गृह प्रवेश — नए घर में पहली बार प्रवेश के समय किया जाने वाला अनुष्ठान, ताकि दैवी कृपा से घर में सुख, शांति एवं समृद्धि आए। घर खरीदने/स्थानांतरण पर अनेक NRI इसे करते हैं — घर पर सरल विधि यह है।

गृह प्रवेश हेतु शुभ समय

  • शुभ मुहूर्त चुनें; वैशाख, ज्येष्ठ, माघ एवं फाल्गुन मास परंपरा में शुभ माने जाते हैं।
  • कठोर परंपरा में पूर्ण अनुष्ठान हेतु चातुर्मास से बचा जाता है।
  • सोम, बुध, गुरु एवं शुक्रवार सामान्यतः अनुकूल।
  • सटीक मुहूर्त हेतु पंचांग/ऐप देखें या पुरोहित से परामर्श करें।

सामग्री

  • कलश (ताँबा/चाँदी), नारियल, आम के पत्ते
  • नया वस्त्र, चावल, हल्दी, कुंकुम, पुष्प
  • फल, मिठाई, पान-सुपारी
  • दीप, धूप, कपूर

विधि (चरणबद्ध)

  1. पूरा घर स्वच्छ करें; स्नान कर पारंपरिक वस्त्र पहनें।
  2. मुख्य द्वार पर चावल फैलाकर जल-आम के पत्ते-नारियल युक्त कलश रखें; वस्त्र-पुष्प-हल्दी-कुंकुम से सजाएँ।
  3. दीप-धूप जलाकर पहले गणेश जी का आवाहन करें — "ॐ गं गणपतये नमः"।
  4. कलश का अभिषेक करें; पुष्प, फल, मिठाई अर्पित करें।
  5. लक्ष्मी मंत्र "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमलालये नमः" जपें; पूर्ण पूजा हो तो सत्यनारायण कथा पढ़ें।
  6. कपूर आरती करें; नारियल फोड़कर प्रसाद बाँटें।
  7. घर के सबसे बड़े सदस्य दाहिने पैर से पहले प्रवेश करें; कोनों में गंगाजल छिड़कें एवं हर कक्ष में दीप जलाएँ।

व्यस्त NRI हेतु सरल विधि

  1. घर स्वच्छ करें; मुख्य स्थान पर दीप जलाएँ।
  2. गणेश जी एवं देवी लक्ष्मी को पुष्प, फल, मिठाई अर्पित करें।
  3. "ॐ गं गणपतये नमः" एवं "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमलालये नमः" 11/21 बार जपें।
  4. संक्षिप्त आरती कर मिठाई बाँटें।

NRI हेतु सुझाव

  • अधिकांश सामग्री भारतीय दुकानों या ऑनलाइन उपलब्ध है।
  • कलश न हो तो छोटा चाँदी पात्र — या गणेश-लक्ष्मी के चित्र प्रयोग करें।
  • किराये के घर में भी सरल विधि मान्य है; बच्चों को सम्मिलित करें।

सूचना: विधि एवं मुहूर्त क्षेत्र-परंपरा अनुसार बदलते हैं; महत्वपूर्ण अनुष्ठान हेतु पारिवारिक पुरोहित से परामर्श करें।

Advertisement

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गृह प्रवेश के लिए कौन से मास और दिन शुभ माने जाते हैं?

परंपरा में वैशाख, ज्येष्ठ, माघ एवं फाल्गुन मास शुभ माने जाते हैं, और सोम, बुध, गुरु एवं शुक्रवार सामान्यतः अनुकूल होते हैं। कठोर परंपरा में पूर्ण अनुष्ठान हेतु चातुर्मास से बचा जाता है; सटीक मुहूर्त पंचांग या पुरोहित से जानें।

गृह प्रवेश पूजा में कौन सी सामग्री चाहिए?

कलश (ताँबा या चाँदी), नारियल, आम के पत्ते, नया वस्त्र, चावल, हल्दी, कुंकुम, पुष्प, फल, मिठाई, पान-सुपारी, दीप, धूप और कपूर।

गृह प्रवेश पूजा में कौन से मंत्र जपे जाते हैं?

पहले गणेश जी का आवाहन "ॐ गं गणपतये नमः" से किया जाता है, फिर लक्ष्मी मंत्र "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमलालये नमः" जपा जाता है। पूर्ण पूजा हो तो सत्यनारायण कथा भी पढ़ी जाती है।

नए घर में सबसे पहले कौन और कैसे प्रवेश करे?

घर के सबसे बड़े सदस्य दाहिने पैर से पहले प्रवेश करें। इसके बाद कोनों में गंगाजल छिड़कें और हर कक्ष में दीप जलाएँ।

व्यस्त NRI घर पर सरल गृह प्रवेश पूजा कैसे करें?

घर स्वच्छ कर मुख्य स्थान पर दीप जलाएँ और गणेश जी एवं देवी लक्ष्मी को पुष्प, फल, मिठाई अर्पित करें। दोनों मंत्र 11/21 बार जपें, फिर संक्षिप्त आरती कर मिठाई बाँटें।

कलश न हो या घर किराये का हो तो क्या गृह प्रवेश पूजा कर सकते हैं?

हाँ, कलश न हो तो छोटा चाँदी पात्र या गणेश-लक्ष्मी के चित्र प्रयोग कर सकते हैं। किराये के घर में भी सरल विधि मान्य है, और बच्चों को भी सम्मिलित करें।