आसान।
तैयारी: लगभग 10 मिनट। पकाना: लगभग 15 मिनट। मात्रा: लगभग 18 से 20 टुकड़े (अनुमानित)।
सामग्री
- 1 कप (150 g) काजू, कमरे के तापमान पर
- 1/2 कप (100 g) चीनी
- 1/4 कप (60 ml) पानी
- 1 छोटा चम्मच घी
- एक चुटकी इलायची पाउडर (वैकल्पिक)
विधि
- काजू को छोटे-छोटे पल्स में बारीक पीसें और जैसे ही पाउडर बन जाए, रुक जाएँ, ताकि काजू तेल न छोड़ें। छान लें और मोटे टुकड़ों को दोबारा पीसें।
- चीनी और पानी उबालें, चीनी घुलने तक चलाएँ, फिर एक तार की चाशनी बनाएँ: एक बूँद को पल भर ठंडा करके अंगूठे और उँगली के बीच दबाने पर एक तार बने।
- आँच धीमी करें और काजू पाउडर डालें। 3 से 5 मिनट लगातार चलाएँ, जब तक नरम पिंड बनकर कड़ाही से अलग न होने लगे।
- मिश्रण को चिकनी थाली या बटर पेपर पर निकालें और कुछ मिनट ठंडा होने दें, जब तक हाथ से छू सकें।
- घी और इलायची डालकर हल्के हाथ से चिकना आटा गूँथें।
- इसे बटर पेपर की दो शीटों के बीच लगभग 5 mm मोटा बेलें।
- हल्का गरम रहते ही हीरे के आकार में काटें। अलग करने से पहले 30 मिनट जमने दें।
सुझाव: कमरे के तापमान वाले काजू लें और थोड़ी-थोड़ी देर पीसें। एक छोटा टुकड़ा बेलकर आटे की जाँच करें: वह चिकना और बिना चिपचिपाहट वाला हो। खाने योग्य चाँदी का वर्क सजावट के लिए वैकल्पिक है।
विकल्प
| सामग्री | विकल्प | टिप्पणी |
|---|---|---|
| खोया | मिल्क पाउडर मावा या सूखने तक पकाया रिकोटा | रिकोटा: कड़ाही में भुरभुरा होने तक पकाएँ |
| मैदा | आधा मैदा, आधा बारीक आटा | थोड़ी भारी, थोड़ी गहरे रंग की |
| कंडेंस्ड मिल्क | चीनी और दूध (रेसिपी देखें) | पकने में ज़्यादा समय लगता है |
| काजू कतली में काजू | छिले बादाम का आटा | इससे बादाम कतली बनती है |
| तलने के लिए घी | सामान्य (गंधहीन) तेल | घी से सुगंध आती है; तेल भी ठीक है |
विदेश में रहने वाले परिवारों के लिए सुझाव
- फ्रोज़न खोया, गुजिया के साँचे और भारतीय मीठा कंडेंस्ड मिल्क USA, UK, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के ज़्यादातर भारतीय ग्रोसरी स्टोर में मिलते हैं; सुपरमार्केट का कोई भी मीठा कंडेंस्ड मिल्क भी चल जाता है।
- काजू कतली और मठरी दोस्तों और सहकर्मियों के लिए आसानी से पैक करके भेजी जा सकती हैं; खोये वाली गुजिया कुछ ही दिनों में खा लेना सबसे अच्छा है।
- उत्तरी अमेरिका और UK में छोटी दिवाली शनिवार, 7 नवंबर को है — रविवार की लक्ष्मी पूजा से पहले परिवार के साथ मिलकर पकवान बनाने के लिए अच्छा दिन।
भंडारण
- मावा गुजिया: ठंडी जगह पर एयरटाइट डिब्बे में लगभग 5 से 7 दिन; गरम मौसम में फ्रिज में रखें। सूखी सूजी-नारियल भरावन वाली गुजिया लगभग 2 सप्ताह चलती है।
- मठरी: कमरे के तापमान पर एयरटाइट डिब्बे में लगभग 2 से 3 सप्ताह।
- नारियल लड्डू: फ्रिज में लगभग 4 से 5 दिन (कंडेंस्ड मिल्क वाले); ताज़े नारियल वाले 2 से 3 दिन।
- काजू कतली: कमरे के तापमान पर एयरटाइट डिब्बे में लगभग 1 सप्ताह, फ्रिज में थोड़ा ज़्यादा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या मैं बिना खोये के गुजिया बना सकता/सकती हूँ?
हाँ। रेसिपी में बताए अनुसार मिल्क पाउडर, घी और दूध से झटपट मावा बनाएँ, या भुनी सूजी, सूखे नारियल, पिसी चीनी और मेवों का सूखा भरावन लें, जो ज़्यादा दिन भी चलता है।
मेरी गुजिया तेल में खुल क्यों जाती है?
आमतौर पर किनारे ठीक से बंद नहीं हुए होते, भरावन बहुत गीला होता है, या गुजिया में ज़्यादा भरावन भरा होता है। किनारे पर पानी लगाएँ, अच्छी तरह दबाकर गूँथें, और बहुत गरम तेल के बजाय धीमी आँच पर तलें।
मेरी मठरी खस्ता के बजाय सख्त क्यों बनती है?
आटे में कम मोयन, ज़्यादा गूँथना या तेज़ आँच पर तलना। घी मसलने के बाद दबाने पर आटा आकार पकड़ ले; आटे को बिना चिकना गूँथे बस बाँध लें, और धीमी आँच पर धीरे-धीरे तलें।
मेरी काजू कतली भुरभुरी या चिपचिपी क्यों बनती है?
भुरभुरी काजू कतली ज़्यादा पक गई है; गरम रहते एक छोटा चम्मच दूध मिलाकर गूँथें। चिपचिपी काजू कतली कम पकी है; उसे धीमी आँच पर एक मिनट और कड़ाही में पकाएँ। काजू को ज़्यादा देर पीसने से तेल निकलता है और आटा चिकनाईदार हो जाता है।
ये दिवाली मिठाइयाँ कितने दिन चलती हैं?
लगभग: मठरी एयरटाइट डिब्बे में 2 से 3 सप्ताह, मावा गुजिया ठंडी जगह पर 5 से 7 दिन (गरम मौसम में फ्रिज में), काजू कतली लगभग 1 सप्ताह, और नारियल लड्डू फ्रिज में 4 से 5 दिन (ताज़े नारियल वाले 2 से 3 दिन)।
2026 में दिवाली कब है?
द्रिक पंचांग के अनुसार, दिवाली (लक्ष्मी पूजा) भारत तथा USA, कनाडा और UK में रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। भारत में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को, गोवर्धन पूजा मंगलवार, 10 नवंबर को और भाई दूज बुधवार, 11 नवंबर को है।
संपादकीय टिप्पणी (8 अक्टूबर 2026)
हमने यह पेज 8 अक्टूबर 2026 को लिखा। तिथियाँ देश के अनुसार द्रिक पंचांग पर आधारित हैं: भारत में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को, नरक चतुर्दशी और लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर को, गोवर्धन पूजा मंगलवार, 10 नवंबर को और भाई दूज बुधवार, 11 नवंबर 2026 को। रेसिपी सामान्य घरेलू तरीके हैं; मात्राएँ, समय, संख्या और टिकाऊपन अनुमानित हैं।

