
शिव-विष्णु मंदिर, लिवरमोर
शिव temple · Livermore, Alameda County, California, United States
Photo: Sanjay Acharya · CC BY-SA 3.0 · via Wikimedia Commons
शिव-विष्णु मंदिर, जिसे लिवरमोर मंदिर या लिवरमोर हिंदू मंदिर भी कहा जाता है, कैलिफ़ोर्निया के लिवरमोर में 1234 Arrowhead Avenue पर स्थित एक हिंदू मंदिर है, जो सैन फ़्रांसिस्को बे एरिया की ट्राई-वैली में आता है। इसका संचालन हिंदू कम्युनिटी एंड कल्चरल सेंटर (HCCC) करता है, और इसमें शिव और विष्णु के अलग-अलग मंदिर हैं (India Currents; The Independent)। दोनों की उपासना होने के कारण, यहाँ मंदिर को पहले देवता के रूप में शिव के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है, जबकि विष्णु भी उतने ही केंद्रीय हैं।
मंदिर की अपनी वेबसाइट मुख्य मंदिर में देवताओं की एक व्यापक सूची देती है, जिसमें गणेश, पार्वती, कार्तिकेय, लक्ष्मी, राधा-कृष्ण, राम-सीता, हनुमान और दुर्गा शामिल हैं, और HCCC को सभी हिंदू परंपराओं के भक्तों की सेवा करने वाली संस्था बताती है (HCCC)। KQED ने इसे बे एरिया के भारतीय अमेरिकी समुदाय का एक प्रमुख मिलन-स्थल बताया।
Faith & Tradition
Religious Significance of शिव-विष्णु मंदिर, लिवरमोर
The Independent इस मंदिर को संयुक्त राज्य अमेरिका के उन गिने-चुने मंदिरों में से एक बताता है जो द्वि-गर्भगृह रचना में शिव और विष्णु की उपासना को एक साथ जोड़ते हैं, और इसे लिवरमोर के हिंदू समुदाय का केंद्र कहता है। HCCC के अपने विवरण के अनुसार संस्था इसलिए बनी कि हिंदू पूजा कर सकें, धर्म का अध्ययन कर सकें और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर सकें, और वह पूजा के साथ-साथ मानव सेवा, युवा एवं शिक्षा, और सांस्कृतिक आयोजनों को भी सूचीबद्ध करती है (HCCC)।
KQED की 2013 की यात्रा में भारत के विभिन्न भागों से आए पुजारियों वाला एक अखिल-भारतीय श्रद्धालु-समुदाय मिला, और यह भी दर्ज हुआ कि वहाँ पूजा प्रायः गणेश से आरंभ होती है। सैन फ़्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने 2022 के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पर अपने एक नोट में मंदिर को 'बे एरिया में भारतीय समुदाय के लिए एक वरदान' कहा।
Heritage
History of शिव-विष्णु मंदिर, लिवरमोर
मंदिर की वेबसाइट के अनुसार, हिंदू कम्युनिटी एंड कल्चरल सेंटर का पंजीकरण 1977 में एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में हुआ, ताकि हिंदुओं को पूजा करने, धर्म का अध्ययन करने और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का स्थान मिले (HCCC)। The Independent जोड़ता है कि लिवरमोर का मंदिर स्वयं जुलाई 1986 में खुला, और India Currents भी यही कहता है कि यह पहली बार 1986 में खुला। अतः 1977 की तिथि संस्था से और 1986 मंदिर-भवन से संबंधित है।
मंदिर में महा कुंभाभिषेकम होता है, जिसे भारत का महावाणिज्य दूतावास और India Currents बारह वर्ष में एक बार होने वाला प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान बताते हैं। तीसरा अनुष्ठान 6 से 10 जुलाई 2022 को हुआ। India Currents ने बताया कि इसमें 250 से अधिक स्वयंसेवकों, 32 पुजारियों, तीन शिल्पियों (मूर्तिकारों), दो संगीतकारों और एक स्थपति (मंदिर-वास्तुकार) ने भाग लिया, कि योजना जनवरी 2021 में गंभीरता से शुरू हुई, और कि अनुमानतः 12,000 से 15,000 भक्त उपस्थित हुए।
उसी रिपोर्ट के अनुसार 2022 के कार्य में विमानों और राजगोपुरमों (मंदिर के शिखर और प्रवेश-गोपुर) पर, जो पहले पीतल के थे, सोने की परत चढ़ाई गई, दोनों ध्वजस्तंभों पर सोने की परत चढ़ाई गई, भारत से लाए गए नए काले ग्रेनाइट के आधार लगाए गए, मंदिरों का फ़र्श और प्रकाश-व्यवस्था नई की गई, और ग्यारह नई मूर्तियाँ स्थापित की गईं, जिनमें राम और चंडिकेश्वर हैं, साथ ही विष्णु मंदिर के लिए वराह और नरसिंह की नई मुख्य प्रतिमाएँ भी। शिव मंदिर के लिए एक नया योनि-आधार स्थापित किया गया (India Currents)। दूतावास ने कहा कि हज़ारों भक्त उपस्थित हुए।
Architecture and sacred features
मंदिर दक्षिण भारतीय शैली में बना है, जिसमें ऊँचा बहुमंज़िला प्रवेश-गोपुरम, लाल ईंटों की सभागार-दीवारें और अलग-अलग मंदिर-शिखर हैं, जैसा विकिमीडिया कॉमन्स के छायाचित्र में दिखता है। KQED ने मुख्य सभागार से उठते सफ़ेद, बारीक नक्काशीदार शिखरों का वर्णन किया। India Currents के अनुसार प्रत्येक मुख्य मंदिर का अपना ध्वजस्तंभ (ध्वज स्तंभम) है और दशकों में ईंटों के अधिकांश ढाँचे को जीर्णोद्धार की आवश्यकता पड़ी।
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Darshan and Visitor Information
मंदिर की वेबसाइट पर दैनिक और उत्सव-सेवाओं का कैलेंडर है, और एक नमूना कैलेंडर प्रविष्टि में सुबह से शाम तक मंदिर के खुलने का समय तथा मंदिर द्वारा सूचीबद्ध ब्रह्मोत्सवम और वैकुंठ एकादशी के आयोजन दिए गए हैं (अक्टूबर 2026 में देखा गया); दर्शन से पहले पुष्टि कर लें। दैनिक सटीक समय यहाँ प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
KQED ने बताया कि मंदिर में सारा भोजन शाकाहारी है और परिसर में मांस की अनुमति नहीं है। दर्शन से पहले वर्तमान पहनावे और फ़ोटोग्राफ़ी की व्यवस्था HCCC से पुष्ट कर लें।
Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with हिंदू कम्युनिटी एंड कल्चरल सेंटर (HCCC), गैर-लाभकारी संस्था (official website) before travelling. Last reviewed 30 October 2026.
Sacred Calendar
Festivals at शिव-विष्णु मंदिर, लिवरमोर
गणेश चतुर्थी
KQED ने मंदिर में दस दिन के गणेशोत्सव का वर्णन किया, जिसमें रसोइयों ने बड़ी मात्रा में लड्डू बनाए; मंदिर के कैलेंडर में गणेश चतुर्थी का बच्चों का कार्यक्रम भी सूचीबद्ध है।
शिव ब्रह्मोत्सवम और वैकुंठ एकादशी
मंदिर के कैलेंडर के आँकड़ों में शिव ब्रह्मोत्सवम के दिन और द्वार प्रवेशम अनुष्ठान सहित वैकुंठ एकादशी सूचीबद्ध हैं; तिथियाँ हर वर्ष बदलती हैं, इसलिए कैलेंडर देख लें।
दिवाली मेला
The Independent दिवाली मेले को मंदिर के सांस्कृतिक आयोजनों में सूचीबद्ध करता है।
Location
How to Reach शिव-विष्णु मंदिर, लिवरमोर
मंदिर अपना पता 1234 Arrowhead Avenue, Livermore, CA 94551 बताता है (HCCC)। लिवरमोर अलामेडा काउंटी में, बे एरिया के पूर्वी भाग में है। अधिकांश आगंतुक कार से आते हैं; पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन के विकल्प मंदिर की वेबसाइट या किसी ताज़ा यात्रा-योजना सेवा पर पुष्ट कर लें, क्योंकि देखे गए दोनों स्रोत इन्हें नहीं बताते।
निकटतम हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन मंदिर द्वारा नहीं बताए गए हैं और यहाँ उनकी पुष्टि नहीं की गई है।
Location: Livermore, Alameda County, California, United States
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Questions
शिव-विष्णु मंदिर, लिवरमोर: Frequently Asked Questions
लिवरमोर के शिव-विष्णु मंदिर में किन देवताओं की पूजा होती है?
शिव और विष्णु के अलग-अलग मंदिर हैं। मंदिर की सूची में मुख्य मंदिर में गणेश, पार्वती, कार्तिकेय, लक्ष्मी, राधा-कृष्ण, राम-सीता, हनुमान, दुर्गा और अन्य देवता भी शामिल हैं।
मंदिर की स्थापना कब हुई?
मंदिर की वेबसाइट और The Independent के अनुसार, हिंदू कम्युनिटी एंड कल्चरल सेंटर का पंजीकरण 1977 में हुआ और मंदिर जुलाई 1986 में खुला।
मंदिर कहाँ है?
मंदिर अपना पता 1234 Arrowhead Avenue, Livermore, CA 94551 बताता है। यात्रा से पहले मार्ग और पार्किंग की जानकारी मंदिर से पुष्ट कर लें।
यहाँ महा कुंभाभिषेकम क्या है?
यह लगभग बारह वर्ष में एक बार होने वाला प्राण-प्रतिष्ठा का अनुष्ठान है। India Currents के अनुसार, तीसरा अनुष्ठान 6 से 10 जुलाई 2022 को हुआ, जिसमें नई मूर्तियाँ स्थापित हुईं और शिखरों पर सोने की परत चढ़ाई गई।
क्या मंदिर में भोजन मिलता है?
KQED ने दो बड़ी रसोइयों और पूर्णतः शाकाहारी भोजन की सूचना दी थी, जिसमें भोजन पहले देवताओं को अर्पित किया जाता है। वर्तमान भोजन-सेवा यहाँ पुष्ट नहीं है; मंदिर से पूछ लें।
मंदिर का संचालन कौन करता है?
हिंदू कम्युनिटी एंड कल्चरल सेंटर (HCCC), एक गैर-लाभकारी संस्था, जो स्वास्थ्य मेले और योग जैसे सामुदायिक कार्यक्रम भी चलाती है, The Independent के अनुसार।
Sources and attribution
- Hindu Community and Cultural Center — Hindu Community and Cultural Center - Livermore Temple (home, About, deity list)
- The Independent (Livermore) — Livermore's Shiva-Vishnu Temple to host 39th anniversary celebration (10 July 2025)
- India Currents — Thousands Of Devotees Celebrate Third Maha Kumbhabhishekam At Livermore Hindu Temple (9 Aug 2022)
- KQED — Serving Up a Holy Feast at the Shiva-Vishnu Temple (2013)
- Consulate General of India, San Francisco — Consul General at 3rd Maha Kumbhabhishekam, Shiva Vishnu Temple, Livermore (13 July 2022)
- Wikimedia Commons — File:Sa livermore temple.jpg
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