गणेश विसर्जन मंत्र: गणपति विसर्जन के समय क्या बोलें (2026)
गणेश विसर्जन 2026 का पूर्ण मंत्र — अर्थ, क्रम और घर पर विसर्जन विधि सहित।

गणेश विसर्जन 2026 का पूर्ण मंत्र — अर्थ, क्रम और घर पर विसर्जन विधि सहित।
गणेश विसर्जन के समय हर घर जो मुख्य मंत्र बोलता है वह है — "यान्तु देवगणाः सर्वे पूजामादाय मामकीम्, इष्टकामप्रसिद्ध्यर्थं पुनरागमनाय च।" यह भगवान से प्रार्थना है कि वे अर्पित पूजा स्वीकार कर, शांतिपूर्वक प्रस्थान करें और अगले वर्ष पुनः पधारें। यह मूर्ति उठाने से ठीक पहले, अंतिम क्षण में बोला जाता है।
गणेश विसर्जन 2026: तिथियाँ
गणेश चतुर्थी 2026 सोमवार, 14 सितंबर को है। विसर्जन इस बात पर निर्भर करता है कि परिवार बप्पा को कितने दिन रखता है — डेढ़ दिन (15 सित.), तीसरे (16), पाँचवें (18), सातवें (20), या अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर) पर। मंत्र सभी दिनों के लिए एक ही हैं।
उत्तर पूजा — क्रमानुसार
विसर्जन केवल मूर्ति को जल में ले जाना नहीं है; यह "उत्तर पूजा" नामक समापन अनुष्ठान है, जो मूर्ति के प्रस्थान से पहले घर में किया जाता है। दीप जलाकर आवाहन-मंत्र, फिर षोडशोपचार, आरती, मंत्रपुष्पांजलि और क्षमा प्रार्थना करें।
क्षमा प्रार्थना
आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥
“मैं आवाहन नहीं जानता, विसर्जन नहीं जानता, पूजा भी नहीं जानता — हे परमेश्वर, क्षमा करें।”
विसर्जन मंत्र
यान्तु देवगणाः सर्वे पूजामादाय मामकीम्। इष्टकामप्रसिद्ध्यर्थं पुनरागमनाय च॥
“सभी देवगण मेरी अर्पित पूजा लेकर पधारें — और मेरी इच्छाओं की पूर्ति हेतु पुनः पधारें।” (तीन बार बोलें।) अंतिम शब्द "पुनरागमनाय च" ही विसर्जन का हृदय है — कुछ समाप्त नहीं हो रहा, पुनः आगमन का निमंत्रण है।
जुलूस और जल में
द्वार से जल तक परिवार गाता है — "गणपती बाप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या।" मूर्ति को सिर पर या छाती की ऊँचाई पर ले जाएँ, कमर से नीचे नहीं। जल में तीन प्रदक्षिणा कर, नारियल अर्पित कर, धीरे से विसर्जित करें — कभी फेंकें नहीं। अंत में "ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः"।
विदेश में घर पर विसर्जन
जहाँ नदी उपलब्ध नहीं, वहाँ घर पर विसर्जन पूर्णतः मान्य है। पूरी उत्तर पूजा घर के भीतर करें, एक स्वच्छ टब/बाल्टी में जल भरें, यान्तु देवगणाः मंत्र तीन बार बोलकर मिट्टी की मूर्ति को धीरे से विसर्जित करें। पूरी तरह घुलने पर वह जल किसी पौधे या पेड़ की जड़ में डालें — नाली में नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गणेश विसर्जन के समय कौन-सा मंत्र बोलें?
मुख्य मंत्र "यान्तु देवगणाः सर्वे…पुनरागमनाय च" है, विदाई के क्षण तीन बार। इससे पहले क्षमा प्रार्थना और बाद में "गणपति बप्पा मोरया"।
गणेश विसर्जन 2026 कब है?
मुख्य विसर्जन अनंत चतुर्दशी — शुक्रवार, 25 सितंबर 2026। छोटे चक्र 15, 16, 18, 20 सितंबर को।
क्या घर पर विसर्जन कर सकते हैं?
हाँ। मिट्टी की मूर्ति को टब/बाल्टी में विसर्जित कर, घुली मिट्टी को मिट्टी/पौधे में डालना पूर्णतः मान्य है।




