वर्ष में बारह चतुर्थी होती हैं, पर केवल एक पर लोग सूर्यास्त के बाद जान-बूझकर चंद्रमा से दृष्टि हटाए रखते हैं। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) पर चंद्र-दर्शन सामान्य अनिष्ट नहीं, बल्कि एक विशेष बात लाता है — मिथ्या दोष यानी झूठा आरोप। परंपरा इसका उदाहरण भी देती है: स्वयं श्रीकृष्ण ने इस रात चंद्रमा देखा और अगले ही दिन चोरी-हत्या का मिथ्या आरोप झेला।

2026 की तिथि

गणेश चतुर्थी — सोमवार, 14 सितंबर 2026। चंद्रमा जब तक आपके स्थानीय क्षितिज पर है (नई दिल्ली में लगभग सुबह 9:01 से रात 8:09 तक — अपने पंचांग से पुष्टि करें) तब तक दर्शन से बचें। यह अवधि स्थानीय चंद्रोदय से चंद्रास्त तक है, इसलिए हर शहर में भिन्न है। वास्तविक जोखिम सूर्यास्त के बाद का एक घंटा है, जब पतला चंद्र पश्चिम में दिखता है।

चंद्रमा को शाप क्यों मिला

मोदक खाकर गिरने पर टूटे पेट को गणेश जी ने साँप बाँधकर सँभाला (इसीलिए कमर पर सर्प)। इस दृश्य पर चंद्रमा हँसा; गणेश जी ने दाँत फेंका और पार्वती ने शाप दिया कि जो इन्हें देखेगा उस पर मिथ्या दोष आएगा। देवों की प्रार्थना पर उपाय भी दिया — जो चतुर्थी को पूजा कर कथा श्रद्धा से सुने और अक्षत सिर पर धारण करे, वह मुक्त रहेगा।

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श्यमंतक मणि की कथा

द्वापर में श्रीकृष्ण ने दूध में चंद्र-प्रतिबिंब देखा। सत्राजित के भाई प्रसेन को सिंह ने, सिंह को जाम्बवान ने मारा, मणि गुफा पहुँची। कृष्ण पर चोरी का आरोप लगा; उन्होंने 28 दिन जाम्बवान से युद्ध कर सत्य प्रकट किया, मणि और जाम्बवती प्राप्त की, और नाम निष्कलंक किया। झूठा आरोप इनकार से नहीं, सत्य से पराजित होता है।

यदि चंद्रमा दिख जाए तो मंत्र

सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः। सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥
“सिंह ने प्रसेन को मारा, सिंह को जाम्बवान ने; हे बालक मत रो — यह श्यमंतक तुम्हारा है।” (तीन बार बोलें।) यह वस्तुतः जाम्बवान द्वारा अपने शिशु को सुनाई लोरी है — यानी उपाय है शांति से सत्य कहना।

अन्य चतुर्थी पर?

नहीं। संकष्टी चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) पर तो चंद्रमा देखना आवश्यक है — व्रत चंद्रदर्शन के बाद ही खोला जाता है। यह निषेध केवल भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी का है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा क्यों नहीं देखना चाहिए?

पार्वती के शाप के कारण; इस दिन चंद्र-दर्शन मिथ्या दोष (झूठा आरोप) लाता है। उपाय — श्यमंतक श्लोक और कथा-श्रवण।

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यदि गलती से चंद्रमा दिख जाए तो?

घबराएँ नहीं — "सिंहः प्रसेनम्…" श्लोक तीन बार बोलें और कथा सुनें/पढ़ें।

क्या यह नियम हर चतुर्थी पर है?

नहीं — संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रमा देखना आवश्यक है; निषेध केवल भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी का है।

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