भारत भर में दिवाली 2026: दीपों का त्योहार, पूजा विधि और प्रमुख स्थानों की भव्य जानकारी दिवाली 2026 कब है? तिथि, मुहूर्त और महत्व

दिवाली (दीपावली) हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और सबसे चमकदार त्योहार है, जिसे रोशनी का त्योहार कहा जाता है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत, अंधकार पर प्रकाश और श्री राम के अयोध्या वापसी का प्रतीक है।
2026 में दिवाली की मुख्य तिथि:
- 8 नवंबर 2026 (रविवार) — कार्तिक अमावस्या
दिवाली 2026 पूर्ण दिवस कार्यक्रम:
- धनतेरस: 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार)
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली): 7 नवंबर 2026 (शनिवार)
- मुख्य दिवाली (लक्ष्मी पूजा): 8 नवंबर 2026 (रविवार)
- गोवर्धन पूजा / अन्नकूट: 9 नवंबर 2026 (सोमवार)
- भाई दूज: 10 नवंबर 2026 (मंगलवार)
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (दिल्ली/उत्तर भारत के अनुसार):
- प्रदोष काल: शाम लगभग 5:31 बजे से 8:09 बजे तक
- लक्ष्मी पूजा मुख्य मुहूर्त: शाम 5:55 बजे से 7:50 बजे तक (लगभग 1 घंटा 55 मिनट)
- महानिशीथ काल मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक (9 नवंबर की रात)
यह त्योहार माँ लक्ष्मी, गणेश जी, सरस्वती और कुबेर की पूजा के लिए जाना जाता है। दिवाली पर घरों को साफ करना, दीपक जलाना, पटाखे फोड़ना, मिठाइयाँ बाँटना और लक्ष्मी पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे धन, समृद्धि, सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।
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दिवाली की पूजा विधि – घर पर आसान और सरल तरीके
दिवाली के दिन सुबह जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई करें, पुरानी चीजें निकाल दें और नए कपड़े पहनें। शाम को लक्ष्मी-गणेश की पूजा मुख्य रूप से की जाती है।
पूजा सामग्री:
- मिट्टी के दीये, रंगोली, फूल (गेंदा, कमल), चंदन, रोली, कुमकुम, अगरबत्ती, धूप
- भोग: मिठाई (लड्डू, हलवा), फल, पंचामृत, खीर, बताशे
- अन्य: लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या चित्र, सिक्के, नोट (धन के प्रतीक), स्वस्तिक
लक्ष्मी पूजा स्टेप बाय स्टेप:
- पूजा स्थल को साफ करें और लाल/पीला कपड़ा बिछाएं
- गणेश जी और लक्ष्मी जी की स्थापना करें
- दीपक जलाएं, धूप-अगरबत्ती करें
- पंचामृत और मिठाई का भोग लगाएं
- लक्ष्मी गणेश आरती, श्री सूक्त और गणेश अथर्वशीर्ष पढ़ें
- “ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जप करें
- घर के हर कोने में दीये जलाएं, खिड़कियाँ खुली रखें ताकि लक्ष्मी जी प्रवेश कर सकें
विशेष टिप: पूजा प्रादोष काल में करें। इस दिन व्रत रखना या दान-पुण्य (अन्न, कपड़े, दीये) करना विशेष फलदायी है।
भारत भर में दिवाली के भव्य उत्सव
दिवाली पूरे भारत में अपार उल्लास से मनाई जाती है। हर राज्य की अपनी परंपराएँ हैं, लेकिन रोशनी और खुशियों का माहौल एक समान है।
1. अयोध्या (उत्तर प्रदेश) – दिवाली का जन्मस्थान
भगवान राम की नगरी अयोध्या में दिवाली सबसे भव्य रूप से मनाई जाती है। राम मंदिर परिसर और सरयू नदी के घाटों पर लाखों दीये जलाए जाते हैं। विशेष आकर्षण:
- दीपोत्सव – लाखों दीयों से सजी सरयू नदी
- राम लीला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लेजर शो और आतिशबाजी
- राम मंदिर में विशेष पूजा और भक्ति गीत
अयोध्या दिवाली 2026 इस बार और भी यादगार होने वाली है।
2. वाराणसी (काशी) – गंगा घाटों पर दिवाली
काशी में दिवाली का माहौल आध्यात्मिक और मनमोहक होता है। दशाश्वमेध घाट और अन्य घाटों पर हजारों दीये और मोमबत्तियाँ जलाई जाती हैं। गंगा आरती के साथ दिवाली की रौनक दोगुनी हो जाती है।
3. दिल्ली – बाजारों और मंदिरों की रौनक
दिल्ली में दिवाली पर चांदनी चौक, लाजपत नगर और करोल बाग जैसे बाजार मिठाइयों, दीयों और पटाखों से भर जाते हैं। अक्षरधाम और लक्ष्मी नारायण मंदिर में भव्य प्रकाश व्यवस्था और आरती होती है।
4. अन्य प्रमुख स्थान
- जयपुर और उदयपुर (राजस्थान): महलों को रोशन किया जाता है, झीलों पर दीये तैरते दिखते हैं
- मुंबई और गुजरात: लक्ष्मी पूजा के साथ धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा
- कोलकाता: काली पूजा के साथ दिवाली मनाई जाती है
- हैदराबाद और दक्षिण भारत: दीपावली के नाम से जाना जाता है, मंदिरों में विशेष पूजा
- अमृतसर: स्वर्ण मंदिर को दीयों से सजाया जाता है
पूरे देश में पटाखे, रंगोली, फुलझड़ियाँ, मिठाई बाँटना और परिवार के साथ समय बिताना आम है।
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दिवाली 2026 पर यात्रा टिप्स
- अयोध्या और वाराणसी में होटल और ट्रेन पहले से बुक करें, भीड़ बहुत रहती है
- पर्यावरण अनुकूल पटाखे चुनें या दीये और रोशनी पर फोकस करें
- लक्ष्मी पूजा के लिए मुहूर्त का ध्यान रखें
- परिवार के साथ मिठाइयाँ और उपहार बाँटें
निष्कर्ष: दिवाली का संदेश
दिवाली हमें सिखाती है कि अंधकार कितना भी घना हो, एक छोटा सा दीया भी उसे दूर कर सकता है। इस पावन अवसर पर घर साफ करें, लक्ष्मी जी की पूजा करें, “ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः” का जाप करें और सकारात्मक विचारों से जीवन को रोशन करें।
शुभ दीपावली 2026! दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ। जय श्री राम! 


