साउथैम्पटन में दशहरा 2026: तिथि, विजय मुहूर्त, मंदिर और नवरात्रि उत्सव
साउथैम्पटन में विजयादशमी मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है। स्थानीय विजय मुहूर्त और दशमी का समय, साउथैम्पटन और हैम्पशायर के हिंदू मंदिर और सामुदायिक संगठन, शहर के गुजराती, पंजाबी, बंगाली और दक्षिण भारतीय परिवार कैसे उत्सव मनाते हैं, और घर पर सरल पूजा विधि।

साउथैम्पटन में विजयादशमी मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है। स्थानीय विजय मुहूर्त और दशमी का समय, साउथैम्पटन और हैम्पशायर के हिंदू मंदिर और सामुदायिक संगठन, शहर के गुजराती, पंजाबी, बंगाली और दक्षिण भारतीय परिवार कैसे उत्सव मनाते हैं, और घर पर सरल पूजा विधि।
संक्षिप्त उत्तर: साउथैम्पटन (Southampton) में दशहरा (विजयादशमी) 2026 मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है। साउथैम्पटन के लिए विजय मुहूर्त 2:34 PM – 3:16 PM स्थानीय समय (BST, UTC+1) है, जिसकी गणना द्रिक पंचांग पद्धति से की गई है। नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर से आरंभ होती है, और दुर्गा अष्टमी तथा महानवमी एक साथ सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को हैं।
संपादकीय टिप्पणी (5 अक्टूबर 2026): इस पृष्ठ पर साउथैम्पटन के समय की गणना शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर द्रिक पंचांग पद्धति से, स्थानीय ब्रिटिश समर टाइम में की गई है (20 अक्टूबर को UK में अभी भी समर टाइम रहता है)। भारत में दशमी तिथि 20 अक्टूबर को 12:50 PM IST से 21 अक्टूबर को 2:11 PM IST तक है; साउथैम्पटन के समकक्ष समय नीचे दिए गए हैं। हम 2026 के कार्यक्रमों का समय, स्थान या टिकट विवरण नहीं देते, क्योंकि मंदिर और सामुदायिक संगठन इनकी घोषणा स्वयं करते हैं। कृपया जाने से पहले उनकी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल पेज अवश्य देखें।
साउथैम्पटन के हिंदू समुदाय की जड़ें गहरी हैं। गुजराती और पंजाबी परिवार दशकों से इस शहर का हिस्सा रहे हैं, और हाल के वर्षों में बंदरगाह, दोनों विश्वविद्यालयों और NHS के कारण बंगाल, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र से कई और परिवार व विद्यार्थी यहाँ आए हैं। सोलेंट (Solent) तट पर बसे ईस्टली, पोर्ट्समथ और हैवंट के साथ मिलकर, साउथैम्पटन की नवरात्रि हैम्पशायर भर के मंदिरों, स्कूल हॉलों और सामुदायिक केंद्रों में गरबा, दुर्गा पूजा, गोलू और रामायण की परंपराओं को एक साथ लाती है।
साउथैम्पटन के लिए दशहरा 2026 की तिथियाँ और समय
| पर्व | साउथैम्पटन (स्थानीय समय, BST) |
|---|---|
| नवरात्रि आरंभ (घटस्थापना) | रविवार, 11 अक्टूबर 2026 |
| दुर्गा अष्टमी और महानवमी | सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 |
| दशहरा / विजयादशमी | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 |
| दशमी तिथि आरंभ | मंगल, 20 अक्टूबर, 8:20 AM |
| दशमी तिथि समाप्त | बुध, 21 अक्टूबर, 9:41 AM |
| विजय मुहूर्त (द्रिक पंचांग पद्धति) | 2:34 PM – 3:16 PM |
| अपराह्न (दोपहर की पूजा का समय) | 1:52 PM – 3:58 PM |
| सूर्यास्त | 6:03 PM |
साउथैम्पटन में दशमी तिथि मंगलवार सुबह आरंभ होकर पूरी दोपहर तक रहती है, इसलिए अपराह्न और दशमी पूरी तरह साथ पड़ते हैं और तिथि स्पष्ट है: विजयादशमी मंगलवार, 20 अक्टूबर को है। विजय मुहूर्त, जो दिन के पंद्रह मुहूर्तों में ग्यारहवाँ है, अपराह्न और दशमी तिथि दोनों के भीतर आराम से आता है। जहाँ रावण दहन होता है, वह परंपरा से सूर्यास्त के बाद किया जाता है।
नवरात्रि और दशहरे के लिए साउथैम्पटन के हिंदू मंदिर
ये मंदिर और संगठन साउथैम्पटन और व्यापक दक्षिण हैम्पशायर क्षेत्र में स्थापित हैं। कार्यक्रम हर वर्ष बदलते रहते हैं, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए हर एक की आधिकारिक वेबसाइट या सोशल पेज देखें।
- वैदिक सोसाइटी हिंदू मंदिर, नॉर्थम (Vedic Society Hindu Temple, Northam): पंजीकृत चैरिटी वैदिक सोसाइटी ऑफ साउथैम्पटन द्वारा संचालित यह शहर का प्रमुख मंदिर है, जो दशकों से पूजा-अर्चना, धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक मेल-मिलाप के केंद्र के रूप में साउथैम्पटन के हिंदू समुदाय की सेवा कर रहा है।
- हैम्पशायर पूजा एंड कल्चरल एसोसिएशन (HPCA), साउथैम्पटन: एक पंजीकृत चैरिटी, जिसके उद्देश्यों में प्रार्थना सभाओं, प्रवचनों और धार्मिक त्योहारों के सार्वजनिक उत्सवों के माध्यम से साउथैम्पटन में हिंदू धर्म को आगे बढ़ाना शामिल है।
- हैम्पशायर इंडियन कम्युनिटी (HIC): स्वयंसेवकों द्वारा चलाया जाने वाला एक सामुदायिक समूह, जिसे 2022 में साउथैम्पटन और हैम्पशायर के भारतीय परिवारों को एक साथ लाने के लिए बनाया गया, ताकि त्योहार लंदन या बोर्नमथ जाने के बजाय यहीं स्थानीय रूप से मनाए जा सकें।
- BAPS श्री स्वामिनारायण मंदिर, हैवंट (Havant): 2006 में खुला एक स्वामिनारायण मंदिर, जो हैवंट, पोर्ट्समथ और दक्षिण हैम्पशायर के पूर्वी भाग के गुजराती और अन्य हिंदू परिवारों की सेवा करता है।
मंदिर और सामुदायिक संगठन आमतौर पर नवरात्रि गरबा, दुर्गा पूजा, रामलीला और रावण दहन कार्यक्रमों की घोषणा कुछ सप्ताह पहले करते हैं — उनकी वेबसाइट/सोशल पेज देखें।
साउथैम्पटन में नवरात्रि और दशहरा कैसे मनाया जाता है
गरबा और डांडिया की रातें
साउथैम्पटन के गुजराती परिवार गरबा और डांडिया रास को नवरात्रि का केंद्र बनाए रखते हैं। आमतौर पर शाम की शुरुआत अंबा माता की आरती से होती है, जिसके बाद घंटों तक लाइव या रिकॉर्डेड संगीत पर गोलाकार गरबा और डांडिया चलता है, और परिवार चणिया चोली और केडियू पहनकर आते हैं। कुछ समूह नवरात्रि की कई रातों में मंदिर या स्कूल हॉल में गरबा रखते हैं, जबकि सोलेंट क्षेत्र के बड़े आयोजन प्रायः सप्ताहांत पर होते हैं।
दुर्गा पूजा
साउथैम्पटन और हैम्पशायर के बंगाली परिवार ढाक, अष्टमी की पुष्पांजलि, संधि पूजा, भोग, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अंत में सिंदूर खेला व देवी की विदाई के साथ बिजोया दशमी मनाकर दुर्गा पूजा का उत्सव करते हैं। भारत में बंगाली परंपरा की बिजोया दशमी बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 (द्रिक पंचांग, कोलकाता) को है, लेकिन प्रवासी पूजाएँ अपनी समिति के कार्यक्रम का पालन करती हैं, जो प्रायः सप्ताहांत के अनुसार तय होता है।
गोलू, बतुकम्मा, आयुध पूजा और विद्यारंभम
साउथैम्पटन के तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयाली परिवार, जिनमें से कई अस्पतालों और विश्वविद्यालयों में काम करते हैं, घर पर और सामुदायिक हॉलों में दक्षिण भारतीय नवरात्रि परंपराओं को जीवित रखते हैं। कई घरों में सीढ़ीनुमा अलमारियों पर गुड़ियों का गोलू (बोम्मई कोलु) सजाया जाता है और मित्रों को कुमकुम, भजन और सुंडल के लिए बुलाया जाता है। तेलंगाना के परिवार अक्सर फूलों की सजावट और गीतों के साथ बतुकम्मा मनाने के लिए एकत्र होते हैं। नवमी पर आयुध पूजा में औज़ारों, पुस्तकों, वाद्ययंत्रों, लैपटॉप और कारों का पूजन होता है, और विजयादशमी पर कई बच्चे विद्यारंभम के साथ अपनी पढ़ाई शुरू करते हैं।
रामलीला और रावण दहन
पंजाबी और उत्तर भारतीय परिवार दशहरे को रावण पर श्रीराम की विजय के रूप में मनाते हैं। साउथैम्पटन में इसका अर्थ आमतौर पर रामायण पाठ, भजन, बच्चों की रामलीला प्रस्तुतियाँ और, जहाँ अनुमति मिले, किसी मंदिर या सामुदायिक संगठन द्वारा आयोजित छोटा प्रतीकात्मक पुतला दहन होता है। खुले मैदान में बड़े रावण दहन आयोजन भारत की तुलना में बहुत कम होते हैं, और कोई भी दहन साउथैम्पटन सिटी काउंसिल और अग्निशमन सेवा के नियमों पर निर्भर करता है।
घर पर दशहरा पूजा
चूँकि 20 अक्टूबर कामकाजी मंगलवार है, इसलिए साउथैम्पटन के कई परिवार घर पर छोटी पूजा करते हैं और सप्ताहांत पर सामुदायिक उत्सवों में शामिल होते हैं। सरल विधि:
- तैयारी: पूजा स्थान को साफ करें, माँ दुर्गा, श्रीराम या अपने कुलदेवता का चित्र रखें, और फूल, चावल, कुमकुम, दीया और अगरबत्ती तैयार रखें।
- अपराजिता पूजा: अपराह्न (1:52 PM – 3:58 PM) में कुमकुम या चावल से छोटा अष्टदल कमल बनाएँ और बाधाओं पर विजय की प्रार्थना करते हुए देवी अपराजिता की पूजा करें।
- शमी पूजा: शमी के पौधे या शमी अथवा आपटा के कुछ पत्तों की पूजा करें, अच्छा हो कि विजय मुहूर्त (2:34 PM – 3:16 PM) में।
- आयुध / शस्त्र पूजा: औज़ारों, लैपटॉप, पुस्तकों, वाद्ययंत्रों और कार को साफ करके सजाएँ, कुमकुम लगाएँ और फूल अर्पित करें।
- विद्यारंभम: बच्चे चावल में अपने पहले अक्षर या 'ॐ' लिख सकते हैं, या कोई नई कक्षा या वाद्ययंत्र सीखना शुरू कर सकते हैं।
- समापन: दीया जलाएँ, नैवेद्य अर्पित करें और आरती गाएँ। यदि आपने नवरात्रि का व्रत रखा था, तो अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार उसका पारण करें।
दशहरे के महत्व, इससे जुड़ी कथाओं और विस्तृत पूजा विधि के लिए देखें हमारी दशहरा / विजयादशमी 2026 मुख्य गाइड.
साउथैम्पटन में दशहरे के लिए व्यावहारिक सुझाव
- सप्ताह के बीच का त्योहार: मंगलवार, 20 अक्टूबर और बुधवार, 21 अक्टूबर स्कूल और काम के दिन हैं। विजय मुहूर्त दोपहर के बीच में है, इसलिए थोड़े विराम की योजना बनाएँ या घर पर शमी पूजा सरल रखें।
- सप्ताहांत के कार्यक्रम: कई गरबा रातें, दुर्गा पूजाएँ और रामलीला कार्यक्रम दशहरे से पहले और बाद के सप्ताहांतों पर होते हैं। तिथियों की पुष्टि सीधे आयोजकों से करें।
- आग और आतिशबाज़ी: आतिशबाज़ी, खुली लौ और पुतला दहन के नियम UK के कानून और स्थानीय प्रशासन तय करते हैं। बाहर कुछ भी आयोजित करने से पहले काउंसिल से पूछ लें, और दीये कभी भी पर्दों या सजावट के पास न जलाएँ।
- वहाँ पहुँचना: त्योहार की शामों में मंदिरों और सामुदायिक हॉलों के पास पार्किंग सीमित रहती है। स्थानीय बसें और कार-शेयरिंग मददगार हैं, और हैवंट, पोर्ट्समथ या लंदन के कार्यक्रमों के लिए ट्रेन प्रायः आसान विकल्प है; अतिरिक्त समय लेकर चलें।
- विद्यार्थी: साउथैम्पटन में नए आए विश्वविद्यालय के विद्यार्थी नवरात्रि के दौरान मंदिर जाने के लिए लिफ्ट और समूह यात्राओं के बारे में अपने विश्वविद्यालय की फेथ या हिंदू सोसाइटी से पूछ सकते हैं।
- समय की जाँच: 20 अक्टूबर को UK में अभी भी ब्रिटिश समर टाइम रहता है, इसलिए इस पृष्ठ के सभी समय BST (UTC+1) में हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
साउथैम्पटन में दशहरा 2026 कब है?
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026। नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर से आरंभ होती है, और दुर्गा अष्टमी तथा महानवमी दोनों सोमवार, 19 अक्टूबर को हैं। साउथैम्पटन में दशमी तिथि स्थानीय समय अनुसार मंगल, 20 अक्टूबर, 8:20 AM से बुध, 21 अक्टूबर, 9:41 AM तक है, इसलिए 20 तारीख की पूरी दोपहर दशमी में आती है।
दशहरा 2026 पर साउथैम्पटन में विजय मुहूर्त क्या है?
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को ब्रिटिश समर टाइम में 2:34 PM – 3:16 PM, जिसकी गणना साउथैम्पटन के लिए द्रिक पंचांग पद्धति से की गई है। यह अपराह्न काल (1:52 PM – 3:58 PM) के भीतर है, और पूरा मुहूर्त दशमी तिथि में ही आता है।
क्या मैं भारत या लंदन के लिए प्रकाशित विजय मुहूर्त का उपयोग कर सकता हूँ?
भारत का नहीं। मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करते हैं, इसलिए भारत के समय को सीधे UK के समय में नहीं बदला जा सकता। लंदन का मुहूर्त साउथैम्पटन से केवल कुछ मिनट अलग है, पर सटीकता के लिए इस पृष्ठ पर दिए साउथैम्पटन के समय या अपने मंदिर के कैलेंडर का पालन करें।
साउथैम्पटन में बिजोया दशमी और सिंदूर खेला कब है?
भारत में बंगाली परंपरा की बिजोया दशमी और सिंदूर खेला बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 (द्रिक पंचांग, कोलकाता) को हैं। साउथैम्पटन और हैम्पशायर की दुर्गा पूजा समितियाँ अपना कार्यक्रम स्वयं तय करती हैं, जो प्रायः सप्ताहांत के आसपास होता है, इसलिए अपनी पूजा समिति की घोषणाओं का पालन करें।
साउथैम्पटन में कौन-से मंदिर नवरात्रि और दशहरा मनाते हैं?
नॉर्थम (Northam) स्थित वैदिक सोसाइटी हिंदू मंदिर शहर का प्रमुख मंदिर है। हैम्पशायर पूजा एंड कल्चरल एसोसिएशन और हैम्पशायर इंडियन कम्युनिटी जैसे सामुदायिक संगठन भी त्योहारों के उत्सव आयोजित करते हैं, और हैवंट (Havant) का BAPS श्री स्वामिनारायण मंदिर दक्षिण हैम्पशायर भर के परिवारों की सेवा करता है। 2026 के कार्यक्रम के लिए हर एक की वेबसाइट या सोशल पेज देखें।
क्या साउथैम्पटन में रावण दहन होता है?
अग्नि सुरक्षा नियमों और अनुमतियों के कारण UK में खुले मैदान में बड़े पुतला दहन दुर्लभ हैं। कुछ मंदिर और सामुदायिक संगठन रामायण पाठ, बच्चों की रामलीला प्रस्तुतियों या प्रतीकात्मक रावण दहन से श्रीराम की विजय मनाते हैं, जो प्रायः दशहरे के आसपास के किसी सप्ताहांत पर होता है। मंदिर और सामुदायिक संगठन आमतौर पर इनकी घोषणा कुछ सप्ताह पहले करते हैं, इसलिए उनकी वेबसाइट और सोशल पेज देखते रहें।
