अभिषेक — जल, दूध, दही, शहद एवं घी जैसे पवित्र द्रव्यों से देवता का अभिषेक करने का पावन अनुष्ठान। शिव एवं गणेश की उपासना का अत्यंत प्रिय रूप। अनेक NRI घर पर सरल अभिषेक करते हैं — व्यावहारिक विधि यह है।

सामग्री (जो उपलब्ध हो)

  • शुद्ध जल, दूध, दही, शहद, घी, थोड़ी शक्कर/मिश्री
  • चंदन, गुलाब-जल
  • शिव हेतु बिल्व पत्र; ताज़े पुष्प
  • छोटी मूर्ति/प्रतीक लिंग, दीप, धूप

सरल विधि

  1. स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें; पूजा-स्थल स्वच्छ कर मूर्ति/प्रतीक लिंग रखें।
  2. दीप-धूप जलाकर परिवार के कल्याण हेतु संक्षिप्त संकल्प करें।
  3. मंत्र जपते हुए द्रव्य एक-एक कर अर्पित करें।

शिव हेतु: "ॐ नमः शिवाय" जपते हुए जल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर-जल।

गणेश हेतु: "ॐ गं गणपतये नमः" जपते हुए दूध, दही, शहद, घी।

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  1. जल/गुलाब-जल से धीरे से स्वच्छ करें।
  2. चंदन, कुंकुम लगाएँ; पुष्प एवं बिल्व पत्र (शिव हेतु) अर्पित करें।
  3. कपूर आरती करें; फल, मिठाई, नारियल प्रसाद रूप में बाँटें।

व्यस्त दिनों हेतु संक्षिप्त विधि

  1. दीप जलाएँ।
  2. मंत्र 11/21 बार जपते हुए थोड़ा दूध एवं जल अर्पित करें।
  3. पुष्प अर्पित कर संक्षिप्त आरती।

शुभ दिन

  • शिव: सोमवार, प्रदोष काल, महाशिवरात्रि।
  • गणेश: बुधवार, गणेश चतुर्थी।

सुझाव: ठंडे क्षेत्रों में हल्का गुनगुना दूध-जल प्रयोग करें; लिंग न हो तो छोटा स्वच्छ पत्थर/चित्र प्रतीक रूप में। विधि परंपरा अनुसार बदलती है — परिवार/पुरोहित की विधि अपनाएँ। सामग्री से अधिक श्रद्धा महत्वपूर्ण है।