अन्नप्राशन (प्रथम अन्न-ग्रहण) षोडश संस्कारों में सातवाँ है, जो शिशु द्वारा पहली बार ठोस आहार — परंपरागत रूप से पका चावल — चखने का अवसर है। यह पोषण एवं आशीर्वाद का कोमल पड़ाव है, परिवार सहित आनंद से मनाया जाता है।

कब किया जाता है?

  • प्रायः छठे माह में — कुछ परंपराओं में पुत्र हेतु सम माह, पुत्री हेतु विषम/सम माह, शुभ दिन पर।
  • शुभ मुहूर्त पंचांग/पुरोहित द्वारा चुनें; उस दिन शिशु स्वस्थ एवं ठोस आहार हेतु तैयार हो।

सामग्री

  • प्रथम आहार रूप में पका चावल / मीठी खीर, यथासंभव चाँदी की कटोरी/चम्मच
  • दीप, हल्दी, कुंकुम, पुष्प, छोटा कलश
  • फल, मिठाई, प्रसाद; वैकल्पिक "चयन" प्रथा हेतु प्रतीक वस्तुओं की थाली (पुस्तक, सिक्का, कलम…)

विधि (चरणबद्ध)

  1. स्थान स्वच्छ कर दीप जलाएँ एवं गणेश आवाहन — "ॐ गं गणपतये नमः"।
  2. बड़े/पुरोहित संक्षिप्त संकल्प करें; पहले देवता को नैवेद्य अर्पित करें।
  3. कोई बुज़ुर्ग (प्रायः पिता/मामा) आशीर्वाद सहित शिशु को प्रथम चावल/खीर चखाते हैं।
  4. कुछ परिवार प्रतीक वस्तुओं की थाली रखकर शिशु को एक चुनने देते हैं — यह खेल है, भविष्यवाणी नहीं।
  5. प्रसाद बाँटकर मनाएँ।

सूचना: प्रथाएँ एवं समय क्षेत्र-पारिवारिक परंपरा अनुसार बदलते हैं — बड़ों/पुरोहित का अनुसरण करें।

NRI विदेश में कैसे करें

  • दीप, बुज़ुर्ग द्वारा प्रथम-अन्न खिलाना एवं आशीर्वाद सहित सरल गृह-विधि पूर्णतः मान्य है।
  • पुरोहित प्रत्यक्ष/ऑनलाइन व्यवस्थित करें; चाँदी का चम्मच/सामग्री भारतीय दुकानों से।
  • दादा-दादी को वीडियो कॉल पर आशीर्वाद हेतु सम्मिलित करें।

16 संस्कार गाइड एवं नामकरण भी देखें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अन्नप्राशन संस्कार शिशु के किस माह में किया जाता है?

अन्नप्राशन प्रायः छठे माह में शुभ दिन पर किया जाता है। शुभ मुहूर्त पंचांग या पुरोहित से चुनें, और ध्यान रखें कि उस दिन शिशु स्वस्थ एवं ठोस आहार हेतु तैयार हो।

अन्नप्राशन में शिशु को पहले क्या खिलाया जाता है?

परंपरागत रूप से शिशु को पहली बार पका चावल या मीठी खीर चखाई जाती है, यथासंभव चाँदी की कटोरी और चम्मच से। पहले देवता को नैवेद्य अर्पित किया जाता है।

अन्नप्राशन में शिशु को पहला अन्न कौन खिलाता है?

कोई बुज़ुर्ग, प्रायः पिता या मामा, आशीर्वाद सहित शिशु को प्रथम चावल या खीर चखाते हैं। प्रथाएँ क्षेत्र और पारिवारिक परंपरा के अनुसार बदलती हैं।

अन्नप्राशन में वस्तुओं की थाली वाली प्रथा क्या है?

कुछ परिवार पुस्तक, सिक्का, कलम जैसी प्रतीक वस्तुओं की थाली रखकर शिशु को एक वस्तु चुनने देते हैं। यह एक खेल है, कोई भविष्यवाणी नहीं।

अन्नप्राशन पूजा की शुरुआत किस मंत्र से करें?

स्थान स्वच्छ कर दीप जलाएँ और "ॐ गं गणपतये नमः" से गणेश आवाहन करें। इसके बाद बड़े या पुरोहित संक्षिप्त संकल्प करते हैं।

NRI परिवार विदेश में अन्नप्राशन कैसे करें?

दीप, बुज़ुर्ग द्वारा प्रथम अन्न खिलाना और आशीर्वाद सहित सरल गृह-विधि पूर्णतः मान्य है। पुरोहित प्रत्यक्ष या ऑनलाइन बुलाएँ, चाँदी का चम्मच व सामग्री भारतीय दुकानों से लें और दादा-दादी को वीडियो कॉल पर जोड़ें।