रेणुका माता मंदिर, माहूर — शक्तिपीठ एवं परशुराम की माता
रेणुका माता मंदिर, माहूर — महाराष्ट्र शक्तिपीठ एवं परशुराम की माता रेणुका देवी का निवास: महात्म्य, माहूर के तीन शिखर, उत्सव एवं कैसे पहुँचें।

रेणुका माता मंदिर, माहूर — महाराष्ट्र शक्तिपीठ एवं परशुराम की माता रेणुका देवी का निवास: महात्म्य, माहूर के तीन शिखर, उत्सव एवं कैसे पहुँचें।
महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले के माहूर (माहूरगढ़) नगर में पहाड़ी पर विराजमान रेणुका माता मंदिर — मातृत्व, साहस एवं आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक। भगवान परशुराम (विष्णु के छठे अवतार) की माता रेणुका देवी का निवास; यह महाराष्ट्र के "साढ़े तीन शक्तिपीठों" की शृंखला को पूर्ण करता है।
शक्तिपीठ
रेणुका माता मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है — जहाँ देवी सती का शीश गिरा माना जाता है। तुलजा भवानी (तुलजापुर), महालक्ष्मी (कोल्हापुर) एवं सप्तश्रृंगी (वाणी — अर्ध-पीठ) के साथ यह इस शृंखला का अंग है। यह जमदग्नि ऋषि की पत्नी एवं परशुराम की माता रेणुका देवी से जुड़ा है।
मूर्ति एवं तीन शिखर
पहाड़ी पर स्थित गर्भगृह में रेणुका देवी की मूर्ति विराजमान है; भक्त 250–500 सीढ़ियाँ (मार्ग अनुसार) चढ़ते हैं — इसे तपस्या माना जाता है। माहूर की विशेषता तीन पवित्र शिखर हैं: रेणुका माता, दत्त शिखर (दत्तात्रेय), अत्रि-अनसूया मंदिर — शक्ति, दत्तात्रेय एवं परशुराम भक्तों हेतु संपूर्ण आध्यात्मिक गंतव्य।
उत्सव एवं कैसे पहुँचें
- विजयदशमी (दशहरा) पर बड़ा मेला; नवरात्रि पर विशेष पूजा।
- स्थान: माहूर, नांदेड़ ज़िला (नांदेड़ से ≈150 कि.मी.)।
- वायुयान: नांदेड़/औरंगाबाद। रेल: नांदेड़; आगे टैक्सी/बस; अंत में पहाड़ी सीढ़ियाँ।
- दर्शन: सामान्यतः प्रातः 6:00 – रात्रि 10:00 (स्थानीय रूप से पुष्टि करें); प्रवेश निःशुल्क।
मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
सामान्य प्रश्न
रेणुका माता मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
महाराष्ट्र के साढ़े तीन शक्तिपीठों में से एक; परशुराम की माता रेणुका देवी का पवित्र निवास।
माहूर की विशेषता?
तीन पवित्र शिखर — रेणुका माता, दत्तात्रेय, अत्रि-अनसूया — एक अनूठा आध्यात्मिक गंतव्य।
जय रेणुका माता! जय परशुराम की दिव्य माता! 🙏
महाराष्ट्र शक्तिपीठ शृंखला — सप्तश्रृंगी माता (वाणी), तुलजा भवानी (तुलजापुर) भी देखें।




