
श्री श्रीनिवास पेरुमल मंदिर, सिंगापुर
विष्णु temple · Singapore, Little India (Kallang planning area), Central
Photo: GoAheadFan95 · CC BY-SA 4.0 · via Wikimedia Commons
श्री श्रीनिवास पेरुमाल मंदिर सिंगापुर के लिटिल इंडिया में 397 सेरंगून रोड पर स्थित विष्णु का मंदिर है। इसके प्रमुख देवता श्री श्रीनिवास पेरुमाल हैं, जो विष्णु का एक रूप हैं, और यह मंदिर एक राष्ट्रीय स्मारक है (Roots.gov.sg)। इसका संचालन हिंदू एंडोमेंट्स बोर्ड करता है (श्री श्रीनिवास पेरुमाल मंदिर)।
सिंगापुर में बहुत से लोग इसे उस स्थान के रूप में जानते हैं जहाँ से वार्षिक थाईपूसम जुलूस शुरू होता है: श्रद्धालु यहीं से कावड़ी और दूध के घड़े लेकर तंक रोड पर स्थित श्री थेंडायुथापानी मंदिर तक जाते हैं (Roots.gov.sg)।
Faith & Tradition
Religious Significance of श्री श्रीनिवास पेरुमल मंदिर, सिंगापुर
यह मंदिर सिंगापुर में वैष्णव उपासना का केंद्र है। इसके मुख्य गर्भगृह में श्रीनिवास पेरुमाल विराजमान हैं, दोनों ओर लक्ष्मी और आंडाल के मंदिर हैं, और हनुमान (आंजनेयर) तथा गणेश की भी पूजा होती है (Roots.gov.sg)। मंदिर अपने उत्सवों में ब्रह्मोत्सवम, वैकुंठ एकादशी और पुरट्टासी शनिवार गिनाता है (श्री श्रीनिवास पेरुमाल मंदिर)।
यद्यपि यह विष्णु का मंदिर है, फिर भी यह मुरुगन के उत्सव थाईपूसम में भूमिका निभाता है। Roots.gov.sg का पृष्ठ उस सड़क-जुलूस का वर्णन करता है जिसमें श्रद्धालु आभार प्रकट करने या मनोकामना के लिए कावड़ी और पाल कुडम उठाते हैं, और 2018 के पुनर्प्रतिष्ठापन पर Swarajya की रिपोर्ट भी इस मंदिर को सिंगापुर के वार्षिक थाईपूसम जुलूस का आरंभ-स्थल बताती है।
Heritage
History of श्री श्रीनिवास पेरुमल मंदिर, सिंगापुर
Roots.gov.sg के अनुसार भारतीय समुदाय के नेताओं ने 1851 में ईस्ट इंडिया कंपनी से यह भूमि 26 रुपये और 8 आने में खरीदी, और वहाँ 1855 में विष्णु के अवतार नरसिंह पेरुमाल का मंदिर बनाया गया। इसकी Roots कथा में संस्थापकों के नाम अरुणाचल पिल्लै, कूटपेरुमाल पिल्लै, रामसामी पिल्लै, अप्पासामी पिल्लै, चोक्कलिंगम पिल्लै और रामसामी जमींदार बताए गए हैं। निर्माण की तिथि पर स्रोतों में भिन्नता है: मंदिर का अपना इतिहास-पृष्ठ मूल नरसिंग पेरुमाल कोविल के लिए 1885 बताता है, और 2018 की Swarajya रिपोर्ट 1854। यह पृष्ठ सरकारी विरासत स्रोत (1855) का अनुसरण करता है।
महोमेडन एंड हिंदू एंडोमेंट बोर्ड ने 1907 में मंदिर का प्रबंधन संभाला (Roots.gov.sg; मंदिर का इतिहास-पृष्ठ भी यही वर्ष देता है)। 1932 तक पुरानी इमारत को तत्काल मरम्मत की आवश्यकता थी और देवताओं को एक अस्थायी लकड़ी के मंदिर में स्थानांतरित किया गया; पुनर्निर्माण की योजनाएँ 1952 में शुरू हुईं (Roots.gov.sg)। पी. गोविंदसामी पिल्लै के दान से बना विवाह-भवन 19 June 1965 को तत्कालीन यांग दी-पेर्तुआन नेगारा यूसुफ़ बिन इशाक द्वारा खोला गया (Roots.gov.sg)।
पुनर्निर्मित मंदिर 1966 में पूरा हुआ। तब मुख्य देवता नरसिंह पेरुमाल से बदलकर श्रीनिवास पेरुमाल हो गए और मंदिर को उसका वर्तमान नाम मिला (Roots.gov.sg; श्री श्रीनिवास पेरुमाल मंदिर)। Roots.gov.sg के पृष्ठ के शीर्षक में 'rebuilt: 1970s' लिखा है जबकि उसका पाठ 1966 कहता है, इसलिए यहाँ 1966 लिया गया है। मंदिर का इतिहास-पृष्ठ कहता है कि इसे 1978 में राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया।
2017 और 2018 के दौरान एक बड़ा जीर्णोद्धार चला, जिसमें भारत से आए संरक्षण विशेषज्ञों ने पारंपरिक रखरखाव की विधियाँ साझा कीं, जैसे गोपुरम पर उगे खरपतवार के लिए हल्दी, हींग और चूने का लेप, और कीटों तथा सड़न के विरुद्ध बोरिक एसिड (Roots.gov.sg)। पुनर्प्रतिष्ठापन 22 April 2018 को हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री ली सीन लूंग उपस्थित थे; Swarajya ने The Straits Times के हवाले से लगभग 40,000 श्रद्धालुओं और S$4.5 million की नवीनीकरण लागत की सूचना दी। अन्य रिपोर्टें लगभग S$4 million बताती हैं, इसलिए यहाँ लागत को निश्चित रूप में नहीं दिया गया है।
Architecture and sacred features
मंदिर पारंपरिक दक्षिण भारतीय शैली में है। इसके पाँच-तल वाले गोपुरम पर विष्णु के अवतारों और अन्य देवताओं की आकृतियाँ तथा पुष्प और अमूर्त अलंकरण हैं, और मंडपम में उभरी हुई नक्काशी और रंगीन गोलाकार मंडल हैं। मुख्य गर्भगृह में केवल पुजारी प्रवेश करते हैं और उसके दोनों ओर दो द्वारपालक हैं; प्रत्येक गर्भगृह के ऊपर सजा हुआ विमानम है (Roots.gov.sg)। मंदिर का इतिहास-पृष्ठ कहता है कि भव्य प्रवेश-मीनार (राजगोपुरम) 1979 में गोविंदसामी पिल्लै के दान से जोड़ी गई; अन्य स्रोत अलग तिथियाँ देते हैं, इसलिए यहाँ वर्ष को अनिश्चित छोड़ा गया है।
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Darshan and Visitor Information
मंदिर की वेबसाइट सुबह का समय 6:00 am से 12:00 pm और शाम का समय 6:00 pm से 9:00 pm बताती है, जैसा मंदिर ने सूचीबद्ध किया है (अक्टूबर 2026 में देखा गया); जाने से पहले पुष्टि कर लें। यह मंदिर-शिष्टाचार, अर्चना बुकिंग और कार्यक्रम-कैलेंडर के पृष्ठों से भी जुड़ती है, इसलिए जाने से पहले वे पृष्ठ देखें और वर्तमान व्यवस्था की पुष्टि मंदिर या हिंदू एंडोमेंट्स बोर्ड से कर लें।
Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with हिंदू एंडोमेंट्स बोर्ड (official website) before travelling. Last reviewed 30 October 2026.
Sacred Calendar
Festivals at श्री श्रीनिवास पेरुमल मंदिर, सिंगापुर
थाईपूसम जुलूस
तंक रोड पर स्थित श्री थेंडायुथापानी मंदिर तक जाने वाला थाईपूसम जुलूस इसी मंदिर से शुरू होता है (Roots.gov.sg)।
ब्रह्मोत्सवम
मंदिर के इतिहास-पृष्ठ पर उत्सवों में सूचीबद्ध; तिथियाँ मंदिर के कार्यक्रम-कैलेंडर पर हैं।
वैकुंठ एकादशी
मंदिर के इतिहास-पृष्ठ पर उसके उत्सवों में सूचीबद्ध।
पुरट्टासी शनिवार
मंदिर के इतिहास-पृष्ठ पर उसके उत्सवों में पुरट्टासी सनि के रूप में सूचीबद्ध।
Location
How to Reach श्री श्रीनिवास पेरुमल मंदिर, सिंगापुर
मंदिर लिटिल इंडिया में 397 सेरंगून रोड, सिंगापुर 218123 पर है (श्री श्रीनिवास पेरुमाल मंदिर; Roots.gov.sg)। चांगी हवाई अड्डा सिंगापुर का मुख्य हवाई अड्डा है। Wikipedia के अनुसार नॉर्थ ईस्ट लाइन पर फैरर पार्क एमआरटी स्टेशन पैदल दूरी पर है; वर्तमान मार्गों के लिए यात्रा-योजना सेवा देखें।
Location: Singapore, Little India (Kallang planning area), Central
Nearest airport: सिंगापुर चांगी हवाई अड्डा
Nearest railway station: फैरर पार्क एमआरटी स्टेशन (नॉर्थ ईस्ट लाइन)
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Questions
श्री श्रीनिवास पेरुमल मंदिर, सिंगापुर: Frequently Asked Questions
श्री श्रीनिवास पेरुमाल मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
मुख्य देवता श्री श्रीनिवास पेरुमाल हैं, जो विष्णु का एक रूप हैं। मुख्य गर्भगृह के दोनों ओर लक्ष्मी और आंडाल के मंदिर हैं (Roots.gov.sg)।
मंदिर कहाँ है?
397 सेरंगून रोड, सिंगापुर 218123, लिटिल इंडिया में (मंदिर की वेबसाइट; Roots.gov.sg)।
क्या यह राष्ट्रीय स्मारक है?
हाँ। Roots.gov.sg इसे राष्ट्रीय स्मारक के रूप में सूचीबद्ध करता है, और मंदिर के अनुसार इसे 1978 में यह दर्जा दिया गया था।
यह थाईपूसम से क्यों जुड़ा है?
तंक रोड पर स्थित श्री थेंडायुथापानी मंदिर तक निकलने वाला वार्षिक थाईपूसम जुलूस यहीं से शुरू होता है, जिसमें श्रद्धालु कावड़ी और दूध के घड़े उठाते हैं (Roots.gov.sg)।
मंदिर कब बना?
भूमि 1851 में खरीदी गई और Roots.gov.sg पहले मंदिर का समय 1855 बताता है। मंदिर का अपना पृष्ठ 1885 कहता है और Swarajya 1854, इसलिए स्रोतों में भिन्नता है। पुनर्निर्मित मंदिर 1966 में पूरा हुआ।
इसका पिछला पुनर्प्रतिष्ठापन (पुनः कुंभाभिषेक) कब हुआ?
22 April 2018 को, जीर्णोद्धार के बाद, जिसमें प्रधानमंत्री उपस्थित थे (Swarajya, The Straits Times के हवाले से; जीर्णोद्धार पर Roots.gov.sg)।
दर्शन का समय क्या है?
मंदिर द्वारा सूचीबद्ध समय (अक्टूबर 2026 में देखा गया): सुबह 6:00 am से 12:00 pm और शाम 6:00 pm से 9:00 pm। जाने से पहले पुष्टि कर लें।
Sources and attribution
- Roots.gov.sg (National Heritage Board) — Sri Srinivasa Perumal Temple (National Monument)
- Roots.gov.sg (National Heritage Board) — Sri Srinivasa Perumal Temple: Traditional, Natural Methods for Maintenance
- Swarajya — Singapore PM leads 164-year-old temple's reconsecration ceremony with 40,000 devotees
- Wikipedia — Sri Srinivasa Perumal Temple (Wikipedia, coordinates and MRT access)
- Sri Srinivasa Perumal Temple / Hindu Endowments Board — Temple History
- Sri Srinivasa Perumal Temple / Hindu Endowments Board — Sri Srinivasa Perumal Temple home page
- Wikimedia Commons — File:Sri Srinivasa Perumal Temple, August 2025.jpg
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